छतरपुर। कलेक्टर शीलेन्द्र सिंह और पुलिस अधीक्षक कु मार सौरभ ने रविवार की रात्रि में एमपी-यूपी बॉर्डर पर स्थित पहाड़ीबंधा चेकपोस्ट पहुंचकर कोरोना संक्रमण के दृष्टिगत की गई व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया है। अधिकारियों ने यहां बाहर से पहुंच रहे मजदूरों की थर्मल स्कैनिंग जांच के बाद ही आगे जाने की अनुमति देने के निर्देश दिए हैं। यहां पहुंचे मजदूरों के लिए भोजन व्यवस्था समाजसेवियों द्वारा की गई, जिसे अधिकारियों ने सराहा। उन्होंने कहा कि प्रशासन द्वारा चिकि त्सकीय परीक्षण के बाद ही मजदूरों को घर भेजने की व्यवस्था की जाए। इस दौरान अपर कलेक्टर प्रेम सिंह चौहान सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

बेसहारा व्यक्तियों को भोजन के लिए 2 हजार क्विंटल खाद्यान्न आवंटित

छतरपुर। कोरोना वायरस संक्रमण के फैलाव को रोकने और लॉकडाउन अवधि में आवागमन के साधन बंद होने से अपने निवास स्थान से अन्यत्र छतरपुर जिले में रुके परिवारों की भोजन व्यवस्था के लिए छतरपुर जिले को 2 हजार क्विंटल खाद्यान्न उपलब्ध कराया गया है।

इससे बेघर और बेसहारा व्यक्तियों के साथ ही सहायता शिविर में रुके जरूरतमंद व्यक्तियों को भी भोजन मिल सकेगा। कलेक्टर ने खाद्यान्न का उचित मूल्य दुकानों को पुनरावंटन आदेश जारी कर दिया है। प्रति व्यक्ति के मान से 5 किलोग्राम गेहूं निःशुल्क प्रदान किया जाएगा। बताया गया है कि प्रत्येक अनुविभाग में खाद्यान्न वितरण कराने के लिए संबंधित एसडीएम की अध्यक्षता में समिति गठित की गई है। इस समिति में तहसीलदार, नायब तहसीलदार, जनपद पंचायत सीईओ और सहायक या कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी को सदस्य बनाया गया है। पटवारी, ग्राम पंचायत सचिव, रोजगार सहायक और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को जरूरतमंद परिवारों की सूची तैयार करने का काम करेंगे। परिवारों के सत्यापन का कार्य एसडीएम और जनपद पंचायत सीईओ द्वारा किया जाएगा। कलेक्टर श्री सिंह ने खाद्यान्न वितरण में लापरवाही अथवा अनियमितता करने वाले विक्रेताओं के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

इस तरह होगी खाद्यान्न वितरण की प्रक्रिया

कलेक्टर ने बताया कि खाद्यान्न का वितरण समिति के अधिकारियों द्वारा प्रमाण पत्र अथवा लिखित आदेश के किया जाएगा। वितरित खाद्यान्न का रिकार्ड विक्रेता संधारित करेंगे। जिसमें व्यक्ति का नाम, पता और मोबाइल नम्बर सहित खाद्यान्न दिए जाने का कारण दर्ज किया जाएगा। एसडीएम की अनुशंसा पर निःशुल्क भोजन वितरण करने वाले समाजसेवी संस्थाओं को भी खाद्यान्न आवंटित किया जाएगा। समाजसेवी संस्थाओं द्वारा वितरित भोजन का लेखा संधारित करने के साथ ही संबंधित अधिकारियों से प्रमाणीकरण कराना होगा। कलेक्टर ने मप्र स्टेट सिविल सप्लाइज कॉर्पोरेशन के जिला प्रबंधक को सूची के अनुसार दुकानों पर खाद्यान्न पहुंचाने और दुकानवार लेखा संधारित करने, गेहूं की गुणवत्ता की जांच के बाद एफएक्यू क्वालिटी का खाद्यान्न उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

Posted By: Nai Dunia News Network

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