युवराज गुप्ता, बुरहानपुर (नईदुनिया)। Valentine Day Special प्रेम का दायरा बहुत बड़ा है। कुछ बिरले लोग भी हैं जो पेड़-पौधे, माता-पिता और बेसहारा बुजुर्गों को ही अपना वैलेंटाइन मानते हैं। बुरहानपुर के लालबाग निवासी संजयसिंह शिंदे रोज शहर के अलग-अलग इलाकों में रहने वाले 200 बुजुर्गों तक पहुंचते हैं और उन्हें भोजन के साथ ही फू ल, चॉकलेट व मिठाई देकर उनके हालचाल जानते हैं।

ये 200 बेसहारा बुजुर्ग अब उनके जीवन का हिस्सा बन गए हैं। प्रतिदिन इनके पास पहुंचकर इन्हें टिफिन के साथ खुशियां देने का सिलसिला निरंतर जारी है। बुजुर्गों को भी रोजाना सुबह उनका इंतजार रहता है। इनमें दो मानसिक रूप से कमजोर दिव्यांग भी शामिल हैं। शिंदे की पहल पर उनके सहयोगी रोटी बैंक चला रहे हैं, जिसके माध्यम से 200 लोगों का रोजाना भोजन बनता है और उन्हें घर तक भिजवाया जाता है।

शिंदे ने बताया कि 60 वर्ष से ऊपर की उम्र के इन बुजुर्गों में ही मुझे अपना ईश्वर और सही प्रेम दिखाई देता है। बुजुर्गों के रूप में ईश्वर की पूजा व भक्ति हो जाती है। रोटी बैंक के माध्यम जरूरतमंदों को रोटी के लिए कहीं जाना नहीं पड़ता बल्कि रोटी खुद उनके पास पहुंच जाती है। सुबह आठ बजे से दोपहर दो बजे तक इनसे जीवंत संपर्क साधकर हाल जानना उनकी दिनचर्या में शामिल हो गया है। एक ऑटो के माध्यम से इन तक पहुंचते हैं।

सहयोग से चल रहा रोटी बैंक

रोटी बैंक का संचालन शिंदे द्वारा अपने अन्य सहयोगियों की मदद से कि या जा रहा है। गरीब बुजुर्गों को भोजन देने के इस अभियान में शहर के सामाजिक संगठन, व्यापारी व समाजसेवियों द्वारा अनाज व अन्य वस्तुएं देने का सहयोग कि या जा रहा है। सुबह सात बजे से भोजन तैयार कर साढ़े आठ बजे से बांटने का सिलसिला शुरू हो जाता है। 200 टिफिन एक ऑटो की मदद से बुजुर्गों के घरों तक पहुंचाया जाता है।

Posted By: Hemant Upadhyay

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