छिंदवाड़ा, पांढुर्ना। आज से दस दिनों तक चलने वाले गणेशोत्सव की शुरुआत हो गई है। भक्तों के विघ्न हरने के लिए गजानन घर-घर विराज रहे हैं। प्रदेश के पांर्ढुना में भी बप्पा का खास मंदिर है। यहां के 1600 साल पुराने श्री वीरशैव लिंगायत मठ संस्थान जोकि गणपति मठ के नाम से जाना जाता है, वहां सालों पुरानी परंपरा का निर्वहन करते हुए आस्था और भक्तिभाव से श्री गणेश भगवान की स्थापना की गई है। हर साल एक ही रूप मे इस गणेश मठ में बप्पा विराजते हैं।

मठाधिपति वीररूद्रमुनी शिवाचार्य महाराज स्वामी ने बताया कि इस मठ में पिछले 975 वर्षों से गणेशोत्सव मनाया जा रहा है। उस दौर में श्रीगणेश की स्थापना और पूजन के प्रमाण आज भी मौजूद हैं।

हर साल एक जैसी प्रतिमा

मध्यप्रदेश के पांढुर्ना में ही एकमात्र गणपति मठ है। जहां वर्षों से श्री गणेश की परंपरा के मुताबिक स्थापना होती है यहां विराजे जाने वाले भगवान गणेश की प्रतिमा का आकार, रूप, बनावट सालों से एक जैसा ही होता है। यहां स्थापित की जाने वाली गणेश प्रतिमा के निर्माण में भी कई सालों से एकरूपता निभाई जा रही है। पिछले कई वर्षों से शहर के मूर्तिकार एन.खोड़े इस प्रतिमा को साक्षात श्री गणेश का आकार दे आ रहे है। दस दिनों तक शहर के श्रद्धालु बप्पा का आशीर्वाद लेने के लिए मठ में पहुंचते हैं।