छतरपुर(नईदुनिया प्रतिनिधि)। जिले में मनेरगा के काम पूरी तरह से फर्जी ढंग से संचालित हो रहे हैं। इनकी क्वालिटी की मानिटरिंग केवल कागजों पर चल रही है। जिले के आठों जनपद पंचायतों में पदस्थ मनरेगा के सहायक यंत्री और उपयंत्री जनपद मुख्यालय पर निवास ही नहीं करते हैं। अधिकांश सहायक यंत्री और उपयंत्री जिला मुख्यालय पर रहते हैं। इसके चलते कलेक्टर ने बिजावर और बकस्वाहा में पदस्थ मनरेगा के सहायक यंत्रियों और उपयंत्रियों को नोटिस जारी किए थे, लेकिन यह मामला केवल दो जनपद पंचायतों का नहीं है। आश्चर्य तो यह कि जिले की जनपद पंचायतों में पदस्थ सहायक यंत्रियों और उपयंत्रियों को जिला मुख्यालय पर सरकारी आवास भी आवंटित हैं और वे धड़ल्ले से इनमें रह रहे हैं। सप्ताह में कभी-कभार ही जनपद मुख्यालय पहुंचते हैं।

पदस्थापना लवकुशनगर और राजनगर में निवास छतरपुर में:

जिले की जनपद पंचायत लवकुशनगर, राजनगर, बड़ामलहरा, बकस्वाहा, यहां तक कि गौरिहार में पदस्थ मनरेगा के सहायक यंत्री और उपयंत्री छतरपुर में निवास कर रहे हैं। लवकुशनगर के सहायक यंत्री केएस खरे छतरपुर में ग्रीन एवेन्यु कॉलोनी में रहते हैं और प्रतिदिन अपडाउन करते हैं। एसके त्रिपाठी बिजावर में सहायक यंत्री हैं और पेप्टेक टाउन में रहते हैं और प्रतिदिन अपडाउन करते हैं। इसी प्रकार जनपद पंचायत नौगांव में पदस्थ सहायक यंत्री ओपी दुबे पेप्टेक टाउन बिजावर नाका में रहते हैं। जिला मुख्यालय से 100 किमी दूर गौरिहार में पदस्थ सहायक यंत्री बीके नायक रेडियो कॉलोनी के पास रहते हैं। इसी प्रकार 100 किमी से अधिक दूरी पर जनपद पंचायत बकस्वाहा में पदस्थ सहायक यंत्री डीके भंडारी छतरपुर की ग्रीन एवेन्यु कॉलोनी में रह रहे हैं। राजनगर जनपद पंचायत में पदस्थ सहायक यंत्री एमएल अहिरवार भी छतरपुर से ही अपडाउन करते हैं।

मजेदार बात ये है कि जिले में मनरेगा के तहत करोड़ों रुपये के काम चल रहे हैं और इन कामों को देखने का जिम्मा उपयंत्री एवं सहायक यंत्रियों के ऊपर है लेकिन जिले के सभी जनपदों में पदस्थ सहायक यंत्री और उपयंत्री मुख्यालय पर न रहकर घर पर ही मूल्याकंन एवं निरीक्षण का कार्य कर रहे हैं। बीते रोज बिजावर में दो ग्राम पंचायतों में स्वीकृत स्टापडेमों को स्थल चयन में गड़बड़ी होने के कारण स्थान बदला गया था। जबकि पूर्व में स्वीकृत किए गए चेकडेमों में काम स्वीकृत हो चुके थे। सरकार के करोड़ों रुपए का नुकसान करने वाले इन उपयंत्री और सहायक यंत्रियों पर कलेक्टर का आदेश का कोई असर नहीं हो रहा है।

सरकारी आवासों में रह रहे सहायक यंत्रीः

मनरेगा में पदस्थ सहायक यंत्री और उपयंत्री अपने जनपद मुख्यालय पर नहीं रहते हैं इस बात की जानकारी जिला पंचायत सीईओ और कलेक्टर को भी है। यह इसलिए भी कहा जा सकता है कि जनपदों में पदस्थ सहायक यंत्रियों को छतरपुर में सरकारी आवास तक आवंटित किए गए हैं। बड़ामलहरा जनपद पंचायत में पदस्थ सहायक यंत्री एनके शर्मा छतरपुर में सरकारी आवास में रहते हैं। इसी प्रकार जनपद पंचायत लवकुशनगर में पदस्थ उपयंत्री रजनी पोचकर सिंचाई कॉलोनी छतरपुर में आवंटित सरकारी आवास में रह रही हैं। वे कभी-कभार ही लवकुशनगर जाती हैं।

वर्जन--

सभी जनपद सीईओ को इस संबंध में निर्देश दिए जा चुके हैं। वे एई और उपयंत्रियों के मुख्यालय पर रहने का सत्यापन करेंगे इसके बाद अगर एई और उपयंत्री जनपद मुख्यालय पर नहीं मिलेंगे तो उनके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

-अमर बहादुर सिंह, जिला पंचायत सीईओ

Posted By: Nai Dunia News Network

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

NaiDunia Local
NaiDunia Local
 
Show More Tags