छतरपुर(नईदुनिया प्रतिनिधि)। कोरोना काल में प्रदेश सरकार द्वारा माफ किए गए बिजली बिलों को एक बार फिर बिजली कंपनी द्वारा आम उपभोक्ताओं से वसूली शुरू कर दी गई है। उपभोक्ताओं को बढ़े बिजली के बिल करंट मार रहे हैं। कोरोना काल में स्थगित हुए बिजली के बिलों की वसूली को लेकर उपभोक्ता परेशान हैं। घरों में हजारों रुपये के बिल देखकर उपभोक्ताओं की रातों की नींद उड़ गई है। ज्यादातर लोगों को तो समझ ही नहीं आ रहा कि इस बकाया बिल की भरपाई वे कैसे करें। बिलों को लेकर बड़ी संख्या में लोग बिजली कंपनी के कार्यालय पहुंच रहे हैं।

लोगों का कहना है कि पिछले वर्ष कोरोना काल में तो सरकार ने बकाया राशि माफ कर दी थी फिर एक साल बाद इसकी वसूली कैसे हो रही है। छतरपुर में कई उपभोक्ताओं के घर में भारी भरकम बिल पहुंच रहे हैं। जिससे उपभोक्ता खासे परेशान हैं। नगर में कई लोग ऐसे हैं जो 2 वर्षों से लगातार लॉकडाउन से परेशान रहे हैं। वे अपने निजी जीवन के रोज के खर्च उठाने में असमर्थ हैं। कोविड-19 जैसे कई लोग अपनी नौकरी गंवा देने से उनकी रोजी-रोटी ठप पड़ी है, कई उपभोक्ता गरीबी रेखा के नीचे आते हैं परंतु प्रदेश सरकार ने कोरोना समय में जिन बिलों को माफ किया था वे अब नए बिलों के साथ जुड़कर आने लगे जो लोगों की नींद हराम कर रहे हैं। दरअसल कई लोग अभी बिल देने में असमर्थ हैं। उपभोक्ता नरेश यादव का कहना है कि पहले हमारा बिल 400 रुपये आता था, इस बार बिल 26000 आया है। इतनी बड़ी रकम एक साथ दे पाना संभव नहीं है। धीरेंद्र सिंह को इस बार बिजली का 4000 रुपये का बिल आया है, पहले 700 तक आता रहा है। उनका कहना है कि कोरोना काल के माफ बिल को भी इस बार बिल में जोड़ दिया गया है, जबकि हमारी दुकान काफी समय से बंद पड़ी है। उपभोक्ता पुनीत राय का कहना है कि एक ओर बढ़े हुए बिजली के बिल दिए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर मेंटेनेंस के नाम पर दिनभर कटौती की जाती है, सुचारू रूप से बिजली ही नहीं दी जाती है। इस समय हालात ऐसे हैं कि बिजली के पुराने बिलों की वसूली के लिए बड़ी संख्या में महिला और पुरूष उपभोक्ता बिजली कंपनी के कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं, उनकी फरियाद सुनने की फुर्सत किसी को नहीं है।

काम नहीं आ रही समाधान योजनाः

कोरोना काल में स्थगित हुए बिलों की वसूली के लिए प्रदेश सरकार ने समाधान योजना शुरू की है। इसके तहत बकाया राशि एकमुश्त जमा करने पर 40 फीसद राशि अधिभार सहित माफ हो जाएगी। लोग किस्तों में जमा करना चाहते हैं तो 25 फीसद राशि माफ होगी। इसके लिए जिले में 92 हजार लोगों को बकाया बिल जमा करने के लिए इस योजना के तहत पंजीयन कराने नोटिस जारी किए गए हैं। यहां बता दें कि ज्यादातर उपभोक्ता गरीब बस्तियों के हैं, इस योजना के तहत जिन लोगों को नोटिसों मिले हैं, वे नोटिसों को लेकर घबराए हुए हैं। किसी को दो हजार तो किसी तो 40 हजार रुपये तक बिल जमा करने का नोटिस मिला है। लोगों का कहना है बकाया बिल का 60 फीसद जमा करने के लिए भी अचानक हजारों रुपये की व्यवस्था नहीं हो पा रही है।

विधायक ने लिखा विद्युत अभियंता को पत्रः

यहां बता दें कि महाराजपुर क्षेत्र के विधायक नीरज दीक्षित ने कोरोना काल के समय माफ किए गए बिजली बिलों को वसूली लेकर उपभोक्ताओं की परेशानी के बारे में विद्युत अभियंता सागर को एक पत्र भी भेजा है जिसमें कहा गया है कि वर्तमान में छतरपुर जिले में लोग कोरोना से परेशान होकर अपना जीवन यापन सामान्य नहीं कर सके हैं। बहुत से आम लोगों के काम धंधे ठप हो गए हैं। गरीब मजदूरों के साथ-साथ आम उपभोक्ताओं को तमाम समस्याओं और आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है। संक्रमण काल में गांव-गांव में बिजली बिल की राशि वसूलने का कार्य किया जा रहा है। काम धंधे ठप होने के कारण विद्युत उपभोक्ताओं को बिजली बिल जमा करने में परेशानी हो रही है। इसे देखते हुए कोरोना संक्रमण काल में बिजली बिल की वसूली स्थगित की जाए।

Posted By: Nai Dunia News Network

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