चंदला (नईदुनिया न्यूज)। स्थानीय प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र काफी पुराने जर्जर हो चुके भवन में चल रहा है। यहां साधन सुविधाओं की कमी लंबे समय से बनी है। न तो स्टाफ है, न बिजली है, महिला डाक्टर की कमी वर्षों से बनी है। इस ओर से अधिकारी और जनप्रतिनिधि अंजान बने हैं।

कहने को तो चंदला विधानसभा क्षेत्र में अस्पताल खुले हैं, मगर उनकी व्यवस्थाएं भगवान भरोसे हैं। इन दिनों यहां बिजली न होने से हालात ऐसे हैं कि यदि रात को कोई अस्पताल पहुंचे तो अंधेरे में अस्पताल के अंदर प्रवेश करना मुश्किल होता है। इस अस्पताल पर इलाज के लिए अंचल के दर्जनों गांवों के हजारों लोग निर्भर हैं। मगर यहां लंबे समय से महिला डॉक्टर की मांग बनी है। स्टाफ की कमी है और साधन सुविधाओं का टोटा है। ऐसे में अधिकांश लोगों को जब यहां इलाज नहीं मिलता है तो उन्हें छतरपुुर के लिए लवकुशनगर या जिला अस्पताल तक भागना पड़ता है। लोगों का कहना है कि अस्पताल की सुविधाओं व डॉक्टरों की व्यवस्था के लिए किसी ने आज तक ध्यान नहीं दिया है, इसी लापरवाही का खामियाजा आमजन को भोगना पड़ रहा है।

वर्जन--

पीएचसी का भवन काफी पुराना हो जाने से जर्जर हो गया है। उसे विभाग ने एक्सपायर घोषित कर दिया है। इस कारण अब अस्पताल को पास में बने नगर परिषद के एक गोदाम में स्थानांतरित किया जा रहा है। अन्य सुविधाओं के लिए वरिष्ठ स्तर पर जानकारी भेजी गई है।

डां. लखन

चिकित्साधिकारी, पीएचसी चंदला

----

आजीविका केंद्र का किया निरीक्षण

छतरपुर। विधायक प्रद्युम्न सिंह लोधी ने बुधवार को बड़ामलहरा आजीविका केंद्र का आकस्मिक निरीक्षण किया और आकांक्षी योजना में मिली सिलाई मशीन के उपयोग के संबंध में जानकारी लेकर इस केंद्र का संचालन अक्टूबर से शुरू कराके रेडीमेड वस्त्र और अगरबत्ती बनाने के कार्य पर जोर दिया। उन्होंने केंद्र की पेयजल समस्या के निदान के लिए प्रस्तावित बोरिंग कराने के लिए एसडीएम विकास आंनद एवं सीईओ जनपद पंचायत के साथ भूमिपूजन भी किया है।

Posted By: Nai Dunia News Network

NaiDunia Local
NaiDunia Local