- ग्राउंड रिपोर्ट : राजधानी के हबीबगंज स्टेशन हादसे के बाद नईदुनिया ने जाने हरपालपुर स्टेशन के हालात

- दूसरी लाइन पर आने वाली ट्रेन में चढ़ने के लिए यात्री करते हैं धूप में पटरियों पर बैठकर इंतजार

- पहले प्लेटफार्म से दूसरे प्लेटफार्म तक पहुंचने नहीं ओवर ब्रिज, सिर्फ उतरता है माल

पुष्पेंद्र सिंह पायक

हरपालपुर। झांसी-मानिकपुर रेलवे ट्रैक पर स्थित हरपालपुर रेलवे स्टेशन पर दशकों बाद भी ओवरब्रिड या अंडरब्रिजों का निर्माण नहीं किया गया। नगर के बीच स्थित रेलवे फाटक पर घंटों लोगों को ट्रेन पास होने का इंतजार करना पड़ता है तो वहीं प्लेटफार्म नंबर दो पर पहुंचने के लिए कोई ब्रिज आदि की व्यवस्था न होने के कारण मुसाफिर ट्रेन की पटरी पार कर उस पार पहुंचते हैं। यहां भी यात्रियों को चिलचिलाती धूप में रेलवे ट्रैक पर बैठकर आने वाली ट्रेन का इंतजार करना पड़ता है।

झांसी-मानिकपुर रेल रूट पर हरपालपुर रेलवे स्टेशन का निर्माण अंग्रेजों के जमाने में किया गया था। छतरपुर जिले में यूं तो अब पांच स्टेशनों का निर्माण करा दिया गया है, लेकिन सबसे पुराने हरपालपुर रेलवे स्टेशन पर कई दशक गुजर जाने के बाद भी समुचित सुविधाएं नहीं मिल पाई हैं। झांसी-मानिकपुर रेलवे रूट पर स्थित हरपालपुर रेलवे स्टेशन से संपर्क क्रांति एक्सप्रेस, महाकौशल, बुंदेलखंड एक्सप्रेस, तुलसी एक्सप्रेस, खजुराहो-उदयपुर इंटरसिटी ट्रेनें गुजरती हैं। आजादी के बाद से देशभर के तमाम स्टेशनों का कायाकल्प किया गया, लेकिन छतरपुर जिले के इस प्राचीन स्टेशन पर अपेक्षित कार्य नहीं हो पाए। स्टेशन पर एक प्लेटफार्म के बाद दूसरा तो बना दिया गया, लेकिन उस प्लेटफार्म तक पहुंचने के लिए मुसाफिरों को आज भी ट्रैक पार कर जाना पड़ता है। स्टेशन पर एक ट्रेन खड़ी और दूसरी आने पर भारी समस्या के मद्देनजर रेलवे विभाग ने तत्कालिक समस्या का निदान यह कर दिया कि हरपालपुर में एक ट्रेन खड़ी होने पर दूसरी आने वाली ट्रेन को अगले स्टेशन पर रोक दिया जाता है, लेकिन ओवर ब्रिज का निर्माण नहीं किया गया। ऐसे में यात्रियों को अभी भी जान जोखिम में डालकर पटरियों को पार करके ट्रेनों में चढ़ना-उतरना पड़ता है। दूसरे प्लेटफार्म पर ट्रेनों का इंतजार करने वाले मुसाफिर चिलचिलाती धूप, सर्दी व बारिश में ही पटरी पर बैठकर आने वाली ट्रेन का इंतजार करते हैं।

रेलवे फाटक पर जाम में फंसती एंबुलेंस

हरपालपुर के बीचोंबीच स्थित रेलवे स्टेशन जिले का न सिर्फ पहला रेलवे स्टेशन है, बल्कि समूचे देश में अपनी पहचान कायम रखे हुए हैं। इसके कायाकल्प और विकास के लिए रेलवे ने कोई प्रयास नहीं किए। जिले में अब खजुराहो, छतरपुर के अलावा अन्य छोटे स्टेशन तैयार हो चुके हैं, लेकिन हरपालपुर स्टेशन को विकास से दूर रखा गया है। इस स्टेशन पर न तो मुसाफिरों को मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराई गई हैं और न ही ओवर या फिर अंडर ब्रिज बनाया गया है जिससे भविष्य में कोई बड़ी घटना हो सकती है। रेलवे ने झांसी-मिर्जापुर नेशनल हाइवे पर रेलवे फाटक बनाया गया है, जिससे दिनभर में हजारों वाहन गुजरते हैं। ट्रेनों के आने पर फाटक बंद हो जाता है, तब वाहनों की लंबी कतारें और ट्रेन गुजरने पर घंटों जाम की नौबत बन आती है। ऐसे हालातों में एंबुलेंस में पड़े मरीजों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ता है। रेलवे फाटक पर कोई भी पुल आदि का इंतजाम न होने के कारण बाइक व साइकिल सवार फाटक लगा होने के बावजूद पटरी क्रास करने का जोखिम उठाते हैं।

डबल लाइन का काम शुरू, बनेंगे ब्रिजः विधायक

महाराजपुर विधायक नीरज दीक्षित ने कहा है कि विधानसभा क्षेत्र के प्राचीन हरपालपुर रेलवे स्टेशन पर ओवरब्रिज और अंडर ब्रिज निर्माण की मांग न सिर्फ रेलवे विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों से पत्राचार के माध्यम से की गई है बल्कि उन्होंने स्वयं केंद्रीय रेल मंत्री पियूष गोयल को ज्ञापन देकर हरपालपुर रेलवे स्टेशन की समस्याओं से अवगत कराया गया था। रेलवे विभाग से पत्र का जवाब आया है कि झांसी-मानिकपुर डबल लाइन की स्वीकृति में हरपालपुर रेलवे स्टेशन के ओवरब्रिज और अंडर ब्रिज स्वीकृत हैं। झांसी की ओर से डबल लाइन का काम भी शुरू हो गया है। डबल लाइन का कार्य हरपालपुर तक पूर्ण होने के साथ ही ब्रिज बनाए जाएंगे।

नोट - फोटो 03, 04 एवं 05 का केप्सन है

हरपालपुर। नगर का प्राचीन रेलवे स्टेशन।

हरपालपुर। रेलवे फाटक पर लगी वाहनों की भीड़।

हरपालपुर। विधायक नीरज दीक्षित।

दूसरी बेटी होने पर पत्नी को मारपीट कर घर से निकाला

बड़ामलहरा। दूसरी बेटी होने के कारण पति ने अपनी पत्नी को मां-बाप के साथ मिलकर मारपीट कर घर से बाहर निकाल दिया। पीड़ित महिला अपनी दो बेटियों के साथ न्याय की गुहार लगा रही है।

बड़ामलहरा थानांतर्गत ग्राम बमनी की रेखा अहिरवार पत्नी सूरज अहिरवार ने पुलिस अधीक्षक छतरपुर को शिकायती आवेदन देकर आरोपितों पर कार्रवाई की मांग की है। शिकायती आवेदन में रेखा अहिरवार ने उल्लेख किया कि पांच वर्ष पूर्व उसका विवाह सूरज अहिरवार निवासी सहसनगर थाना मातगुवां के साथ हुआ था। पहली बेटी होने के बाद से ही उसके ससुराल के लोग उसे परेशान करने लगे। गाली-गलौज कर उसके साथ मारपीट की गई। परिवार में कलह न हो लिहाजा वह चुप रही, लेकिन दूसरी बेटी होने के बाद ससुराल पक्ष ने उसका रहन मुश्किल कर दिया।

महिला का आरोप है कि उसका खाना-पीना बंद कर मारपीट की गई। विगत 7 फरवरी को जब वह अपनी बेटी ईमरत को डांट रही थी, तभी ननद को लगा कि वह उसे गाली दे रही है। महिला के अनुसार ननद ने अपने भाई सूरज को फोन लगा झूठी शिकायत कर दी तो पति ने ननद संतोषी तथा सास के साथ मिलकर बुरी तरह मारा पीटा, जिससे उसके शरीर पर चोटें आईं। कुल्हाड़ी की मुदानी से मारने के कारण उसके पांव में फै्रक्चर हो गया। पति का कहना है कि उसकी दो लड़कियां पैदा हो गईं, इसलिए वह दोनों के नाम तीन-तीन लाख की एफडी बनवा कर मायके से लाए और जब वह ससुराल आए तो उसके लिए बुलेट गाड़ी लेकर आए। यह कहकर उसे घर से निकाल दिया गया। जब मायके आकर उसने अपने परिजनों से यह जानकारी दी तो थाने आकर घटना की रिपोर्ट दर्ज कराई।

नोट - फोटो 06 का केप्सन है -

बड़ामलहरा। पिता के साथ शिकायत करने आई महिला।

दो लूटों में चार साल से फरार चल रहे आरोपित को पकड़ा

बमीठा। एसपी कुमार सौरभ के निर्देशन और एसडीओपी मनमोहन बघेल के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी जसवंत सिंह ने टीम गठित पांच साल से दो लूटों में फरार चल रहे आरोपी को ग्राम बसारी के पास से गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस के अनुसार आरोपी दीपक पुत्र महेश पटेल ने अपने साथी राकेश यादव के साथ मिलकर 23 मई 2015 में पहरा-बसारी मार्ग पर मकसूद अहमद पुत्र शेख महबूब अहमद महाराजा कॉलेज छतरपुर के साथ बाइक सहित 28 हजार रुपये की लूट की वारदात को अंजाम दिया था, जिसमें राकेश यादव को बमीठा पुलिस ने जल्द गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। वहीं इस लूट में दीपक पटेल फरार चल रहा था। फरारी के दौरान आरोपित दीपक ने अपने कुछ साथियों के साथ मिलकर 2016 में वृजेश पुत्र शिवराज सिंह निवासी सतना के साथ बसारी रोड पर लूट की थी जिसमें तीन मोबाइल के साथ कुछ नगदी की लूट को अंजाम दिया था। थाना प्रभारी के साथ प्रधान आरक्षक महेंद्र सिंह, आरक्षक रामकृपाल शर्मा, आरक्षक राकेश शर्मा, आरक्षक संजय सिंह, हेमराज यादव ने मुखबिर की सूचना पर आरोपित दीपक को ग्राम बसारी से गिरफ्तार कर लिया।

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बमीठा। पुलिस गिरफ्त में आरोपित।

शिक्षा महाविद्यालय में दी अमर शहीदों को श्रद्धांजलि

छतरपुर। शहर के किशोर सागर तालाब के निकट स्थित विद्यावती चतुर्वेदी शिक्षा महाविद्यालय में पुलवामा आतंकी हमले की बरसी पर अमर शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई। इस मौके पर मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद प्रियवृत महिला उत्थान समिति की अध्यक्ष अंजना चतुर्वेदी सहित प्राचार्य डॉ. दीप्ति मिश्रा, शैलजा चतुर्वेदी, जितेंद्र गंगेले, पुष्पेंद्र अरजरिया, आशीष सिंह, दीनदयाल, विनोद कुशवाहा, ऊषा यादव, चेतना सेन, प्रिया गुप्ता, नरेश चतुर्वेदी ने शहीदों को नमन कर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस मौके पर छात्राओं ने देश भक्ति के गीत प्रस्तुत किए। कार्यक्रम की रूपरेखा निकिता चतुर्वेदी, शिवम मिश्रा, अरविंद कुशवाहा ने तैयार की।

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छतरपुर। शहीदों को श्रद्धांजलि देते संस्थान पदाधिकारी।

Posted By: Nai Dunia News Network

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