- प्रशासन की उदासीनता का खामियाता भुगत रहे लोग

बकस्वाहा। नईदुनिया न्यूज

नगर के मुख्य मार्ग नल-जल योजना के नाम पर खोद दिए गए हैं। वहीं खुली पड़ी नालियों व टूटे पड़े चैंबरों में गिरकर लोग घायल हो रहे हैं। इस ओर से स्थानीय प्रशासन लापरवाह बना है।

नगर के लोग जहां सड़कों की खुदाई का खामियाजा झेल रहे हैं, वहीं मुख्य मार्गों के बीच से निकली नालियों के टूटे चैंबरों के कारण आए दिन हादसे हो रहे हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बकस्वाहा पहुंच मार्ग में 8 फीट चौड़ी रोड पर बीचों-बीच 4 फीट चौड़ा टूटा चैंबर आवागमन में परेशानी पैदा कर रहा है। आए दिन इस गड्ढे में गिरकर लोग दुर्घटना के शिकार हो रहे हैं। यह मार्ग सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अलावा माडल स्कूल, एक्सीलेंस स्कूल एवं खेल ग्राउंड पहुंचने का एकमात्र रास्ता है। इस मार्ग से होकर रोज हजारों छात्र-छात्राओं एवं आम लोगों का आना-जाना रहता है। वहीं दूसरी ओर वार्ड नंबर 6 में मस्जिद के सामने लुधियाना मोहल्ला पहुंच मार्ग पर करीब तीन-चार जगह नालियों पर लगे चैंबर मुख्य मार्ग के बीचों-बीच टूटे पड़े हैं। यह मार्ग भी महाकाली मंदिर की ओर जाने वाला मुख्य मार्ग है। इस मार्ग से होकर रोज सैकड़ों की तादात में श्रद्धालु मंदिर तक आते-जाते हैं। टूटे पड़े चैंबरों के कारण श्रद्धालुओं के लिए हादसे का खतरा बना रहता है। इसी तरह हरिजन मोहल्ले में भी टूटे पड़े चैंबरों के कारण लोग समस्या का सामना कर रहे हैं। इस मोहल्ले से होकर विकासखंड के लगभग 50 गांव के लोगों को बकस्वाहा तक आना-जाना पड़ता है। यहां नालियों को तो कवर कर दिया गया है, लेकिन जहां चैंबर के लिए जगह छोड़ी गई है वहां चैंबर बंद नहीं किए गए हैं। ऐसे ही हालात नगर के सभी वार्डों के हैं। इन खुली पड़ी नालियों व खुले चैंबरों के कारण आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। इस ओर जिम्मेदारों ने आज तक ध्यान नहीं दिया है।

अधिकारी लापरवाह, जनप्रतिनिधि मौन

नगर की दुर्दशा का नजारा सब देख रहे हैं। इसके बावजूद सभी मौन साधकर चुप बैठे हैं। चुनाव के समय लोगों से वोट मांगने वाले चुनाव जीतकर इन बुनियादी समस्याओं को अनदेखा करने में अपनी शान समझते हैं। खुदी पड़ी सड़कों, खुली पड़ी नालियों व ढक्कन विहीन चैंबरों से आने-जाने में होने वाली समस्या के बारे में सभी को पता है पर अधिकारी इस मामले में लापरवाही बने हैं और जनप्रतिनिधि मौन हैं। इसे लेकर लोगों में तेजी से असंतोष व आक्रोश पनप रहा है। आने वाले दिनों में नगर परिषद के चुनाव होने हैं। सत्ता की मलाई खाने के लिए फिर से उम्मीदवार लोगों से एक-एक वोट के लिए उन्हें सब्जबाग दिखाने निकलेंगे, तब उन्हें इन बुनियादी समस्याओं के बारे में अब तक खामोश रहने के बारे में जवाब देना होगा। लोगों का कहना है कि यदि ये समस्या दूर नहीं की गई तो नाराज लोग कभी भी सड़कों पर निकलकर प्रदर्शन के लिए मजबूर हो जाएंगे।

इनका कहना है

यह निश्चित रूप से चिंता का विषय है। जिन नालियों पर चैंबर नहीं हैं, उन पर चैंबर लगाकर कवर किया जाएगा। इसी तरह जिन नालियों के चैंबर टूटे पड़े हैं, इन्हें भी जल्द सुधारने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया जाएगा।

डीपी द्विवेदी

एसडीएम बिजावर

नगर में जो समस्याएं हैं, उनके समाधान की ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। समस्याओं से लोग परेशान हैं। सड़कों पर गड्ढों व नालियों में गिरकर लोग चोटिल हो रहे हैं। इस ओर प्रमुखता से ध्यान देना जरूरी है।

श्रीकांत जैन

व्यवसाई, बकस्वाहा

टूटी और खुली पड़ी नालियों को ठीक कराने, सड़क के मध्य बनाए गए चैंबरों को कवर न करने पर लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसे लेकर लोगों में नाराजगी है।

रघुवीर यादव

ऐजेंट, बकस्वाहा

नगर की समस्याओं के संबंध में शुरू से ही अधिकारी लापरवाह रहे हैं। कई बार लोगों ने सड़क व नालियों की मरम्मत सहित सड़क के मध्य बनाए गए चैंबरों को कवर करने के संबंध में प्रशासन से कहा गया है, लेकिन इस ओर ध्यान नहीं दिया है। जिसका खामियाजा नगर के लोगों को भोगना पड़ रहा है।

मुलायम चंद्र फटटा

भाजपा नेता, बकस्वाहा

नोट- फोटो 21 व 22 का कै प्सन है-

बकस्वाहा। सड़क के मध्य खुला पड़ा चैंबर।-21

बकस्वाहा। कटी नाली व टूटे चैंबर में गिरते हैं लोग।-22

बकस्वाहा। श्रीकांत जैन।-23

बकस्वाहा। रघुवीर यादव।-24

बकस्वाहा। मुलायम चंद्र फटटा।-25

कूप खनन व निर्माण कार्यों में मनमानी, अटकी पड़ी है जांच

लवकुशनगर। जनपद पंचायत क्षेत्र की ग्राम पंचायतों में हर काम में मनमानी जगजाहिर है। खासतौर से कूप खनन व निर्माण कार्यों में मनमानी की शिकायतों के बावजूद जांचें अटकी पड़ी हैं।

ग्राम पंचायतों में जिम्मेदार लोग ही हितग्राही मूलक योजनाओं को पलीता लगा रहे हैं। हितग्राही अपनी समस्याओं को लेकर जनपद कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन न तो कोई उनकी बात सुनने को तैयार है न किसी अधिकारी की जांच में कोई रुचि है। जनपद पंचायत लवकुशनगर की ग्राम पंचायत देवनगर में हितग्राही शकुंतला अहिरवार के नाम से कपिलधारा का एक कूप स्वीकृत हुआ था। नियम के अनुसार इस कूप निर्माण की राशि हितग्राही के खाते में आना थी, लेकिन सरपंच ने सचिव से साठगांठ करके हितग्राही की कुल स्वीकृत 2 लाख 10 हजार में से केवल 1 लाख 5 हजार रुपए ही हितग्राही के खाते में डाले। जबकि शेष राशि सरपंच व सचिव ने अन्य लोगों के खातों में भेजकर मनमानी कर ली है। हितग्राही ने शेष राशि दिलाने की मांग करते हुए जनपद सीईओ को एक शिकायती पत्र दिया है, जिस पर अभी तक अधिकारियों ने जांच पर ध्यान नहीं दिया। इसी तरह जनपद की ग्राम पंचायत बम्होरी में पूर्व सरपंच सचिव द्वारा हाट बाजार आंगनबाड़ी भवन में 15 लाख की राशि को खुर्दबुर्द कर दिया गया। ग्राम पंचायत बिलहरी में हितग्राही घसीटा सेन के नाम से स्वीकृत कपिलधारा कूप की राशि का घोटाला किया गया है। इसी तरह ग्राम पंचायत पीरा में सरपंच-सचिव पर बिना निर्माण कार्य कराए सीसी रोड की राशि निकालने का आरोप लगाया गया है। ऐसी तमाम शिकायतें लेकर हितग्राही कार्रवाई की मांग लेकर अधिकारियों के चक्कर काटने को मजबूर हैं।

जपं में दबी है शिकायतों की जांच

जनपद पंचायत लवकुशनगर में अधूरे पड़े निर्माण कार्यों सहित हितग्राही मूलक योजनाओं के करीब आधा दर्जन मामले लंबे समय से पेंडिंग हैं। इन सभी मामलों की जांच प्रमुखता से की जाना थी, लेकिन इन शिकायतों की जांच जपं की फाइलों में दबी है। जांच की कार्रवाई जनपद कार्यालय से आगे नहीं बढ़ सकी है। इसे लेकर लोगों में जहां असंतोष है, वहीं मनमानी के आरोपित सरपंच सचिव ग्रामीणों को आंखें दिखा रहे हैं। जनपद में ऐसे कई और भी मामले हैं, जिनकी शिकायत की गई। जांच आज तक नहीं कराई गई है। इस मामले में अधिकारी एक दूसरे पर जिम्मेदारी डालकर अपनी जवाबदारी से कन्नी काटने में लगे हैं।

इनका कहना है

हितग्राहियों से प्राप्त शिकायतों को मैंने मनरेगा कार्यालय में भेज दिया है। वहां के कर्मचारी जांच नहीं कर रहे हैं। इसमें मैं क्या कर सकता हूं। जांच के बाद जिनके खिलाफ कार्रवाई होनी है, उसका प्रतिवेदन जिला पंचायत भेजा जाएगा।

सिकंदर खान

जनपद सीईओ, लवकुशनगर

नोट- फोटो क्रमांक 26 का कै प्सन है-

लवकुशनगर। शिकायत पत्र लेकर परेशान घूमते हितग्राही।-26

Posted By: Nai Dunia News Network

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