बुरहानपुर। प्रदेश सरकार द्वारा कमिश्नर सिस्टम लागू किए जाने के विरोध में राजस्व विभाग के अधिकारियों ने गुरुवार को कलेक्टर प्रवीणसिंह को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में उक्त सिस्टम से होने वाली विविध समस्याओं पर ध्यान आकर्षित कराया गया। इस दौरान एडीएम शैलेंद्रसिंह सोलंकी, एसडीएम केआर बड़ोले, डिप्टी कलेक्टर हेमलता सोलंकी सहित अन्य अफसर मौजूद थे।

आदिवासी छात्रावास जल्द खोलने की मांग

बुरहानपुर। गुरुवार को जिले के सभी छात्रावासों में नवीन प्रवेश कराने के लिए आदिवासी छात्र संगठन द्वारा कलेक्टर प्रवीण सिंह को ज्ञापन दिया गया। उन्होंने जल्द समस्या का निराकरण करने की मांग की। आदिवासी संगठन के जिला अध्यक्ष विजय धारवे ने बताया कि कोरोना काल के भयावह दौर से हम सभी उबर चुके हैं। सभी गतिविधियां सुचारू रूप से संचालित हो रही है, परंतु पिछले दो वर्षों से सभी छात्रावास बंद पड़े हैं। नवीन प्रवेश भी नहीं हुए हैं। ऐसी परिस्थिति में सभी छात्रावास खाली पड़े हुए हैं। इसलिए छात्रावासों को जल्द चालू करना चाहिए। इस दौरान राकेश चौकसे, राकेश बरडे, विजय तालोडे, प्रांती जामुनकर, रूपा वास्कले, सोनू बडोले सहित अन्य मौजूद थे।

जिला अस्पताल में बढ़ रही मौसमी बीमारियों के मरीजों की संख्या

बुरहानपुर। जिला अस्पताल में मौसमी बीमारियों से पीड़ित मरीजों की संख्या में तेजी आ गई है। इस कारण मेडिकल वार्ड क्षमता से अधिक भर गया है। अब मरीजों को अपना इलाज कराने के लिए जमीन पर दरी लेकर लेटना पड़ रहा है। मेडिकल वार्ड में 80 से ज्यादा मरीजों को रखा जाता है, लेकिन यहां अब 100 मरीज हैं।

जिला अस्पताल में अव्यवस्था से परेशान मरीजों के अंटेडर खुद अपने मरीज को स्ट्रेचर पर बिठाकर डाक्टर के चेंबर तक ले जा रहे हैं। अशोक कुरील ने बताया कि पिछले दो दिन से अपनी मां को जिला अस्पताल में पेट की समस्या के लिए भर्ती कराया है, लेकिन न तो कोई डाक्टर समय पर आ रहा है और न ही कोई नर्स देखने आती है। मरीज दर्द से काफी परेशान हो रहे हैं। जब हमने दूसरे अस्पताल जाने को कहा तो वार्ड बाय ने स्टैचर लाकर दे दिया और कहा ले जाओ।

तुकईथड़ संच मासिक बैठक शनिवार से

डोईफोड़िया। एकल विद्यालय अभियान के तहत तुकईथड़ संच की मासिक बैठक शनिवार और रविवार को दो दिवसीय होगी। यह बैठक सरस्वती शिशु मंदिर प्रांगण में अंचल गतिविधि प्रमुख रोहिदास चौहान और संच प्रमुख नंदकिशोर गौतम के नेतृत्व में होगी। इस बीच उद्घोष क्रांति के प्रश्न उतर कैसे भरना यह सिखाया जाएगा। एकल विद्यालय की शिक्षकों द्वारा 6 से 14 वर्ष के बच्चों को संस्कारिक शिक्षा दी जा रही है। जो एक नए संस्कार युक्त राष्ट्र का निर्माण कर रही है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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