नौगांव। नगर से सटे ग्राम धरमपुरा में नाले की पानी से सब्जियां उगाकर लोगों की सेहत से खिलवाड़ किया जा रहा है। इस बारे में स्थानीय प्रशासन उदासीन बना है।

नौगांव के कई मोहल्लों का गंदा पानी और टीबी अस्पताल का कचरा जिस नाले में बहता है। उसी नाले के पानी से सिंचाई करके धरमपुरा के किसान सब्जियां उगा रहे हैं। यहां से रोज सुबह बड़े पैमाने पर सब्जियों को स्थानीय मंडी में बेचने के लिए लाया जाता है। एकदम हरी और तरोजाता सब्जी को लोग खरीदकर खाते हैं पर शायद वे यह नहीं जानते कि जिस प्रदूषित पानी से इनका उत्पादन किया गया है वो सेहत पर भारी पड़ सकता है। लोगों की सेहत से सीधे-सीधे किए जा रहे खिलवाड़ को प्रशासन जानबूझकर अनदेखा किए है। नौगांव के कृषि विज्ञान केन्द्र प्रभारी वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डॉ. वीणापाणी श्रीवास्तव का कहना है, कि नाले के प्रदूषित पानी में लैड, आर्सेनिक, क्रोमियम, निकिल जैसे एलीमेंट सब्जियों के जरिए लोगों के शरीर में प्रवेश कर जाते हैं जो सेहत के लिए हानिकारक हैं। प्रदूषित पानी से उगाई गई सब्जियों के अधिक समय तक सेवन से हड्डियां कमजोर होने लगती हैं, पीलिया का खतरा बढ़ जाता है और लीवर डैमेज होने का खतरा बड़ जाता है। उनका कहना है कि प्लास्टिक की अधिकता से किडनी पर भी प्रभाव पड़ता है और कैंसर की संभावना बढ़ जाती है। लोगों का कहना है कि प्रशासन को तुरंत धरमपुरा में नाले के पानी से उगाई जा रही सब्जियों पर रोक लगाना चाहिए। प्रशासन की इस लापरवाही को लेकर लोगों में अंजाने भय के कारण आक्रोश पनप रहा है।

नोट- फोटो 03 का कैप्सन है-

नौगांव। गंदे पानी से सिंचित सब्जियां।

Posted By: Nai Dunia News Network

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