समाज में व्याप्त विभिन्ना समस्याओं को लेकर बैठक में किया मंथन

फोटो-18 बीटीएल 8

बैतूल। मांझी समाज के पदाधिकारियों ने पूर्व विधायक विनोद डागा को समाज में व्याप्त विभिन्ना समस्याओं का ज्ञापन सौंपा। वि.

बैतूल। नवदुनिया प्रतिनिधि

मांझी समाज की विभिन्ना समस्याओं पर विचार-विमर्श करने को लेकर जिला मांझी मछुआ जनजाति समाज संगठन की सामाजिक बैठक शनिवार निषादराज मंगल भवन में आयोजित की गई। बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व विधायक विनोद डागा उपस्थित हुए। बैठक की अध्यक्षता समाज के जिलाध्यक्ष केएल शेंद्रे ने की। इस दौरान मांझी समाज के पदाधिकारियों ने श्री डागा को समाज में व्याप्त विभिन्ना समस्याओं से अवगत कराया। जिलाध्यक्ष श्री शेंद्रे ने बताया कि भारत सरकार द्वारा मछुआरों को माझी नाम से एसटी का आरक्षण प्रदान किया गया है। लेकिन मप्र शासन को इस संबंध में अभी तक स्पष्ट आदेश प्राप्त नहीं हुए हैं। जिसके चलते मछुआरा समाज के लोग न केवल शासन की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पाने से वंचित हैं, बल्कि वे आर्थिक व सामाजिक दृष्टि से पिछड़ते जा रहे हैं। माझी समाज का मानना है कि माझी समाज (भोई, केवट, ढीमर, धीवर, कहार, मल्लाह, ढीमर जाति की पर्यायवाची जाति है। इन जातियों को अनुसूचित जनजाति में शामिल किया जा सकता है। इसके बावजूद लगभग 70 72 वर्षों से मछुआरा समाज आरक्षण से वंचित है जबकि मध्य प्रदेश सरकार इन जाति को अनुसूचित जनजाति में अधिसूचित करने में सक्षम है।

शासन की नीतियों के विरुद्ध जा रहा विभाग

युवा जिलाध्यक्ष लवकेश मारसे ने विधायक को प्रेषित ज्ञापन में बताया कि मध्यप्रदेश शासन की घोषित नीति 2008 के विरुद्ध जाकर विभाग द्वारा जलाशयों को पट्टे पर देने की कार्रवाई की जा रही है जिससे समाज में विक्राल परिस्थिति उत्पन्ना हो रही है। इस संबंध में पूर्व में मछुआरा समाज ने विशाल रैली निकालकर शासन का ध्यान आकर्षित किया लेकिन उचित नीतिगत निर्णय नहीं हुआ है। मछुआरा समाज का कहना है कि विभाग द्वारा संपन्ना जातियों के प्रभुत्व परिवारों को मछली पालन पट्टे दिए गए हैं जो नियम विरुद्ध है। नियम के विरुद्ध पट्टे देने के चलते मछुआरा समाज में आक्रोश व्याप्त है। समाज का कहना है कि उनके इस व्यवसाय से गैर जातियों का किसी भी प्रकार का कोई वास्ता नहीं है। संगठन ने जिले में निवासरत वंशानुगत मछुआरों की पंजीकृत समिति, समूहों को प्रथम पात्रता अनुसार उनके कार्य क्षेत्र को जोडे के लिए उचित कार्रवाई करने की मांग की है। बैठक के अंत में समाज के पदाधिकारियों ने पौधरोपण किया।