छिंदवाड़ा। मोतियाबिंद ऑपरेशन के दौरान आंखों की रोशनी गंवाने वाले तीन मरीजों को एक नेत्र विशेषज्ञ के साथ भोपाल पहुंचा दिया गया। वहीं एक मरीज को देखने डीन और नेत्र विशेषज्ञ उसके घर पहुंचे। उल्‍लेखनीय है कि इंदौर में भी एक अस्‍पताल में ऑपरेशन के बाद कुछ मरीजों की आंखों की रोशनी चली गई थी। इन दोनों मामलों से प्रदेश में हड़कंप है।

उल्लेखनीय है कि जिला अस्पताल में 25 सितंबर को चार मरीजों के मोतियाबिंद का ऑपरेशन किया गया था। ऑपरेशन के दो दिन बाद 27 सितंबर को उन्हें दिखना बंद हो गया। परिजन उन्हें पुन: जिला अस्पताल ले गए थे, जहां डॉक्टरों ने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया था। जिस पर हड़कंप मच गया।

मामला सुर्खियों में आने पर सीएम कमलनाथ ने भी संज्ञान लिया था। गुरुवार की करीब 7 बजे नेत्र विशेषज्ञ डॉ. भारती बादलानी की टीम तीन मरीजों उभेगांव निवासी कलाबाई पति धाम सिंह, परासिया निवासी दफेलाल पिता बेनी ढाकरिया और समरती बाई को भोपाल ले गईं।

इसके अलावा नागपुर से इलाज कराकर लौटे चौथे मरीज मुन्ना पिता घंसू चौरे निवासी बीसापुर को देखने के लिए छिंदवाड़ा मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. जीआर रामटेके और नेत्र विभाग के प्रमुख डॉ. सीएम गेडाम उसके घर पहुंचे। इधर, कलेक्टर श्रीनिवास शर्मा के निर्देश पर प्रभारी सीएमएचओ ने 4 सदस्यीय टीम बनाई है। जो मामले की जांच करेगी।

जांच के बाद करेंगे कार्रवाई

मरीजों को भोपाल भेज दिया है। इस मामले की जांच के लिए टीम बना दी गई है। टीम के सदस्यों द्वारा जल्द ही रिपोर्ट दी जाएगी। इसमें जो भी दोषी पाया जाएगा, उस पर कार्रवाई की जाएगी।

डॉ. सुशील राठी, प्रभारी सीएमएचओ, छिंदवाड़ा

Posted By: Hemant Upadhyay