एक सप्ताह से गायब थे दोनों, चोरी के लिए खदान में उतरने का अंदेशा

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मौके पर पहुंची पुलिस ने निकाले शव

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घटनास्थल पर मौजूद लोगों को रोकने के लिए की गई व्यवस्था

परासिया। वेस्टर्न कोल फील्ड्स लिमिटेड के पेंच क्षेत्र की गणपति कोयला खदान में एक सप्ताह से लापता चाचा और भतीजे के शव मिलने से हड़कंप मच गया। दोनों एक सप्ताह पहले शनिवार से गायब थे। इनके खदान में होने की खबरें मिलने के बाद पुलिस ने रेस्क्यू टीम और कोयला खदान प्रबंधन के साथ खदान में शव की तलाश करवाई। शव खदान में उतरने के गेट से सात मीटर अंदर ही कीचड़ में धंसे पाए गए। शवों की हालत बेहद खराब थी। जानवरों ने शव के कई हिस्सों को नुकसान पहुंचा दिया था। एक शव औंधा पड़ा था। दूसरा युवक घुटनों के बल था। उसका सिर जमीन में धंसा हुआ था। दोनों युवकों की पहचान राजेंद्र उर्फ राजू, उर्फ रज्जू कठौते (28) और उसके चाचा अर्जुन कहार (42) के रूप में की गई। घटना स्थल पर परासिया एसडीओपी अनिल सिंह, टीआइ सुमेर सिंह जगेल और पुलिस की टीम घटनास्थल पर पहुंचे। फारेंसिंक एक्सपर्ट के आने के बाद शव बाहर निकाले गए। इस दौरान बड़ी संख्या में मृतक के परिजन, परिचित और आसपास के लोग इकट्ठा हो गए।

फोंरेंसिक एक्सपर्ट ने की जांच

फोरेंसिक एक्सपर्ट डॉ. अजीता जौहरी अपनी टीम के साथ यहां पहुंची। वे गणपति खदान के अंदर गई। शवों के हालात देखने के बाद बाहर आकर उन्होंने शवों का निरीक्षण किया। शव बेहद खराब स्थिति में थे। माइंस रेस्क्यू रूम परासिया की टीम खदान में उतरी। खदान से दोनों के शव निकाले गए। नगर पालिका के सफाई विभाग की टीम ने भी इसमें सहयोग किया, जिसका नेतृत्व सलीम खान ने किया। माइंस रेस्क्यू टीम के आरके सुमन, भुवनेश्वर यदुवंशी, कन्हैया सिंह, अनिल विश्वकर्मा खदान के अंदर गए। शव निकालने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज गए। खदान में मृत मिले युवकों में से राजू आसपास ही मजदूरी का काम करता था, जबकि अर्जुन दो माह पहले ही भोपाल से आया था। यहां रहकर वह भी काम कर रहा था। अर्जुन शनिवार की दोपहर राजू के पास आया। इस दौरान खाना खाकर राजू सोने की तैयारी कर रहा था। अर्जुन और राजू चर्चा करने के बाद रवाना हुए। इसके बाद से ही दोनों का पता नहीं था। इधर अर्जुन की पत्नी भी मायके जाने के बाद अपने दोनों बच्चों सहित लंबे समय से गायब है।

मां ने खदान में शव ढूंढने की दी सलाह

मृतक राजू का बड़ा भाई छिंदवाड़ा में अपनी मां के साथ रहता था। उसके पिता का निधन बहुत साल पहले हो चुका था। बेटे के गायब होने के बाद अकेली मां उसकी तलाश कर रही थी। तब उसे खदान के आसपास ही ढूंढने की सलाह दी गई। वह खदान के पास पहुंची तो उसे घास में जाने का रास्ता दिखा। इसके बाद ही खदान में तलाश की गई।

लोहा, तांबा चोरी का अड्डा बन गई खदान

बीते कई महीनों से गणपति बंद खदान लोहा व तांबा चोरी का बड़ा अड्डा बन गई है। रोजाना यहां चोर आते हैं और चोरी करते हैं। सुरक्षाकर्मियों से उनकी सीधी झड़प होती है। बीजी साइडिंग के मैनेजर साहू ने पुलिस से इसकी शिकायत भी की थी। रोजाना चोरों के आने की सूचना पुलिस को दी गई थी। साइडिंग के मैनेजर साहू ने एसडीओपी को बताया कि कुछ दिनों पहले चोरों की दो गैंग में यहां झड़प हुई थी। गैंगवार के बाद यहां मामला गर्माया था। इस मामले को भी पुलिस गैंगवार से जोड़कर देख रही है। पुलिस मामले की पूछताछ कर रही है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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