आशीष मिश्रा, छिंदवाड़ा। छिंदवाड़ा से हावड़ा के लिए पहली किसान रेल बुधवार को सुबह 5 बजे रवाना हुई। इस ट्रेन से जिले के किसानों ने 53 टन सब्जियां और संतरे नागपुर सहित अन्य शहरों के लिए बुक किए। प्रत्येक बुधवार को चलने वाली यह ट्रेन हावड़ा तक 16 स्टेशनों पर रुकेगी। छिंदवाड़ा से हावड़ा पहुंचने में इसे 31 घंटे लगेंगे, जो दूसरे दिन दोपहर 12 बजे हावड़ा पहुंचेगी। इस ट्रेन से किसानों की ताजा सब्जियां, फल कुछ ही घंटे में नागपुर सहित अन्य शहरों तक पहुंच जाएंगे। साथ ही उन्हें मालभाड़ा में बचत होगी।

वहीं दूसरी ओर रेलवे को भी इससे आय होगी। बुधवार को सब्जियां और संतरे की बुकिंग से रेलवे को 19 हजार रुपये की आमदनी हुई है। रेलवे स्टेशन मैनेजर सोहन श्रीवास ने बताया कि छिंदवाड़ा से हावड़ा तक यह ट्रेन 16 स्टेशनों पर रुकेगी, जिसे हावड़ा पहुंचने में 31 घंटे लगेंगे। उन्होंने बताया कि पहले दिन छिंदवाड़ा से 43 टन और सौंसर से 10 टन सब्जियां, संतरे की बुकिंग की गई है, जिससे रेलवे को 19 हजार रुपये की आय हुई है।

उन्होंने बताया कि पहले दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे द्वारा यह ट्रेन मालगाड़ी के तौर पर नागपुर से हावड़ा तक चलाई जा रही थी, लेकिन रेलवे के अधिकारियों के प्रयास से इस विशेष ट्रेन को छिंदवाड़ा से हावड़ा तक शुरू किया गया है। अब यह ट्रेन हर बुधवार को छिंदवाड़ा से चलेगी। पहले दिन की बुकिंग को लेकर जहां रेलवे के अधिकारियों ने खुशी जाहिर की है, वहीं जिले के किसान भी खुश हैं।

चौरई के किसान सुमित रघुवंशी ने बताया कि उन्होंने इस ट्रेन से 300 क्विंटल आलू बुक कराया था, जो 4 घंटे में नागपुर पहुंच गया। ट्रक से आलू भेजने में करीब 800 रुपये प्रति क्विंटल भाड़ा लगता था, वहीं इस ट्रेन से आलू भेजने में प्रति क्विंटल 300 रुपये लगा है, जिससे 500 रुपये भाड़े की बचत हुई है।

इधर स्टेशन मैनेजर श्रीवास ने बताया कि छिंदवाड़ा, सौंसर की सब्जियों की बुकिंग नागपुर, भंडारा और गोंदिया तक की गई है। आने वाले दिनों में हावड़ा तक सब्जियां और फल किसानों द्वारा बुक किए जाएंगे, ऐसी उम्मीद है।

किसानों को 50 फीसद की छूट

इस ट्रेन से सभी छोटे-बड़े किसान और व्यापारी देश के एक कोने से दूसरे कोने तक कुछ ही समय में फल और सब्जियां पहुंचा सकेंगे। उन्हें मालभाड़ा में सीधे 50 फीसद की छूट दी जाएगी, जिससे किसानों और उपभोक्ताओं दोनों को लाभ होगा।

पहली किसान ट्रेन देवलाली से चली थी

देश में पहली किसान रेल इसी साल 7 अगस्त को महाराष्ट्र के नासिक जिले के देवलाली से बिहार के दानापुर के बीच चलाई गई थी, जिसे केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया था।

Posted By: Ravindra Soni

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस