छतरपुर। शनिवार को मौसम में अचानक परिवर्तन देखने को मिला। सुबह से सूर्यदेव नजर आए फिर दिनभर आसमान में बादल छाए रहे। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के पूर्वी मध्य क्षेत्र पर एक ऊपरी हवा का चक्रवात बना हुआ है। इस सिस्टम के कारण प्रदेश के पूर्वी और दक्षिणी इलाकों में बरसात की संभावना बन रही है। इसी के चलते शनिवार को छतरपुर में बादल छाए रहे। मौसम विभाग का मानना है कि ऊपरी हवा का चक्रवात बना रहने के साथ ही अरब सागर से भी कुछ नमी मिल रही है। इससे प्रदेश के पूर्वी, दक्षिणी भाग में बादल छाने लगे हैं। साथ ही हल्की बौछारें पड़ने के भी आसार बढ़ गए हैं।

नोट - फोटो 04 का केप्सन है -

छतरपुर। बादलों की ओट में सुबह से सूर्यदेव का नजारा।

युवक ने घर के पीछे पेड़ पर लगाई फांसी

छतरपुर। चंदला थाने के ग्राम छपरा में कल रात शिवसागर राजपूत पुत्र लखन लाल राजपूत ने अपने ही घर के पीछे लगे बबूल के पेड़ पर रस्सी से फांसी लगा ली। जब तक घर के लोगों को इसकी जानकारी हुई तब तक शिवसागर की मौत हो चुकी थी। कोई भी साधन न होने के कारण मृतक के परिजनों ने शनिवार सुबह 8 बजे थाना चंदला में आकर घटना की सूचना दी। जिस पर पुलिस ने धारा 174 के तहत मुकदमा दर्ज कर आत्महत्या के कारणों की जांच शुरू कर दी है।

मछुआरों को समझाईं शासन की योजनाएं

- बेनीसागर बांध प्रक्षेत्र में मछुआरों को दिया प्रशिक्षण

बमीठा। जिला पंचायत अध्यक्ष कलावती अनुरागी के मुख्यातिथ्य में सात दिवसीय प्रशिक्षण का समापन बेनीसागर बांध प्रक्षेत्र में सम्पन्न हुआ।

मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विभाग द्वारा जिला स्तरीय पांच दिवसीय मछुआ प्रशिक्षण कार्यक्रम एवं 2 दिवसीय अध्ययन कार्यक्रम 13 से 19 अक्टूबर तक चला जिसमें जिले भर से 144 मछुआ प्रशिक्षणार्थी शामिल हुए। जिन्हें तेजी से बढ़ने वाली मछली के बारे में बताया गया। साथ ही मछली के अलावा जैसे बतख पालन, मुर्गी पालन की भी जानकारी दी गई। मत्स्य अधिकारियों ने मछुआरों को शासन की लाभकारी योजनाओं की जानकारी दी। इस मौके पर एसबी सिंह उपसंचालक मत्स्य, चकेश खरे प्रशिक्षण प्रभारी, केके गुप्ता, देशराज पटेल, संजय खरे, एनआर अहिरवार, संजय साहू, मयंक मिश्रा, ऋचा अवस्थी के अलावा विभागीय अधिकारी, क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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बमीठा। प्रशिक्षण के समापन पर मौजूद अतिथि।

केन नदी में फिर रेत खनन शुरू, दबंगई में हुई फायरिंग

छतरपुर। बारिस के बाद मौसम सामान्य होने पर रेत माफियाओं की चहलकदमी फिर शुरू हो गई है। केन नदी के किनारे कई वैध और अवैध डंप संचालित किए जा रहे हैं तो वहीं अपना दबदबा कायम रखने के लिए तोड़फोड़ और फायरिंग जैसी घटनाएं सामने आने लगी हैं। पुलिस ऐसी घटनाओं से भले ही इनकार कर रही है, लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल हुए फोटो और घटनाक्रम में कहीं न कहीं सच्चाई सामने आ रही है।

प्रदेश की कांग्रेस सरकार रेत के उत्खनन को लेकर नई नीति लाकर उन्हें ठेके पर दिए जाने की तैयारी कर रही है, लेकिन इसके पहले ही चंदला और गौरिहार अंचल में रेत के कारोबारी सक्रिय बने हुए हैं। यहां खनिज विभाग से मिली स्वीकृति के तहत कई रेत के डंप अभी संचालित हो रहे हैं तो कई किसानों की निजी भूमि पर भी डंप रखकर रेत का परिवहन किया जा रहा है। जहां आए दिन विवाद सामने आ रहे हैं। शनिवार को गौरिहार थाना क्षेत्र की परेई रेत खदान के नजदीक डंप का विवाद सोशल मीडिया पर सामने आया है। गौरिहार थाना पुलिस ऐसी घटना से साफ इनकार कर रही है जबकि सोशल मीडिया पर डंप से रेत के परिवहन को लेकर विवाद तेजी से सामने आया है। बताते हैं कि कांग्रेस के एक पदाधिकारी, बांदा का एक रेत कारोबारी अपने साथियों समेत हथियारों से लैस होकर आधी रात को परेई रेत खदान के निकट एक डंप पर पहुंचा। जहां न सिर्फ डंप पर रहने वाले कर्मचारियों से मारपीट की गई, बल्कि वाहनों में भी तोड़फोड़ कर 40 हजार रुपए, 2 एटीएम कार्ड, बैग, सिलेंडर और 2 लैपटॉप छीने गए। बताते हैं कि यहां उत्तरप्रदेश के बदमाशों के साथ कांग्रेस के कथित नेताओं ने फायरिंग की घटना को अंजाम दिया। बालू के ट्रक निकासी को लेकर हुए विवाद की जानकारी पुलिस को नहीं है। गौरिहार थाना पुलिस ने इस घटना से इनकार किया है।

जंगल, नदियों के लिए खतरा बना नई पद्धति से रेत बनाना

बमीठा। रेत के कारोबार में भारी लाभ कमाने के लिए रेत माफिया एक नई पद्धति को इजाद कर जंगल, नदियों का अस्तित्व खत्म करने में जुट गए हैं। यहां नई पद्धति से रेत का निर्माण किया जा रहा है, जो पर्यावरण के लिए भारी खतरा साबित होगी। प्राप्त जानकारी के अनुसार बमीठा थाना क्षेत्र के ग्राम झमटुली, दिदोनिया, सतना, गढ़ा, देवगांव, ओंटापुरवा, कटारा, वरद्वहा में जंगल की जमीन से मुरम खोदकर पानी से धोकर रेत बनाई जा रही है। नदियों के किनारे की मिट्टी खोदकर पानी से धोकर रेत बनाए जाने से पर्यावरण नष्ट होने का खतरा बन रहा है। रेत माफियाओं के इस काम पर प्रशासनिक अधिकारी मौन हैं। क्षेत्रीय ग्रामीणों का कहना है कि यदि नदियों के किनारे की मिट्टी और जंगल की जमीन की मुरम की खुदाई को नहीं रोका गया तो आने वाले समय में इस क्षेत्र में न जंगल रहेंगे न नदियां। जिससे पर्यावरण का संतुलन बिगड़ जाएगा। ग्रामीण बताते हैं कि रोज इस क्षेत्र में सैकड़ों ट्रैक्टर ट्रॉली मिट्टी, मुरम पानी से धोकर रेत बनाई जाती है और रात होते ही ट्रकों में लादकर सतना सप्लाई की जा रही है। जबकि इस क्षेत्र में रेत की एक भी खदान वैध तरीके से स्वीकृत नहीं है। इसके बावजूद यहां रोजाना रात को लगभग 30 ट्रक लोड होते हैं।

इनका कहना है

यहां कोई फायरिंग नहीं हुई है और न ही कोई रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। कुछ लोग अवैध तरीके से रेत का कारोबार करने के लिए इस तरह विवाद की स्थितियां निर्मित कर रहे हैं।

विनायक शुक्ला

थाना प्रभारी, गौरिहार

गौरिहार अंचल में कई लोगों के निजी भूमि पर वैध डंप है। इस तरह की कोई घटना की जानकारी नहीं मिली है।

अमित मिश्रा

जिला खनिज अधिकारी, छतरपुर

नोट - फोटो 06, 07 एवं 08 का केप्सन है -

छतरपुर। डंप में जमीन पर पड़ा कंपनी का बोर्ड।

छतरपुर। वाहन में हुई तोड़फोड़।

बमीठा। रेत लेकर निकल रहे ट्रैक्टर।

लोधिनपुरवा में हुई हत्या के आरोपित 24 घंटे में गिरफ्तार

गौरिहार। थानांतर्गत लोधिनपुरवा में जमीन संबंधी विवाद के दौरान हुई धन्नीराम राजपूत की हत्या के आरोपितों को 24 घंटे के अंदर गिरफ्तार करने में गौरिहार पुलिस को सफलता मिली है।

शुक्रवार की सुबह करीब 9 बजे जमीन में कब्जा को लेकर लोधिनपुरवा निवासी दो राजपूत परिवारों के बीच हुआ विवाद खूनी संघर्ष में तब्दील हो गया था। विवाद में दोनों पक्षों ने एक दूसरे पर जमकर लाठी-डंडे और धारदार हथियारों से हमला किया था। इस दौरान एक पक्ष के 40 वर्षीय धन्नीराम उर्फ धन्नी राजपूत की मौके पर ही मौत हो गई थी। धन्नी के मौत के बाद पुलिस टीम के पहुंचने के पहले ही हत्या के आरोपित मौके से फरार हो गए थे। घटना की जानकारी मिलते ही गौरिहार थाना प्रभारी विनायक शुक्ला ने पुलिस बल के साथ घटना स्थल पर पहुंचकर विवाद को शांत कराया और मौके पर पड़े घायलों को इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गौरिहार पहुंचाया। जहां पर चिकित्सक आलोग त्यागी ने परीक्षण के उपरांत धन्नीराम को मृत घोषित कर दिया था। घटना में दोनों पक्षों को मिलाकर 4 महिलाओं सहित 8 लोग घायल हुए थे। गंभीर रूप से घायलों का जिला चिकित्सालय में उपचार किया जा रहा है।

घटना को लेकर मृतक के बड़े भाई मत्थुर राजपूत ने गौरिहार थाना में देशराज राजपूत, राजेन्द्र राजपूत, ब्रजेन्द्र राजपूत, शिवराम राजपूत, मंगल सिंह व कल्ला राजपूत सहित 2-3 अन्य लोगों सभी निवासी लोधिनपुरवा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। गौरिहार थाना पुलिस ने फरियादी मृतक के बड़े भाई के कथनानुसार धारा 147, 148, 149, 302, 294 व 506 के तहत 6 नामजद और 2-3 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर विवेचना की। हत्या के इस मामले में पुलिस अधीक्षक तिलक सिंह के निर्देशन व एसडीओपी केसी पाली के मार्गदर्शन में आरोपितों की तलाश शुरू की गई। थाना प्रभारी विनायक शुक्ला व टीम में शामिल उप निरीक्षक कुलदीप सिंह जादौन, सहायक उपनिरीक्षक बबलू सिंह, प्रधान आरक्षक सोहन सैयाम, आरक्षक नीकेश यादव, हरिशरण यादव, वीरेंद्र सिंह, राजपाल पाल व प्रदीप निगम ने घटना के 24 घण्टे के अंदर ही नजदीकी शासकीय प्राथमिक शाला के पास छिपे 5 हत्यारोपितों को काफी मशक्कत के बाद गिरफ्तार कर लिया।

घायलों में एक की हालत गंभीर

शुक्रवार को हुए इस खूनी संघर्ष में जहां धन्नी की मौत हो गई। वहीं घायलों में शामिल नामजद हत्यारोपी 45 वर्षीय मंगल सिंह पुत्र नन्हू राजपूत की हालत गंभीर बनी हुई है। जिसका इलाज जिला चिकित्सालय में जारी है। थाना प्रभारी विनायक शुक्ला ने बताया कि अभी मृतक पक्ष द्वारा दी गई तहरीर के अनुसार दूसरे पक्ष पर धारा 302 सहित अन्य धाराओं पर मामला दर्ज किया गया है। घटना स्थल पर जाकर विवेचना के बाद और दूसरे पक्ष के कथानुसार मृतक पक्ष पर भी मामला पंजीबद्ध किया जाएगा।

इनका कहना है

हत्यारोपितों को गिरफ्तार किया गया है। आवश्यक वैधानिक कार्रवाई करके आरोपितों को न्यायालय पेश किया जा रहा है। एक आरोपित का इलाज चल रहा है। जल्द ही अन्य अज्ञात आरोपितों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

विनायक शुक्ला

थाना प्रभारी, गौरिहार

नोट - फोटो 09 का केप्सन है -

गौरिहार। पुलिस हिरासत में हत्याकांड के आरोपित।

Posted By: Nai Dunia News Network