छिंदवाड़ा। परिवहन विभाग की जांच को लेकर लगातार सवाल खड़े होते रहे है जांच कितनी प्रभावी रहती है इस बात का इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि परिवहन विभाग के पास पर्याप्त बल ही नहीं है गिनेचुने कर्मचारियों के भरोसे कार्यालय चल रहा है। कार्यालय में लंबे समय से कार्यालय अधीक्षक व आरटीआई का पद खाली पड़ा हुआ है आरक्षकों की कमी भी लंबे समय से बनी हुई है गिने चुने आरक्षक व कार्यालय में पदस्थ बाबू बारी-बारी से वाहन चैकिंग में जाते है। बाबूओं के वाहन चैकिंग में जाने से कार्यालय के कार्य लगातार प्रभावित होते है। परिवहन विभाग के विशेष जांच अभियान में तो जिले के सतनूर बेरियर पर पदस्थ बल को बुलाया जाता है जो जांच करते है इस दौरान कार्यालय का बाबू भी होता है बल की कमी होने पर परिवहन विभाग ने होमगार्ड के जवानों की मदद भी ली जाती है। कर्मचारी नहीं होने पर कई बार तो लगातार वाहनों की जांच प्रभावित होती है या फिर गिनेचुने स्टॉफ के साथ जिला परिवहन अधिकारी जांच करने जिले भर में निकलते है। जांच प्रभावित होने से परिवहन विभाग को राजस्व का नुकसान भी होता है। परिवहन कार्यालय में एक लापरवाही और देखने को मिलती है बाबूओं व अन्य स्टॉफ की कमी के कारण कार्यालय के कर्मचारी प्रायवेट लोगों से विभागीय कामकाज कराते है जिससे कार्यालय की गोपनीयता भंग होती है। कार्यालय में ऐसे कई प्रायवेट कर्मचारी प्रतिदिन नजर आते है।

- एकल खिड़की से लाइसेंस बनाना मुश्किल

जिला परिवहन कार्यालय में नए लाइसेंस व लाइसेंस का नवीनीकरण का कार्य एकल खिड़की के माध्यम से किए जाने चाहिए लेकिन यह कार्य दलालों के माध्यम से ही ज्यादातर होते है। एकल खिड़की के माध्यम से कार्य करवाने के दौरान लोगों को काफी परेशान होना पड़ता है जिसके कारण वह दलालों का सहारा लेते है। लाइसेंस बनाने के लिए अगर वह दलाल का सहारा नहीं लेंगे तो उन्हें वाहनों को ट्रायल देना होगा दलालों के माध्यम से वह वाहनों का ट्रायल देने से बच जाते है। परिवहन कार्यालय में नियमों की अनदेखी लगातार जारी है जिस पर अधिकारी कोई कार्रवाई नहीं करते है।

- चौक-चौराहों पर नजर आता है एक यातायात कर्मी

शहर की यातायात व्यवस्था यातायात पुलिस कर्मी संभालते है प्रत्येक चौक चौराहों पर एक पुलिस कर्मी नजर आता है जबकि बढ़ते ट्रैफिक के दबाव के कारण ज्यादा कर्मियों की आवश्यकता पड़ती है लेकिन पुलिस बल की कमी इसका सबसे बड़ा कारण नजर आता है। पुलिस अधिकारी कर्मियों की कमी की कोई बात नहीं करते है यातायात पुलिस कर्मियों के साथ ही थाने व पुलिस लाइन का पुलिस बल भी यातायात व्यवस्था संभालने में लगाया जाता है।

- इनका कहना है।

परिवहन विभाग लगातार जिले भर में वाहनों की जांच का अभियान चलाती है। बल की कमी जरुर है लेकिन प्रयास यही किया जाता है कि जांच किसी भी तरह से प्रभावित ना हो। सड़कों पर बसों का परिवहन शुरु हो गया है जल्द ही यातायात के नियमों का पालन नहीं करने वाले बस चालकों पर कार्रवाई के लिए अभियान चलाया जाएगा।

सुनील कुमार शुक्ला, आरटीओ, छिंदवाड़ा।

Posted By: Nai Dunia News Network

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