छतरपुर। बुंदेलखण्ड क्षेत्र में बेरोजगार युवाओं के लिए रोजगार की संभावना तलाशने के उद्देश्य से अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान, भोपाल की टीम छतरपुर में रोजगार की संभावनाओं पर विस्तृत अध्ययन करेगी।

टीम के सदस्यों ने बुधवार को कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में बैठक करके विभिन्न विभागों एवं बैंक अधिकारियों के साथ इस संबंध में विचार विमर्श किया है। कलेक्टर मोहित बुंदस ने क्षेत्र में रोजगार की संभावनाओं तथा विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि छतरपुर में मैन पावर प्लानिंग जरूरी है, जिससे हम स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप विविध श्रेणियों में रोजगार के बेहतर अवसर एवं कौशल प्रशिक्षण दे सकेंगे।

इसके बाद विभिन्न विभागों ने अपने-अपने विभाग में संचालित स्वरोजगार योजनाओं के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी सहित सुझाव भी दिए। संस्थान के प्रमुख सलाहकार राहुल चौधरी ने कहा कि रोजगार के बेहतर अवसर प्रदान करने के लिए जिले की वस्तुस्थिति का अध्ययन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि 91 प्रतिशत वर्कफोर्स इनफॉर्मल सेक्टर में कार्यरत है, इसलिए जरूरी है कि छतरपुर के नगरीय क्षेत्रों के रोजगार स्थिति एवं उसमें आने वाली चुनौतियों और अवसरों का अध्ययन किया जाए। बैठक में संस्थान के वरिष्ठ सलाहकार मनोज जैन, कंसलटेंट अमिताभ सिंह, जिला पंचायत सीईओ हिमांशु चन्द्र, अपर कलेक्टर प्रेम सिंह चौहान सहित अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

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छतरपुर। बैठक में मौजूद अधिकारी।-35

जेंडर संवेदीकरण से ही आएगी जेंडर समानता

छतरपुर। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना के तहत महिला-बाल विकास विभाग के तत्वावधान में सरस्वती शिशु मंदिर हायर सेकंडरी स्कूल में सम्मान, सुरक्षा, स्वरक्षा संवाद थीम पर जेंडर संवेदीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में लगभग 200 छात्राएं उपस्थित रही। कार्यक्रम में महिला-बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी संजय जैन, प्राची सिंह चंदेल, प्रशासक वन स्टाप सेंटर, स्वस्थ भारत मिशन की प्रेरक पोषिता दत्ता, प्रदीप रिछारिया, मनोज साहू और विद्यालय के प्राचार्य अनिल अग्रवाल व विद्यालय का स्टाफ उपस्थित रहा। कार्यशाला के प्रथम सत्र में जिला कार्यक्रम अधिकारी संजय जैन द्वारा बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजनांतर्गत सम्मान, सुरक्षा स्वरक्षा संवाद कार्यक्रम अंतर्गत जेण्डर संवेदीकरण पर चर्चा करके योजना के उद्देश्य के बारे में विस्तार से बताया।

उन्होंने कहा कि बढ़ती हिंसा एवं घटती बेटियां चिंता का विषय है। इसके लिए अपनी मानसिकता को परिवर्तन करने की आवश्यकता है। केवल कानून या दण्डात्मक कार्यवाही से अपराधों को रोका नहीं जा सकता है। छात्राओं के सवालों के जवाब प्राची सिंह एवं पोषित दत्ता ने दिए। छात्राओं को गुड टच एवं बैड टच के बारे में भी बताया गया। प्राची सिंह ने हिंसा से पीड़ित महिलाओं को आश्रय, चिकि त्सा सुविधा, पुलिस सहायता एवं विधिक सहायता एवं परामर्श जैसी सुविधाएं वन स्टॉप सेन्टर में प्रदान करने के बारे में बताया। द्वितीय सत्र में बाल हिंसा, यौन उत्पीडन और लैंगिक अपराधों से बालकों के संरक्षण अधिनियम के बारे में बताया गया। छात्राओं को कॅरिअर के बारे में जानकारी दी गई।

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छतरपुर। बच्चों को जानकारी देते अधिकारी।-36

टेली लॉ योजना से मिलेगी कानूनी सहायता

छतरपुर। गरीब और कमजोर वर्ग के लोगों को मुफ्त कानूनी सहायता देने की टेली लॉ योजना शुरू की गई है। इस योजना में कॉमन सर्विस सेंटर से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जरूरतमंदों को दिल्ली में बैठे वकीलों से मुफ्त कानूनी सहायता मिलेगी। इस बारे में जानकारी देते हुए बताया गया कि इसके लिए डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के तहत पंचायत स्तर पर संचालित हो रही इस योजना में टेली लॉ नाम का एक पोर्टल शुरू किया गया है। जो सभी कॉमन सर्विस सेंटर वेब पर उपलब्ध है। टेली लॉ के जरिए लोग वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से कॉमन सर्विस सेंटर पर वकीलों से कानूनी सहायता प्राप्त कर सकें गे। इससे जरूरतमंदों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कानूनी सलाह मिल सकेगी।

नया सवेरा की वीडियो काफ्रेसिंग आज

छतरपुर। मुख्यमंत्री जनकल्याण (नया सवेरा) योजना के अंतर्गत अनुग्रह सहायता राशि हितग्राही के खाते में डीवीटी के माध्यम से भेजे जाने की प्रक्रिया के संबंध में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग रखी गई है। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग 5 दिसंबर को शाम 4 बजे से आयोजित की जाएगी। कलेक्टर ने जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, नगर पालिका अधिकारी एवं श्रम विभाग के अधिकारियों से इस मौके पर उपस्थित रहने के निर्देश दिए हैं।

बालश्रम के संबंध में किया जागरूक

छतरपुर। श्रम विभाग और चाइल्ड लाइन के द्वारा बालश्रम कुप्रथा के विरुद्ध जनजागरण अभियान के तहत बुधवार को बस स्टैंड और चौक बाजार में लोगों को बालश्रम अधिनियम के बारे में जानकारी दी गई है। श्रम निरीक्षक अंशुल मिश्रा ने कहा कि 14 वर्ष की उम्र तक के बच्चों को सभी प्रकार के कार्यों में नियोजन पर प्रतिबंध है, जबकि 14-18 वर्ष के बाल श्रमिकों का खतरनाक प्रक्रियाओं में नियोजन भी प्रतिबंधित है। इसका उल्लंघन करने पर 20 हजार से 50 हजार रुपए का जुर्माना या 6 माह से 2 साल कै द की सजा या फिर दोनों सजाओं से दंडित किए जा सकता है। इस दौरान पंकज पाठक, मंगलम वैद्य, लखन विश्वकर्मा, गगन सेन और आशीष दीक्षित मौजूद थे।

Posted By: Nai Dunia News Network