छतरपुर(नईदुनिया प्रतिनिधि)। आत्म तत्व का बोध कराने वाले वेद रूपी कल्पवृक्ष का फल भागवत पुराण को कहा गया है। सभी पुराणों से जिज्ञासा शांत होती है और भागवत से मोक्ष की पिपासा। यह बात चौबे कॉलोनी में श्रीमद्भागवत पुराण की कथा सुनाते हुए मैहर के आचार्य डॉ प्रभु जी ने कही है।

उन्होंने कहा कि नैमिषारण्य में शौनक मुनि ने नारदजी से 6 प्रश्न किए और नारद जी ने उन 6 प्रश्नों का जवाब देते हुए उन्हें भागवत की कथा सुनाई। इसके पहले भी नारद के 4 श्लोकों को आधार बनाकर वेदव्यास ने उन्हें 18000 श्लोकों में विस्तार श्रीमद् भागवत पुराण की रचना की थी। डॉ. प्रभु ने कहा कि नैमिषारण्य का अर्थ यही है कि जहां व्यक्ति के इंद्रिय रूपी चंचल घोड़े शिथिल पड़ जाएं और जीवन में शांति आ जाए। महाभारत की महत्वपूर्ण घटनाओं पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा दुर्योधन की प्रवृत्ति मरते समय भी नहीं बदली और अश्वत्थामा द्वारा पांडव पुत्रों के सिर काट लेने के बाद सुख-दुख की संधि में उसने अपने प्राण त्याग दिए। अश्वत्थामा ब्रह्मास्त्र चलाना तो जानता है पर उसे नियंत्रित करना नहीं जानता, इसी तरह आज कुछ राष्ट्र परमाणु हथियार बनाना तो सीख गए हैं पर उनमें संयम का भाव नहीं है जिससे विश्व के अन्य राष्ट्र भी चिंतित हैं। प्रभु ने कहा कि प्रबुद्ध लोग युद्ध को टालते हैं, पहले प्रयास और संवाद होना चाहिए पर यदि संवाद को पड़ोसी कायरता समझे तो सर्जिकल स्ट्राइक भी होनी चाहिए। अश्वत्थामा के ब्रह्मास्त्र से रक्षा करने के लिए भगवान श्री कृष्ण उत्तरा के गर्भ में जाकर परीक्षित के साथ रहे यह भक्त और भगवान के एक साथ रहने का अद्भुत और इकलौता उदाहरण है।

बैकुंठ का अर्थ है कंुठा रहितः

डॉ प्रभु ने गोकर्ण की कथा सुनाते हुए कहा कि गौकर्ण अपने प्रेत भाई धुंधकारी को भागवत की कथा सुनाते हैं। कथा सुनने के बाद धुंधकारी को लेने भगवान के पार्षद विमान लेकर आते हैं यहां विमान का अर्थ मान रहित होना है। उन्होंने कहा कि जब धुंधकारी का सारा अभिमान नष्ट हो गया तो वह भगवान के बैकुंठ धाम को चला गया। इससे ये स्पष्ट है कि बैकुंठ का अर्थ भी कुंठा रहित होना ही है। उन्होंने कहा भागवत ऐसा एकमात्र पुराण है जिसके मंगलाचरण में किसी भगवान की स्तुति करने की जगह परम सत्य की ओर सभी का ध्यान आकृष्ट कराया गया है। इन दिनों कथा का श्रवण करने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। आरती के समय श्रद्धालुओं की आस्था व विश्वास का अनूठा उत्साह देखने को मिल रहा है।

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