बुरहानपुर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। लालबाग थानाक्षेत्र के पातोंडा गांव के गरीबों से वित्तीय लेनदेन कर लाखों रुपये हड़पने के आरोपित भीका मरदाने ने बुधवार को खुदकुशी कर ली। जमाकर्ताओं की शिकायत पर दो दिन पहले ही पुलिस ने उसके खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया था। माना जा रहा है कि गिरफ्तारी और बदनामी के डर से ही उसने यह कदम उठाया है।

लालबाग थाना प्रभारी हेमेंद्र चौहान ने बताया कि पातोंडा के किरण कुमार सहित आठ से दस लोगों ने गत दिनों लिखित शिकायत देकर बताया था कि भीका मरदाने बैंक में फिक्स डिपाजिट के जरिए ज्यादा ब्याज दिलाने के नाम पर गांव के गरीबों से रोजाना और मासिक किस्त में राशि एकत्र करता था। इसके लिए उसने अभिनव महिला विकास सहाकारी समिति भी बना रखी थी।

लालबाग थाने में की शिकायत

अनुमान है कि पातोंडा व आसपास के गांवों से उसने करीब 50 लाख रुपये से ज्यादा की राशि एकत्र की, लेकिन उसे बैंक में जमा नहीं कराया। एक साल बाद मैच्योरिटी होने पर जब लोगों ने अपनी रकम मांगनी शुरू की और बैंक में पता किया तो राशि हड़पने का खुलासा हुआ। इसके बाद उन्होंने लालबाग थाने में शिकायत दी थी। शिकायतकर्ता किरण कुमार के मुताबिक अकेले उसके परिवार के ही चार लाख रुपये उसने लिए थे। उनके मुताबिक अधिकांश जमाकर्ता बेहद गरीब परिस्थिति के हैं। इनमें श्रमिक व अन्य लोग शामिल हैं। आरोपित द्वारा खुदकुशी करने के बाद उनकी रकम वापसी की उम्मीद भी खत्म हो गई है।

शिकायतों के आधार पर नेपानगर थाना प्रभारी लाइन अटैच

नेपानगर। एसपी राहुल कुमार लोढ़ा ने शिकायतों के आधार पर नेपानगर थाना प्रभारी लक्ष्‌मणसिंह लौवंशी को एक दिन पहले लाइन अटैच कर दिया। बताया जा रहा है कि कुछ लोगों ने टीआइ की शिकायत की थी। इसके बाद मंगलवार को लौवंशी को लाइन अटैच कर उनके स्थान पर थाने में ही पदस्थ सतीष धुर्वे को थाना प्रभारी का प्रभार सौंपा गया है। एसडीओपी यशपाल सिंह ठाकुर ने बताया कि एसपी ने एक दिन पहले शिकायत के आधार पर थाना प्रभारी को लाइन अटैच किया है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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