छतरपुर। हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी शहर के गहोई धाम में गहोई समाज द्वारा तीन दिवसीय सम्मेलन का आयोजन रविवार से शुरू हो गया है। इस आयोजन की शुरुआत विशाल शोभायात्रा से की गई। पहले दिन 12 जोड़ों का विवाह कराया गया और समाज के गौरवों का अभिनंदन किया गया।

गहोई दिवस की शुरुआत शोभायात्रा के साथ हुई। शहर के बस स्टैंड के पास स्थित साहम्बी मंडप से शोभायात्रा निकाली गई जो गल्ला मंडी के पास गहोई धाम में पूरी हुई। महिला कांग्रेस की जिलाध्यक्ष शिवानी चौरसिया, राजेन्द्र रजक, गौरीशंकर तिवारी, मुरली कु शवाहा, अभिलेख खरे, प्रभात अग्रवाल, बद्री अग्रवाल, महेश गोस्वामी, राजकु मार गुप्ता, शिवम, संतोष तिवारी आदि ने शोभा यात्रा का भव्य स्वागत कि या। आयोजन स्थल पर ध्वजारोहण के बाद परिचय सम्मेलन, सामूहिक विवाह कार्यक्रम व सम्मान समारोह आयोजित कि या गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जीवनलाल तीतबिलासी ने की। अन्य अतिथियों के रुप में भूपेंद्र बृजपुरिया सागर, डा. श्याम रावत जबलपुर, संजय गेंड़ा ग्वालियर, मुके श बिलैया इंदौर, रामकि शोर मातेले खजुराहो, नीरज सेठ मुंबई, रुपेश खंताल और अनिल गुप्ता मौजूद रहे। पहले दिन 12 शादियां हुई और मंचीय कार्यक्रम के माध्यम से समाज के जो लोग बेहतर काम कर रहे हैं उन्हें सम्मानित कि या गया। गहोई रत्न सम्मान प्रेमनारायण रुसिया को दिया गया। गहोई भामाशाह सम्मान से सरस्वती कालेज के संस्थापक कु लदीप कठैल को सम्मानित कि या गया। के के बृजपुरिया को गहोई युवा सम्मान रत्न मिला, गहोई महिलाश्री का सम्मान मंजू टिकरया को दिया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में गहोई समाज के लोग मौजूद रहे।

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नोट- फोटो 24 व 25 का कै प्सन है-

छतरपुर। शोभयात्रा का जगह-जगह कि या गया स्वागत।-24

छतरपुर। आयोजन में मौजूद समाज के लोग।-25

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20डॉक्टरों की टीम ने पुलिसकर्मियों का कि या स्वास्थ्य परीक्षण

छतरपुर। रविवार को पुलिस लाइन में एक दिवसीय स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का आयोजन कि या गया। जिसमें जबलपुर से आए डॉक्टरों के दल ने पुलिस कर्मचारियों का चेकअप कि या।

शिविर में करीब डेढ़ सैकड़ा पुलिस कर्मियों का परीक्षण कि या गया जिसमें से ज्यादातर लोगों को शुगर और ब्लड प्रेशर की शिकायत पाई गई। कु छ पुलिसकर्मियों में हृदयरोग की समस्या मिली है जिनका इलाज भी चल रहा है। सीएसपी उमेश चंद्र शुक्ला ने बताया कि मेट्रो हॉस्पिटल एंड कै ंसर रिसर्च सेंटर जबलपुर के डा. अरविंद जैन, डा. राहुल अग्रवाल, डा. संजय जैन, प्रबंधक एसके दुबे, सहायक प्रबंधक रत्नेश गोस्वामी सहित 8 लोगों की टीम ने शिविर के माध्यम से पुलिसकर्मियों के स्वास्थ्य की जांच की है। सीएसपी ने बताया कि अक्सर ड्यूटी के कारण पुलिसकर्मी अपना चेकअप नहीं करा पाते इसलिए उन्हें यह भी नहीं पता रहता कि वह कि स बीमारी से जूझ रहे हैं। समय पर इलाज न मिल पाने के कारण कई बार छोटी बीमारी भी बड़ा रुप ले लेती हैं, इन्हीं बातों को जानने के लिए शिविर लगाया गया। शिविर में डेढ़ सैकड़ा मरीजों का परीक्षण कि या गया। शुगर व रक्तचाप सहित अन्य बीमारियों के बारे में पुलिसकर्मियों को आवश्यक सलाह और दवा दी गई है। आने वाले समय में भी इस तरह के शिविर लगाकर पुलिसकर्मियों के स्वास्थ्य का परीक्षण कि या जाएगा।----------------------

नोट- फोटो 26 का कै प्सन है-

छतरपुर। चैकअप करते डाक्टर।-26

-----------------------समाचार क्रमांक 22

मंदिर में चलाया सफाई अभियानछतरपुर। रामटौरिया स्थित अबार माता मंदिर प्रांगण में स्वच्छ भारत अभियान के तहत सफाई अभियान चलाया गया है। जिसमें पूर्व सांसद शिवराज सिंह लोधी, बंडा मंडी अध्यक्ष चित्तर सिंह लोधी, दुर्ग सिंह लोधी, भूपेंद्र सिंह, रामबिहारी मेहदेले, बृजसिंह लोधी, पुष्पेंद्र सिंह लोधी, जितेंद्र सिंह, गजाधर लोधी, भान सिंह लोधी सहित बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। सभी ने संकल्प भी लिया है कि वे हर 15 दिन में इस तरह का अभियान चलाएंगे जिससे पूरा परिसर साफ सुथरा बना रहे।

संरक्षति इमारत होने के बावजूद छत्रसाल समाधि स्थल दुर्दशा का शिकार

जिनकी वीरता से गूंजता था बुंदेलखंड, वीरान पड़ी उनकी समाधि

छतरपुर। ग्राम महेबा में स्थित महाराजा छत्रसाल का समाधि स्मारक देखरेख के अभाव से जूझ रहा है। संरिक्षत इमारत होने के बावजूद इसकी सही तरीके से देखरेख न होने से यहां की हालत चिंताजनक है। जिम्मेदार लोग इस ओर से अंजान बने हैं।

छतरपुर-नौगांव रोड पर ग्राम महेबा के समीप महाराजा छत्रसाल का समाधि स्मारक मौजूद है। इस स्मारक को मध्य प्रदेश पुरातत्व विभाग से धरोहर घोषित कि या गया है। फिर भी ये देखरेख के आभाव में खराब हो रहा है। सुनहरे अतीत की यादों से जुड़ा यह स्मारक उपेक्षित वर्तमान की त्रास्दी झेल रहा है। नर्मदा से लेकर चंबल नदी के कि नारे तक अपने साम्राज्य की पताका लहराने वाले वीर योद्धा महाराजा छत्रसाल के जीवन से जुड़ी स्मृतियों को सहेजने में लापरवाही बरतने को लेकर लोगों में नाराजगी है। पेशवा बाजीराव द्वारा निर्मित बुंदेली स्थापत्य कला की अनूठी धरोहर महाराजा छत्रसाल की समाधि की देखरेख में लापरवाही से प्रशासन पर सवाल उठने लगे हैं। लगभग ढाई सौ साल पहले निर्मित इस स्मारक तक पहुंचने के मार्ग पर ही अतिक्रमण पसरा है। समाधि स्मारक के पहुंच मार्ग पर न तो संके तक लगाए गए हैं और न इस स्थान के बारे में प्रचार प्रसार कि या गया है। स्मारक के बाहर मुख्य द्वार पर कचरे के ढेर लगे हैं। स्मारक के अंदर लगी खिड़कि यां और दरवाजे टूट चुके हैं। इसके बाद भी यहां चमगादड़ों का बसेरा है जिन्होंने पूरे स्मारक को गंदा कर दिया है। स्मारक के दर्शन के लिए न तो गाइड की व्यवस्था है और न ही इसकी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम हैं। स्मारक में लगा तडि़त चालक खराब हो चुका है जिससे इस पर दो बार बिजली गिरने से काफी नुकसान भी हुआ है।

इतिहास के पन्नों पर दर्ज है सुनहरा

इतिहास के मुताबिक 17 वीं शताब्दी में जब मुगल शासक बंगश और महाराजा छत्रसाल के बीच युद्ध हुआ तब मराठा योद्धा पेशवा बाजीराव महाराजा छत्रसाल की मदद करने बुंदेलखंड आए थे। इस युद्ध में मराठा और बुंदेली सेनाओं ने मुगल सेना पर विजय हासिल की थी। इसी युद्ध के बाद महाराजा छत्रसाल ने पेशवा बाजीराव को अपना पुत्र मान लिया था। 1731 में महाराजा छत्रसाल की मृत्यु के बाद पेशवा ने ही महाराजा छत्रसाल की समाधि का निर्माण ग्राम महेबा में कराया था। गौरतलब है कि महेबा महाराजा छत्रसाल की राजधानी रहा है। इस स्थान के आसपास लगभग 50 से अधिक स्मारक मौजूद हैं जो चंदेल एवं छत्रसाल कालखंड की निशानी है।

----------------------इनका कहना

छत्रसाल महाराज के समाधि स्मारक की स्थापत्य कला और यहां का इतिहास हमारी पीढ़ी के लिए प्रेरणा कें द्र है लेकि न पुरातत्व विभाग एवं संस्कृति विभाग द्वारा इसका ध्यान नहीं दिया जा रहा है। बुंदेलखंड संघर्ष मोर्चा ऐसे स्थलों के संरक्षण के लिए अभियान चलाएगा।शैलेंद्र कौशिक

संयोजक, बुंदेलखंड जन संघर्ष मोर्चा

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नोट- फोटो 27 का कै प्सन है-

छतरपुर। उपेक्षित पडी ऐतिहासिक धरोहरें।-27

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Posted By: Nai Dunia News Network

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