नेपानगर (नईदुनिया न्यूज)। वन विभाग के एसडीओ अनिल विश्वकर्मा द्वज्ञरा गत 15 मई को बाकड़ी और सागफाटा क्षेत्र से दो ट्रेक्टर जब्त किए गए थे। रात के समय इन ट्रेक्टरों से बिना अनुमति वनभूमि पर जुताई की जा रही थी। इस कार्रवाई को लेकर ट्रैक्टर मालिकों ने थाने में भी शिकायत की थी। आदिवासियों का कहना था कि उक्त भूमि पर पुराने दावे लगे हुए हैं लेकिन वन विभाग ने पट्टे नहीं दिए। एक दिन पहले कुछ अतिक्रमणकारियों ने तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर नगर में रैली और धरना प्रदर्शन की अनुमति मांगी थी। तहसीलदार ने रैली की अनुमति तो दे दी है लेकिन धरना प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गई है। आंदोलन की चेतावनी देने वाले कुछ लोगों को रविवार दोपहर नेपानगर थाने बुला कर तहसीलदार सुंदरलाल ठाकुर व टीआई राजेंद्र इंगले ने चर्चा भी की लेकिन अतिक्रमणकारी आंदोलन पर अड़े हुए हैं। सोमवार को नेपानगर में अतिक्रमणकारी रैली निकालेंगे। उनकी मांग है कि हमें पट्टे दिए जाएं। साथ ही वन विभाग ने जो कार्रवाई की है उसे वापस लिया जाए। इस पर तहसीलदार सुंदरलाल ठाकुर ने वन विभाग एसडीओ अनिल विष्वकर्मा से चर्चा कर कोई हल निकालने के लिए भी कहा है। अतिक्रमणकारियों ने चेताया है कि अगर प्रकरण का निराकरण नहीं किया गया और पट्टे नहीं दिए गए तो नेपानगर में धरना प्रदर्शन किया जाएगा।

यह है पूरा मामला

गत 15 मई की रात गश्त के दौरान बाकड़ी और सागफाटा वन क्षेत्र में अवैध रूप से जुताई करते हुए दो ट्रैक्टर नजर आए थे। वन विभाग की टीम पट्टा मांगा गया, लेकिन चालक के पास नहीं था। वाहन चालक ने अपनी गलती स्वीकार की और मामला रफादफा करने की गुहार लगाने लगा। गश्ती दल के अफसरों ने विधिवत दोनों ट्रेक्टर जब्त किए। इस कार्रवाई से आहत जुताई करने वाले लोगों ने वन अफसरों, कर्मचारियों की शिकायत की। संतोष पिता नानला निवासी बाकड़ी और राजकुमार पिता गना निवासी बाकड़ी ने नेपानगर थाने में शिकायत की है कि एसडीओ अनिल विष्वकर्मा, बीट गार्ड मांडवा प्रताप चौहान, अनिल ब्राम्हणे और संतोष द्वारा मारपीट कर जातिसूचक शब्द कहे। शिकायत में कहा कि जब बाकड़ी से सीवल ट्रेक्टर में वेल्डिंग और स्प्रिंग का काम कराने जा रहे थे तब वन अफसर, बीट गार्ड ने वाहन सामने अड़ा दिया और जातिसूचक शब्द कहे। साथ ही मारपीट कर अपनी गाड़ी में बैठा लिया और ट्रेक्टर भी साथ ले गए। हमें हसनपुरा चौकी ले गए। एक दिन वहां रखा और 17 मई को छोड़ दिया। वहीं इस मामले में वन विभाग ने तब आरोपी महेंद्र परसराम निवासी सागफाटा और संतोष नांदलाए षरत कुमार गना के खिलाफ वन अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया था।

कुछ लोगों ने रैली निकालने और आंदोलन की अनुमति मांगी थी। रैली की अनुमति देने से पहले उन्हें बुलाकर समझाइश दी गई है। वन विभाग के एसडीओ से भी चर्चा की है। उन्होंने समस्या का कोई न कोई हल निकालने की बात कही है। - सुंदरलाल ठाकुर, तहसीलदार नेपानगर।

Posted By: Nai Dunia News Network

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