छतरपुर(नईदुनिया प्रतिनिधि)। कोरोना की दूसरी लहर ने बहुत नुकसान किया है। पहली लहर की अपेक्षा दूसरी लहर में जनहानि अधिक हुई है। ऐसा कोई परिवार नहीं है जिसे कोरोना ने प्रभावित न किया हो। किसी के परिजनों तो किसी के रिश्तेदार, सगे संबंधी, मित्र और करीबी लोग कोरोना में जिंदगी की जंग हार चुके हैं। जिनका निधन हो गया है वे अब बहुत याद आते हैं। उनके परिवार के लोग असहनीय मानसिक पीड़ा में हैं। हमें ऐसे में उनको इस मानसिक पीड़ा से बाहर निकालने और दिवंगतों को श्रद्धांजलि देने के लिए ईश्वर से प्रार्थना करना चाहिए। दैनिक नईदुनिया द्वारा 14 जून को सुबह 11.00 बजे सामूहिक सर्वधर्म प्रार्थना का आयोजन बेहद सराहनीय है। मैं इसमें अधिक से अधिक लोगों को प्रार्थना करने के लिए प्रेरित करूंगा। यह विचार भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य पुष्पेंद्र प्रताप सिंह व्यक्त करते हुए नईदुनिया के आयोजन की सराहना की।

स्वास्थ, बीमारी और इलाज ईश्वर की निशानियां हैं

हमारा स्वास्थ्य ईश्वर की एक महान अनुकम्पा है। बीमारी उसकी इस महान अनुकम्पा से वंचित हो जाने का नाम है। बीमारी यह बोध कराती है कि उसकी अनुकम्पाओं से उदासीन रहना बुद्धिमानी नहीं, उसके प्रति सदा आभारी होने की आवश्यकता है। ईश्वर ने हर बीमारी के साथ उसका इलाज भी बनाया है। पर इसकी खोज के लिए उसी की प्रदान की हुई बुद्धि और विवेक के उपयोग की आवश्यकता पड़ती है। इलाज खोज लेना भी उसकी इच्छा और अनुमति से ही होता है और इसमें गर्व और अहंकार का कोई स्थान नहीं है। यह भी उसकी महान अनुकम्पा का एक रूप है और इसपर भी उसका गुणगान होना चाहिए। इस बात का स्पष्ट उल्लेख कुरआन में है। 14 जून को सुबह 11.00 बजे मैं और मुझसे जुड़े अधिक से अधिक लोग इबादत करेंगे।

- मौलाना हारून अना काशमी

खोने के दुख को कम करने के लिए करें प्रार्थना

इस कोरोना महामारी ने सबने किसी न किसी को खोया है। मैंने भी अपने बहनोई को खो दिया है। उनके असमय जाने का दुख है और सदैव रहेगा। मेरे जैसे हजारों लोग दुखी हैं। दुख को खत्म को नहीं किया जा सकता है लेकिन कुछ क्षण के लिए भुलाया जा सकता है और कम किया जा सकता है। यह ईश्वर की प्रार्थना के द्वारा ही संभव है। 14 जून को सुबह 11.00 बजे मैं और मेरा पूरा परिवार और जैन समाज के अधिक से अधिक लोग भगवान से कोरोना से दिवंगत हुए लोगों की आत्मा की शांति के लिए और उनसे जुड़े लोगों के दुख को सहन करने की शक्ति देने के लिए प्रार्थना करेंगे।

- सेठ श्रीमंत जैन, व्यापारी

प्रभु से प्रार्थना कर मांगेंगे शांति और खुशहाली

कोरोना महामारी ने सब कुछ प्रभावित किया है। मैं और मेरे परिवार ने भी इस महामारी का सामना किया है। कोरोना से मुकाबला हौसला और हिम्मत का था। जिसने भी हिम्मत हारी उस पर कोरोना भारी पड़ गया। इस महामारी ने हजारों परिवारों को बुरी तरह से प्रभावित किया है। आर्थिक, सामाजिक, मानसिक और पारिवारिक दृष्टिकोण से लोग कमजोर पड़ गए हैं। ऐसे में हमें और समाज के सभी लोगों को ईश्वर में आस्था रखते हुए उनसे महामारी से मुक्ति की प्रार्थना करना चाहिए। साथ ही जो दिवंगत हो गए हैं उनकी आत्मशांति के लिए भी प्रार्थना बेहद जरूरी है क्योंकि कोरोना में असमय मौतें हुई हैं। कोरोना से जूझने वाला कोई भी अंतिम क्षण तक यह नहीं जानता था कि वह इस बीमारी से हारकर अपनी जिंदगी की जंग हार जाएगा। मैं, मेरा परिवार और भाजपा 14 जून को सुबह 11.00 बजे जरूर ईश्वर से प्रार्थना करेंगे।

- पुष्पेंद्र प्रताप सिंह,भाजपा, प्रदेश कार्यकारिणी

Posted By: Nai Dunia News Network

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