बकस्वाहा(नईदुनिया न्यूज)। बकस्वाहा विकासखंड के ग्राम पंचायत पड़रिया स्थित शासकीय नवीन हाई स्कूल पड़रिया में समय से शिक्षक नहीं पहुंच रहे हैं। स्कूल गेट का ताला न खुलने से बच्चे बाहर बैठकर इंतजार करके लौट जाते हैं।

शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए शासन द्वारा भले ही तरह-तरह के प्रयास करके शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के प्रयास किए जा रहे हों पर जिम्मेदार शिक्षकों की लापरवाही से सारे मंसूबे फेल हो रहे हैं। कोरोना काल में दो साल से स्कूल बंद रहने के बाद अब इन्हें खोलने के निर्देश दिए गए हैं, लेकिन कुछ स्कूलों के अध्यापकों द्वारा स्कूल समय से न आने के कारण विद्यार्थी पढ़ाई से वंचित हैं और शिक्षा का स्तर गिरता जा रहा है। यह सच्चाई पड़रिया के नवीन हाई स्कूल में देखने को मिलती है, जो समय पर कभी नहीं खुलता है। दोपहर करबी 12 बजे शिक्षक आते हैं और स्कूल में कुछ समय गपशप करके समय से पहले ही 3 बजे गेट पर ताला डालकर घर लौट जाते हैं। शिक्षकों की इस लापरवाही का खामियाजा बच्चों को भुगतना पड़ रहा है। अभिभावकों ने इस पर नाराजगी जताकर कहा है कि शिक्षकों की इस मनमानी का असर बच्चों के भविष्य पर पड़ रहा है।

मनमानी पर किसी की नजर नहीं:

बच्चों के अभिभावकों का कहना है कि शिक्षा विभाग में जिनके कंधों पर बच्चों की भविष्य का दारोमदार है जब वे ही लापरवाही करने लगें तो बच्चों का भविष्य कैसा होगा इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। पड़रिया पंचायत के सरपंच भान सिंह ठाकुर ने बताया कि ग्राम पंचायत पड़रिया के शासकीय नवीन हाई स्कूल के प्राचार्य की मनमानी के कारण बच्चों का भविष्य अंधकारमय हो गया है। प्राचार्य भी मुख्यालय पर नहीं रहते हैं, बाकी शिक्षक भी अपनी मर्जी से स्कूल आते-जाते हैं। अभिभावकों ने ये भी बताया कि स्कूल नियमित रूप से नहीं खोला जाता है। हफ्ते में कई दिन स्कूल बंद रहता है। वहीं प्राचार्य विपिन बिहारी खरे ने कई मजबूरियां गिनाते हुए व्यवस्था में सुधार की बात करके सवालों से कन्नाी काट रहे हैं।

वर्जन--

पड़रिया के नवीन हाई स्कूल के नियमित न खुलने की जानकारी आप से प्राप्त हुई है। इसकी जांच कराता हूं, यदि ऐसा पाया जाता है तो संबंधित के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

संतोष शर्मा

जिला शिक्षा अधिकारी, छतरपुर

Posted By: Nai Dunia News Network

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