छिंदवाड़ा। छिंदवाड़ा-नैनपुर-मंडला फोर्ट रेल परियोजना में गेज कन्वर्जन का कार्य वर्तमान में चल रहा है। इस माह के अंतिम तक चौरई से छिंदवाड़ा तक बने रेलवे ट्रैक के बीच इलेक्ट्रिफिकेशन का सीआरएस होने की संभावनाएं जताई जा रही है जिसको लेकर रेलवे तैयारियों में जुट गया है। रेलवे ने इस रेलवे ट्रैक पर इलेक्ट्रिफिकेशन का कार्य पूर्ण कर लिया है तथा हाल ही में इलेक्ट्रिक इंजन चलाने का ट्रायल भी किया है। इस वर्ष छिंदवाड़ा से सिवनी होते हुए जबलपुर तक ट्रेन में सफर करने का सपना जिलेवासियों का पूरा हो जाएगा। हालांकि चौरई से सिवनी तक 40 छोटे-बड़े ब्रिज हैं, वहीं 18 अंडरपास हैं जिनका कार्य लगभग पूर्ण हो चुका है, जिसका भी सीआरएस आने वाले दिनों में किया जाना है। चौरई से सिवनी तक 90 प्रतिशत से अधिक का कार्य हो चुका है। चौरई से सिवनी के बीच ट्रैक लिंकिंग का कार्य पूर्ण हो गया है तथा बाकी कार्य को रेलवे कुछ दिनों में पूर्ण कर लेगा। सीआरएस के बाद हरी झंडी मिलती है तो कुछ समय तक मालगाड़ी दौड़ाई जाएगी जिसके बाद ही पैसेंजर ट्रेन दौड़ाने की अनुमति मिलेगी।

दो खंड़ों में कार्य है पूर्ण : चौरई से सिवनी तक रेलमार्ग की दूरी 30 किमी है, वहीं सिवनी से भोमा तक 20 किमी है। रेलवे के अनुसार सिवनी से भोमा तक कार्य पूरा हो चुका है। वर्तमान में जबलपुर से नैनपुर तक ट्रेन का परिचालन किया जा रहा है। वहीं नैनपुर से भोमा तथा छिंदवाड़ा से चौरई तक सीआरएस हो चुका है। वर्तमान में 50 किमी चौरई से सिवनी एवं सिवनी से भोमा तक का सीआरएस शेष है जिसे कार्य पूर्ण होने के बाद किया जाएगा। सब कुछ ठीक रहा तो अप्रैल 2022 में छिंदवाड़ा, सिवनी, नैनपुर होते हुए सीधे जबलपुर तक ट्रेन दौड़ेगी।

2015 में बंद हुई नैरोगेज : एक नवंबर 2015 को गेज कन्वजर्न कार्य के लिए नैनपुर-छिंदवाड़ा, नैनपुर-मंडला, नैनपुर-बालाघाट एवं एक अक्टूबर 2015 से जबलपुर-नैनपुर खंड पर नैरोगेज का परिचालन बंद कर दिया गया। इसके बाद गेज कन्वर्जन विभाग द्वारा कार्य शुरू किया गया। छह साल के लंबे इंतजार के बाद भी लोगों को छिंदवाड़ा से सिवनी, नैनपुर होते हुए जबलपुर तक ट्रेन सुविधा नहीं दे पाया है। निर्माण कार्य के दौरान कोरोना व बारिश लगातार बारिश बाधा रही है, लेकिन वर्तमान में निर्माण कार्य में गति काफी तेज है।

वर्जन

चौरई से छिंदवाड़ा के बीच इलेक्ट्रिक इंजन का ट्रायल किया गया है। निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद सीआरएस कराया जाएगा। मार्च 2022 तक कार्य पूरा करने का लक्ष्य है।

मनीष लावनकर, उप मुख्य अभियंता, गेज कनवर्जन विभाग, छिंदवाड़ा।

Posted By: Nai Dunia News Network

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