छिंदवाड़ा (नवदुनिया प्रतिनिधि)। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग ने कार सर्विसिंग के प्रकरण में सेवा में कमी के मामले में 5 हजार रुपये का भुगतान आदेश दिनांक के 30 दिन के भीतर करने का फैसला सुनाया है। उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग के अध्यक्ष बिपिन बिहारी शुक्ला, सदस्य निधि बारंगे ने प्रकरण में ये आदेश सुनाया है। यदि विपक्षी द्वारा निर्धारित अवधि में राशि का भुगतान नहीं किया गया तो 5 प्रतिशत वार्षिक की दर से ब्याज का भुगतान आदेश दिनांक से भुगतान दिनांक तक देय होगा। परिवारदी के वकील राजू वानखेड़े ने बताया कि प्रार्थी हेमराज साहू (34) निवासी बंसोड़ कालोनी शिशु मंदिर स्कूल के पास, पांढुर्णा ने अभिषेक आटोमेटिव के संचालक अभिषेक के खिलाफ परिवाद दायर किया थी, जिसमें सर्विसिंग के दौरान आई कार के सभी सुधार कार्य कथित तौर पर न करने और क्रेडिट कार्ड से भुगतान किए जाने पर 2.5 प्रतिशत अतिरिक्त प्रभार वसूलने के कारण सेवा में कमी के आधार पर परिवादी ने विपक्षी के विरुद्ध उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के अंतर्गत परिवाद प्रस्तुत किया। विपक्षी से मानसिक आघात हेतु 30 हजार रुपये का दावा किया था, फरियादी ने बताया कि कार एमपी 28 सी 6258 की सर्विसिंग कराने के लिए विपक्षी एजेंसी को दिया। वाहन में नया एयर फिल्टर एसेम्बली लगाना था। वाहन के कुलेंट लीकेज को सुधारना था। वाहन में बाई साइड नया आइना लगाना था। आयल तथा आयल फिल्टर बदलना थाए किन्तु विपक्षी ने वाहन में आयल एवं आयल फिल्टर बदल दिया। शेष काम नहीं किया, पूछने पर बताया कि उसके पास एयर फिल्टर एजेंसी में नहीं है और वाहन का रेडिएटर फटा है। परिवादी के पूछने पर विपक्षी ने बताया कि नया रेडिएटर नहीं है और न ही उसके पास बाई साइड का आइना है। ये सभी वस्तुएं आने में कम से कम एक महीना लगेगा। विपक्षी ने परिवादी को यह भी सूचित किया कि रेडिएटर खराब होने से कुछ नहीं होता गाड़ी चलाते रहिए। विपक्षी ने आयल तथा आयल फिल्टर का जो काम किया था, उसका बिल 3,817 रुपये दिया था।

Posted By: Nai Dunia News Network

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