छतरपुर(नईदुनिया प्रतिनिधि)। भले ही पिछले 24 घंटे से जिले में रिमझिम बारिश हो रही हो, लेकिन इस वर्ष जिले में अभी तक 1074.9 मिमी औसत बारिश से 374.9 मिमी बारिश कम होने से जिले के सारे जलस्रोत रीते पड़े हैं। हालांकि इन दिनों जारी हल्की बारिश से लोगों की उम्मीदें जुड़ी हैं।

इस बार वर्षा का स्तर बेहद कम है, पिछले साल के मुकाबले इस वर्ष कम वर्षा होने के कारण जिले के आठ बड़े डेम और कई नदियां और तालाब काफी खाली पड़े होने से जल संग्रहण क्षमता गिरने का खतरा बढ़ गया है। इसका सीधा असर अब आने वाले रबी सीजन पर पड़ेगा। इस बार कम वर्षा के कारण रबी सीजन में जिले के लगभग एक लाख हेक्टेयर क्षेत्र में नहर के पानी से सिंचित होने वाली फसलों के प्रभावित होने का खतरा मंडराने लगा है। भू-अभिलेख विभाग से प्राप्त बारिश के आंकड़ों के अनुसार छतरपुर जिले में 1 जून से 16 सितंबर तक 700 मिमी (27.9 इंच) औसत वर्षा दर्ज की गई है, जो गत वर्ष इसी अवधि में दर्ज की गई 663.2 मिमी (26.5 इंच) औसत वर्षा से केवल 35 मिमी अधिक है। जिले में 14 से 16 सितंबर के 24 घंटे में औसत रूप से 15.5 मिमी वर्षा रिकार्ड की गई है। इस अवधि में राजनगर में सबसे अधिक 34.8 और बक्स्वाहा में सबसे कम 2.4 मिमी वर्षा हुई। तो वही बड़ामलहरा में 28.2, बिजावर में 19, गौरिहार में 13, छतरपुर में 12 लवकुशनगर में 8, तथा नौगांव में 6.2, मिमी वर्षा हुई है। अभी तक हुई कुल औषत बारिश में छतरपुर ब्लॉक के वर्षा केन्द्र में 622.4 मिमी, लवकुशनगर में 601 मिमी, बिजावर में 528.3 मिमी, नौगांव में 837.2 मिमी, राजनगर में 721 मिमी, गौरिहार में 785 मिमी, बड़ामलहरा में 919.2 मिमी और बक्स्वाहा में 570.2 मिमी वर्षा दर्ज की गई है।

पूरे नहीं भरे बड़ी क्षमता के बांध, तालाबः

छतरपुर जिले में बारिश के पानी को संग्रहित करने के लिए बड़ी क्षमता के कई बांध व तालाब अभी तक कम बारिश होने से खाली पडे हैं। सिंचाई विभाग से मिली जानकारी के अनुसार बेनीगंज तालाब की क्षमता 311.81 मिलियन क्यूबिक मीटर पानी संग्रहित करने की है, इसमें सिर्फ 11.36 मिलियन क्यूबिक मीटर पानी आया है। 311 एमसीएम क्षमता वाले बुरहा तालाब में इसमें सिर्फ 1.59 एमसीएम पानी है। 264 एमसीएम पानी को स्टोरेज करने की क्षमता वाले गोरा तालाब में सिर्फ 0.82 एमसीएम पानी है। कुटने डेम की क्षमता 203 एमसीएम पानी को संग्रहित करने की है, जिसमें केवल 62.04 एमसीएम पानी है। 233 एमसीएम की क्षमता वाले रनगुवां डेम में 27.75 एमसीएम पानी है। इसी तरह 209.20 एमसीएम पानी को स्टोरेज करने वाले सिंहपुर बैराज में 27 एमसीएम पानी ही आया है। 270 एमसीएम क्षमता वाले तरपेड़ बांध में केवल 52 एमसीएम पानी है। उर्मिल डेम की बात करें तो इसकी क्षमता 237 एमसीएम जल संग्रहण की है, जबकि यहां केवल 13 मिलियन क्यूबिक मीटर ही पानी है।यह स्थिति काफी चिंताजनक है।

वर्जन--

इस वर्ष पिछले साल की तुलना में अब तक कम बारिश हुई है, जिससे जलस्रोत खाली पड़े हैं। अभी उम्मीद है कि आने वाले दिनों में अच्छी बारिश होने से जलस्रोत भर जाएंगे। यदि कम बारिश हुई तो बरसात का सीजन खत्म होने के बाद सिंचाई के लिए पानी की उपलब्धता के इन बांधों को अन्य बांधों से पानी लाकर भरा जाएगा।

एमके रूसिया

कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन छतरपुर

छतरपुर जिले में लगभग एक लाख हेक्टेयर कृषि क्षेत्र की सिंचाई नहरों से होती है। कम बारिश का असर न सिर्फ इस क्षेत्र पर असर पड़ेगा, बल्कि जिले की ज्यादातर खेती जो निजी कुओं, छोटे तालाबों और पोखरों पर निर्भर है वह भी प्रभावित होगी।

मनोज कश्यप

उप संचालक कृषि, छतरपुर

Posted By: Nai Dunia News Network

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