छतरपुर। जिला न्यायालय में चतुर्थ अपर सत्र न्यायाधीश की कोर्ट में कटघरे के अंदर खड़े एक रेप के आरोपित ने 10 साल की सजा सुनते ही अपने गले को चाकू से काट लिया। आरोपित अपने साथ चाकू छिपाकर अदालत में आया था जैसे ही उसने सजा सुनाई गई। इसके बाद उसने चाकू निकालकर अपना गला काट लिया। इस घटना के बाद कोर्ट परिसर में हड़कंप मच गया। अदालत में मौजूद पुलिसकर्मी और आरोपित के परिजन उसे जिला अस्पताल लाए जहां से गंभीर हालत में उसे ग्वालियर रेफर कर दिया गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार सागर जिले के बीना का रहने वाला एवं रिफायनरी में कार्यरत 33 वर्षीय ओमकार पुत्र रामप्रसाद अहिरवार पर 28 अक्टूबर 2015 में सिविल लाईन थाना पुलिस द्वारा एक लड़की की शिकायत पर रेप का मामला दर्ज किया गया था। आरोपी पिछले दिनों ही जमानत पर रिहा हुआ था। मंगलवार इस मामले में फैसला सुनाया जाना था। शाम करीब साढ़े 5 बजे न्यायाधीश नोरिन निगम ने तमाम गवाहों और सबूतों को सुनकर आरोपित को 10 साल की कैद एवं 5 हजार रूपए के अर्थदण्ड की सजा सुनाई तो उसने जेब से चाकू निकालकर अपने गले को रेत लिया।

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इनका कहना है -

'युवक के गले में लगभग 50 टांके आए हैं, हालांकि ब्लीडिंग रुक गई है जिससे अभी उसकी हालत ठीक है। वहीं मेडीकल कॉलेज ग्वालियर के लिए रेफर कर दिया गया है।'

डॉ. व्हीपी शेषा

सर्जन, जिला अस्पताल छतरपुर

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बाक्स

ब्लैकमेलिंग से तंग था युवक

इस मामले में बचाव पक्ष के वकील राजेन्द्र सक्सेना ने बताया कि आरोपी ओमकार अहिरवार को लगभग 4 साल पहले छतरपुर की एक लड़की ने फेसबुक पर रिक्वेस्ट भेजी और इस तरह वह उस लड़की के संपर्क में आया। लड़की और उसके बीच प्रेम संबंध निर्मित हो गए। बाद में लड़की उक्त लड़के को ब्लेकमेल करती रही और जब ब्लेकमेलिंग में कामयाब नहीं हुई तो उसने लड़के के खिलाफ रेप की शिकायत दर्ज कराई थी। अपने विरूद्ध झूठा मुकदमा दर्ज होने के कारण ओमकार पिछले चार वर्षों से लगातार परेशान था इसी कारण उसने यह आत्मघाती कदम उठाया है। जिस वक्त यह घटना घटित हुई उस वक्त लड़के का पिता और भाई भी अदालत परिसर में मौजूद थे।

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नोट - फोटो का केप्सन है -

छतरपुर। जिला अस्पताल में उपचार के दौरान आरोपित।

छतरपुर। अस्पताल परिसर में मौजूद पुलिस।

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