- भूमि सुधार के लिए लगा रहा था कलेक्टोरेट के चक्कर, नहीं हो रही थी उसकी सुनवाई

- पूर्व कलेक्टर ने किसान के मामले में कर दिए थे आदेश, अन्य अफसर नहीं कर रहे थे अमल

छतरपुर. नईदुनिया प्रतिनिधि। छतरपुर कलेक्टोरेट में एक किसान ने जहर पीकर आत्महत्या करने का प्रयास किया। किसान के जहर पीने के बाद उल्टियां करने की सूचना जैसे ही प्रशासनिक अफसरों को मिली। इसके बाद तुरंत आनन फानन में उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हालांकि अभी तक उसकी हालत के बारे में डॉक्टर भी कुछ नहीं कह पा रहे हैं।

घटनाक्रम के मुताबिक गोदी गांव निवासी बुजुर्ग गांव निवासी किसान उमाकांत तिवारी कई सालों से कलेक्टोरेट में भूमि सुधार के लिए चक्कर लगा रहा था। लेकिन न तो उसकी बात न ताे अफसर सुन रहे थे और न ही कर्मचारी। हर बार उसे टालकर घर भेज देते थे। किसान ने बताया कि उसके भूमि सुधार के मामले में पूर्व कलेक्टर ने आदेश भी कर दिया था। लेकिन अन्य अफसर व कर्मचारी आदेश का पालन नहीं कर रहे हैं। ऐसे में वह कलेक्टोरेट के चक्कर लगा रहा था और आज वह परेशान हो गया। इसलिए उसने जहर पीकर आत्महत्या करने का प्रयास किया।

इल्ली मारने की दवा पी किसान ने: बुजुर्ग किसान उमाकांत ने कलेक्टोरेट में इल्ली मारने की दवाई को पिया। दवा पीने के कुछ देर बाद ही उमाकांत ने कलेक्टोरेट परिसर में ही उल्टियां करना शुरू कर दिया। किसान की हालत जैसे ही बिगड़ी। वैसे ही कर्मचारियों ने देखा और अफसरों को सूचना दी। सूचना मिलते ही अफसरों ने तुरंत एंबुलेंस बुलाई और बुजुर्ग किसान को अस्पताल भेजा। जहां पर उसे भर्ती करके इलाज कराया जा रहा है। अस्पताल में डा. जीएल अहिरवार की निगरानी में बुजुर्ग का उपचार किया जा रहा है। अभी उसकी हालत के बारे में डॉक्टर भी कुछ कह नहीं पा रहे हैं।

Posted By: anil tomar

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