रेत खदान पर वर्चस्व को लेकर दो गुटों में झगड़ा, तीन गंभीर, जानलेवा हमले का केस दर्ज

-छिंदवाड़ा जिले के बाना बेहरा गांव का मामला

-कांग्रेस नेता घायल

फोटो नंबर 2 नव दुनिया

दमुआ पुलिस ने किया मामला दर्ज

जुन्नारदेव/दमुआ। नवदुनिया प्रतिनिधि

रेत खदान पर वर्चस्व को लेकर गुरुवार-शुक्रवार की रात रेत कारोबारी व कांग्रेस नेता नीटू गांधी व उनके साथियों पर सारणी के रेत कारोबारियों ने जानलेवा हमला कर दिया। जिसमें नीटू और उनके दो अन्य साथी घायल हो गए। दमुआ पुलिस ने जानलेवा हमले का केस दर्ज किया है। घायल कांग्रेस नेता जुन्नारदेव विधायक के करीबी बताए गए हैं।

दमुआ पुलिस के मुताबिक बाना बेहरा पंचायत के पास मुख्य मार्ग पर रात करीब 11.30 बजे यह झगड़ा हुआ। जिसमें ब्लाक कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष नीटू गांधी, अंकित सिंह यादव एवं जय श्रीवास्तव को गंभीर चोटें आई हैं। उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। रात में ही कांग्रेस के कई नेता थाने पहुंचे और आरोपितों पर कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने मुख्य आरोपित सारणी निवासी पंचू खां और उसके 10 साथियों पर अड़ीबाजी और जानलेवा हमले का केस दर्ज किया है। बताया गया है कि यह विवाद बैतूल जिले की खैरवानी रेत खदान से जुड़ा है। जहां तवा नदी से रेत निकाली गई सैकड़ों ट्राली रेत का अवैध भंडारण बकोड़ी और दानवा में किया गया है। दोनों गुटों में इस पर वर्चस्व का विवाद है। इसके अलावा नीटू के साथी अंकित का इन लोगों से लेनदेन का विवाद भी है।

दमुआ टीआई श्री कुशवाह के अनुसार मामला आपसी लेनदेन का बताया जा रहा है। नीटू गांधी के करीबी अंकित सिंग यादव(ठेकेदार) से आरोपितों का रुपयों के लेनदेन को लेकर विवाद हुआ है। जिसमें नीटू गांधी, श्रीवास्तव और अंकित को गंभीर चोट आई। मामले की जांच की जा रही है। बताया जा रहा है कि मामला बैतूल के खैरवानी रेत खदान से जुड़ा है। जहां पर तवा नदी से रेत निकालकर बकोड़ी और दानवा में सैकड़ों ट्राली रेत का अवैध भंडारण किया गया है। वर्तमान में अवैध रेत का कारोबार कांग्रेस की यह नेता कर रहे हैं। जिस के वर्चस्व को लेकर पहले से रेत का कार्य करने वाले गुट ओर वर्तमान में दमुआ के राजनीतिक लोगो के बीच रेत तस्करी को लेकर खूनी झड़प हुई।

बढ़ेगा खूनी संघर्ष

इस घटना के बाद जानकार इसे खूनी खेल की शुरआत मान रहे हैं और भविष्य में अवैध खनन का कार्य जारी रहा तो अवैध रेत के इस कार्य में और भी खूनी झड़पों से इंकार नहीं किया जा सकता है। खूनी संघर्ष के लिए जुन्नाारदेव के बड़े जनप्रतिनिधि, जिला स्थानीय प्रशासन को जिम्मेदार माना जा रहा है। प्रशासन की जानकारी में होने के बाद भी बाकोड़ी व खेरवानी में अवैध रेत का कारोबार बदस्तूर जारी है। जिस पर प्रशासनिक कार्रवाई तय नहीं हुई है। अवैध खनन, भंडारण और परिवहन से जुड़े रेत के कार्य में इस खूनी झड़प के लिए जुन्नाारदेव के बड़े जनप्रतिनिधि जिन के संरक्षण में ये कार्य चल रहा है उनका नाम चर्चाओं में है। जिस के कारण जिला और स्थानीय प्रशासन भी इस पर कोई कार्रवाई की जहमत नही उठा रहा है। जिस के कारण रेत के गोरखधंधे में खूनी झड़प का प्रवेश हो गया है। जानकार इस खूनी झड़प के पीछे जुन्नाारदेव के बड़े जनप्रतिनिधि ओर प्रशासन को ही जिम्मेदार मान रहे हैं। क्योंकि समय रहते अवैध खनन पर कार्रवाई करने से ये बड़े जनप्रतिनिधि नहीं रोकते तो आज ये नौबत नही आती। अब देखना है इस खूनी झड़प के बाद भी प्रसाशन कोई कार्रवाई करता है या नहींन

आशीष ठाकुर ने कलेक्टर के संज्ञान में दिया था मामला

ज्ञात हो कि कोड़ी व खेरवानी में चल रहे अवैध रेत खनन के मामले को लेकर एक पखवाड़े पूर्व भाजपा नेता आशीष ठाकुर ने उक्त खदानों में अवैध रूप से कांग्रेस नेताओं द्वारा किए जा रहे खनन के मामले को कलेक्टर के संज्ञान में लाया था। जिसके बाद भी जिला प्रशासन व खनिज विभाग की ओर से इस अवैध खदानों पर कार्रवाई सुनिश्चित नहीं की गई।

इनका कहना है

हमने इस मामले में प्रशासन को जानकारी दी है। जिसके बाद आगे की कार्रवाई प्रशासन द्वारा की जाएगी।

सुनील उइके, विधायक जुन्नाारदेव

हम प्रशासन को इस बारे में जानकारी दे चुके हैं। यहां वर्चस्व को लेकर तनातनी की स्थिति बन रही है।

आशीष ठाकुर, भाजपा नेता