छतरपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। छतरपुर में बुधवार दोपहर लगभग ढाई बजे 30 फीट गहरे बोरवेल में गिरे पांच साल के दीपें“ को साढ़े सात घंटे में ही सुरक्षित निकाल लिया गया। बचाव कार्य में जुटी टीम समानांतर गढ्डा खोदने के बाद सुरंग बनाकर दीपं“ तक पहुंचने ही वाली थी किउसी दौरान उसे रस्सी के सहारे खींचने का प्रयास भी चल रहा था। आखिर अंदर भेजी गई रस्सी को दीपें“ ने कमर से बांध लिया और धीरे-धीरे उसे ऊपर खींच लिया गया। बच्चे काे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। रात काे ही सीएम शिवराज सिंह चाैहान ने मासूम के परिजनाें से चर्चा की। इस दाैरान जब सीएम ने दीपेंद्र से बात की ताे वह बाेला कि मैं सकुशल बाहर निकल आया हूं, क्या आप मुझसे मिलने आएंगे। इस पर सीएम ने कहा कि मैं जरूर मिलने आऊंगा।

ओरछा रोड थानांतर्गत नारायणपुरा निवासी अखिलेश यादव का पुत्र दीपेंद्र खेत में ही खेल रहा था। खेलते-खेलते वह बोरवेल की तरफ चला गया। कोई उसे देख पाता, इसके पहले ही वह बोरवेल में गिर गया। घटना लगभग ढाई बजे की है। बोरवेल के छोटे से गड्ढे से आ रही आवाज पर जब आसपास के आसपास के लोगों ने गौर किया तो उन्होंने उसे दीपेंद्र की आवाज के रूप में पहचाना। इसके बाद परिजनों ने तत्काल जिला प्रशासन एवं पुलिस को सूचना दी। पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची और रेसक्यू टीम को बुलाया। नेशनल डिजास्टर रेस्पांस फोर्स (एनडीआरएफ) और स्टेट डिजास्टर रेस्पांस फोर्स (एसडीआरएफ) की टीम ने बचाव कार्य (रेसक्यू) शुरू कर दिया था। दीपेंद्र को बाहर निकालने के लिए बोरवेल के पास ही जेसीबी से एक और गड्ढा खोदा गया। योजना सुरंग के रास्ते दीपेंद्र को बाहर निकालने की रही। हालांकि, वर्षा परेशानी का सबब बनी थी। दीपेंद्र को सांस लेने में दिक्कत न हो, इसलिए आक्सीजन की व्यवस्था की गई है। कैमरे के जरिए बच्चे की पूरी लोकेशन बाहर अधिकारियों को दिख रही थी। बच्चा सीधा और सिर ऊपर की ओर था, यह सबसे राहत भरा रहा। रात दस बजे तक समानांतर गढ्डा खोदने के बाद दीपें“ तक पहुंचने के लिए पांच फीट की सुरंग खोदने का काम चल रही रहा था कितभी अधिकारियों को दूसरा प्रयास रंग लाया। दीपें“ हर बात को समझ रहा था, ऐसे में ऊपर से भेजी गई रस्सी को कमर में बांधन के लिए कहा गया तो उसने रस्सी बांध ली। धीरे-धीरे उसे ऊपर खींच लिया गया।

मुख्यमंत्री भी रहे सक्रिय: घटना के जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने छतरपुर कलेक्टर संदीप जीआर से इस घटना के संबंध में चर्चा की थी। इसके बाद उन्होंने एसडीआरएफ के अधिकारियों से भी बात की और राहत कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। सीएम ने ट्वीट भी किया किसभी मिलकर प्रार्थना करें, दीपेंद्र सकुशल बाहर निकलेगा।

दरअसल नारायणपुर गांव में बच्चे के बाेरवेल में गिरने की सूचना मिलते ही प्रशासन अलर्ट माेड में आ गया था। ऐसे में इस प्रकार के घटनाक्रम में उपयाेग में आने वाले सभी उपकरण समय रहते बाेरवेल वाले स्थान पर मंगवा लिए गए थे। साथ ही पूरी प्लानिंग भी कर ली गई थी। इसी वजह से प्रशासनिक अफसराें के पहुंचते ही वहां पर रेसक्यू टीम काे बुला लिया गया। इसके बाद कैमरे से पल-पल की लाेकेशन लेते रहे हैं। साथ ही बच्चे काे आक्सीजन की दिक्कत न हाे इसलिए आक्सीजन पाइप अंदर डाल दी गई थी। इसी का परिणाम है कि 7.30 घंटे बाद आखिर दीपेंद्र काे सकुशल बाहर निकाल लिया गया।

छत्तीसगढ़ के बोरवेल हीरो राहुल काे 105 घंटे बाद निकला था सुरक्षितः छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले के ग्राम पिहरीद में 10 जून की दोपहर राहुल साहू (10) 80 फीट गहरे बोरवेल में गिर गया था। 60 फीट नीचे गहराई में एक पाइप के पास मोड़ में फंस गया था। पांच दिन तक एनडीआरएफ, सेना और एसडीआरएफ समेत साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड के विशेषज्ञों की मदद से बड़े पैमाने पर बचाव अभियान शुरू किया। समानांतर गढ्ढा खोदने में काफी दिक्कतें आईं। चट्टानों को तोड़ने में 105 घंटे का वक्त लगा, तब कहीं जाकर राहुल को सुरक्षित बाहर निकाला गया। देश का यह सबसे बड़ा आपरेशन था। पूरे अभियान के दौरान राहुल ने गजब की जिजीविषा दिखाई। उसे एक सप्ताह तक अपोलो अस्पताल बिलासपुर में डाक्टरों की विशेष निगरानी में रखा गया। गढ्ढे में चार दिनों तक पानी में आधा डूबे रहने के कारण राहुल के शरीर में संक्रमण हो गया था। कई जगहों पर घाव के निशान थे। अस्पताल में राहुल का 10 दिनों तक इलाज चला। अब वह सुरक्षित अपने गांव में है।

छतरपुर की घटना में स्वजन ने बताया है कि एक साल पहले बोर खुदवाया था, पानी नहीं निकला तो केवल झाड़ियों से ढक दिया, बारिश से पहले खेत एक सा कराया था तो झाड़ियां भी किनारे कर दी।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कुछ देर पहले छतरपुर में बोरवेल में फंसे बच्चे दीपेंद्र यादव की मां से फोन पर चर्चा कर उन्हें ढांढस बंधाया, रेस्क्यू ऑपरेशन की जानकारी दी और बच्चे को निकालने में पूरी मदद का आश्वासन दिया।

बोरवेल में फंसे बच्चे को निकालने के लिए रेस्क्यू का काम तेजी से चल रहा है। प्रशासन घटना स्थल पर है और बच्चे को निकालने के हर संभव प्रयास किए जा रहे है

वहीं अधिकारियाें के मुताबिक करीब 30 फीट गहरे गड्ढे में दीपेंद्र फंसा हुआ है। कैमरे के जरिए बच्चे की पूरी लाेकेशन बाहर अधिकारियाें काे अब दिखाई देने लगी है।

दीपेंद्र काे बाहर निकालने के लिए रेसक्यू टीम ने बाेरवेल के पास ही एक और गड्ढा खाेदना शुरू कर दिया है। यह खुदाई जेसीबी के जरिए की जा रही है। रेसक्यू टीम की याेजना सुरंग के रास्ते दीपेंद्र काे बाहर निकालने की है। हालांकि बारिश रेसक्यू टीम के लिए बड़ी परेशानी बनी हुई है। वहीं सीएम शिवराज सिंह चाैहान ने भी मुख्य सचिव एवं छतरपुर कलेक्टर से इस घटना के संबंध में चर्चा की है। इसके बाद उन्हाेंने एसडीआरएफ के अधिकारियाें से भी बात की। फिर प्रशासन ने एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीम काे बुलाया और रेसक्यू आपरेशन तेज गति से शुरू हाे गया है।

जानें कैसे हुई घटनाः छतरपुर के नारायणपुर में रहने वाले अखिलेश यादव का 5 वर्षीय पुत्र दीपेंद्र यादव खेत में खेल रहा था। इसी दाैरान वह खेलते-खेलते बाेरवेल की तरफ चला गया। काेई उसे देख पाता इसके पहले ही वह बाेरवेल में गिर गया। इसके बाद तत्काल घटना की जानकारी जिला प्रशासन एवं पुलिस काे दी गई। माैके पर पहुंचकर रेसक्यू टीम ने बच्चे काे निकालने के प्रयास शुरू कर दिए हैं। हालांकि बारिश ने रेसक्यू टीम की परेशानी काे बढ़ा दिया है।

सीएम ने ट्वीट कर कहा कि सभी मिलकर प्रार्थना करें, दीपेंद्र सकुशल बाहर निकलेगा। सीएम ने इस रेसक्यू आपरेशन के बारे में एसडीआरएफ की टीम से भी चर्चा की है। एसपी छतरपुर का दावा है कि अगले 4-5 घंटे में बच्चे काे सकुशल बाहर निकाल लिया जाएगा।

30 फीट गहरा है बाेरवेलः दीपेंद्र बाेरवेल में करीब 30 फीट की गहराई में है। प्रशासन ने इसका अनुमान लगाने के बाद ही रेसक्यू आपरेशन काे और तेज कर दिया है।

मध्यप्रदेश के छतरपुर में बाेरवेल में गिरा चार साल का मासूम, आवाज सुनकर पहुंचे ग्रामीण। रेसक्यू टीम माैके पर पहुंची। pic.twitter.com/jtHBARIhTd

नारायणपुरा निवासी अखिलेश यादव का 5 वर्षीय पुत्र दीपेंद्र यादव खेत में खेल रहा था। इसी दाैरान वह खेलते-खेलते कुछ दूर निकल गया और काम में व्यस्त परिजनाें का भी उस पर ध्यान नहीं गया।

कुछ देर बाद जब देखा ताे दीपेंद्र गायब था। जब खाेजबीन शुरू की ताे वह आसपास कहीं दिखाई नहीं दिया।

इसी दाैरान बाेरवेल के छाेटे से गड्ढे से कुछ आवाज सुनाई दी, जब गाैर किया ताे वह दीपेंद्र की आवाज थी। इसके बाद परिजनाें ने तत्काल जिला प्रशासन एवं पुलिस काे सूचना दी।

पुलिस एवं प्रशासनिक टीम ने माैके पर पहुंचकर रेसक्यू टीम काे बुला लिया है। इसके साथ ही बच्चे काे बाहर निकालने के प्रयास भी शुरू कर दिए हैं। हालांकि बारिश के कारण खेत में बने बाेरवेल से बच्चे काे बाहर निकालना रेसक्यू टीम के लिए भी परेशानी का सबब बना हुआ है।

Posted By: vikash.pandey

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