जुन्नाारदेव। जनपद पंचायत में आयोजित साप्ताहिक समीक्षा बैठक में सीईओ सी एल अहिरवार द्वारा आदेश, निर्देशों की लगातार अवहेलना करने कार्य में लापरवाही बरतने पर ग्राम रोजगार सहायक ग्राम पंचायत बिचबेहरी, कोल्हिया को सेवा समाप्ति के नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। माह जून का मनरेगा लक्ष्य 30 जून तक पूर्ण न करने वाले सचिव व रोजगार सहायक का पांच दिनों के वेतन कटौती किये जाने की बात कही। बैठक के दौरान शौचालय सत्यापन दो दिनों में,प्रधानमंत्री आवास रजिस्ट्रेशन व जियो टेग करने,नदि पुनर्जीवन के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। सी एम हेल्पलाइन की शिकायतों में शिकायतकर्ता से सम्पर्क कर शिकायत निराकरण समय सीमा किये जाने के निर्देश दिये। बैठक में ए ई ललित वैद्य, ए पी ओ मनरेगा लोकेश बेंद्रे,खण्ड पंचायत अधिकारी डी एस भलावी,कोआर्डिनेटर सुनीता सिंह, ए डी ओ दिलीप दर्यापुरकर, सभी सब इंजीनियर, ए डी ओ,पीसीओ,ग्राम रोजगार सहायक ,सचिव उपस्थित रहे।

तेज हवा से गिरे बिजली के तार

फोटो 26 नव दुनि या

जुन्नाारदेव। शुक्रवार को शाम 4 बजे के बाद मौसम परिवर्तन के फलस्वरूप कोयलांचल क्षेत्र के गुड़ी अंबाडा स्थित कर्मवीर कॉलोनी में तेज हवाओं के कारण बिजली के तार गिर गए। बिजली के तार गिरने से काफी समय तक विद्युत प्रवाह बंद रहा। शुक्रवार को शाम 4 बजे के बाद मौसम परिवर्तन व तेज हवा एवं हल्की बूंदाबांदी के कारण कर्मवीर कॉलोनी में तार गिर जाने से विद्युत प्रभाव बंद रहा।

वाहन के अनियंत्रित होने से गिरा युवक

जुन्नाारदेव। शुक्रवार शाम 5 बजे नगर के चर्च तिराहा से जुन्नाारदेव भीतर शहर की और आने वाले 1 दोपहिया वाहन सवार युवक के बंदा स्थित ढाल पर गिर जाने से उसे गंभीर चोटे आई। चर्च डाउन पर वाहन के अनियंत्रित होने से उसे सर वह हाथ में चोट आई। युवक को सड़क पर चलने वाले राहगीरों ने उठाकर स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। जानकारी के अनुसार युवक कोकट ग्राम का निवासी संतोष खरे बताया जा रहा है। देर शाम युवक को स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया जहां उसे स्वास्थ्य लाभ दिया गया।

नेहरू स्टेडियम का नहीं हुआ जीर्णोद्धार, बारिश में फिर तलैया बनेगा खेल मैदान

खिलाडिय़ों द्वारा लगातार आवाज उठाने पर भी नपा प्रषासन की बेरूखी

फोटो 25 नव दुनिया

समय रहते अब भी हो सकती है मैदान से पानी निकासी व्यवस्था

जुन्नाारदेव। जुन्नाारदेव नगर का एकमात्र खेल मैदान नेहरू स्टेडियम एक बार फिर तलैया बनने के लिए तैयार है। नगर के इस एकमात्र खेल मैदान में जहां हजारों की संख्या में खिलाड़ी पहुंचते है और नित-प्रतिदिन व्यायाम, खेलकूद के साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारियां करते है वहीं मैदान बारिश के दिनों में किसी तलैया से कम नजर नहीं आता है। खेल मैदान में पानी भराव के कारण खिलाड़ी इस खेल मैदान में समस्त प्रकार के खेल के साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारियों के लिए दौड़ भाग तक नहीं कर पाते है। गौरतलब हो कि नेहरू स्टेडियम का रख-रखाव पूर्णत? नगरपालिका परिषद के हाथों में है किन्तु नगरपालिका परिषद की उदासीनता और आला अधिकारियों की ह्‌रास होती इच्छा शक्ति के चलते खेल मैदान एक बार फिर तलैया बनने को विवश है। नेहरू स्टेडियम की कायाकल्प के लिए पूर्व भाजपानीत नगरपालिका परिषद द्वारा एक बड़ी राषि उपलब्ध करायी गयी थी किन्तु परिषद बदलते ही खेल मैदान के लिए आयी यह राशि से मैदान में निर्माण कार्य क्यों नहीं कराया गया यह समझ से परे है। वैसे खेल मैदान में अतिरिक्त निर्माण और पानी निकासी हेतु निर्माण कार्यो का भूमिपूजन भूतपूर्व विधायक नत्थनशाह कवरेती द्वारा किया भी गया था जिसका लोकार्पण पत्थर भी सरकारी अस्पताल के पास बने मंदिर की दीवार पर चस्पा है किन्तु वर्तमान नपा परिषद द्वारा खेल मैदान की ओर कोई ध्यान नहीं दिये जाने से अब यह मैदान तलैया बनने को विवश है।

लगातार खिलाड़ी कर रहे मैदान में सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग

नगरपालिका के रख-रखाव में इस नेहरू स्टेडियम को खिलाडिय़ों द्वारा लगातार सुविधाएं उपलब्ध कराये जाने की मांग की जाती रही है किन्तु नपा की उदासीनता के चलते यह मैदान अपनी दुर्गति पर रो रहा है। गौरतलब हो कि इस खेल मैदान में नन्हें-नन्हें खिलाड़ी से लेकर युवा और वृद्ध तक मैदान में पहुंचते है किन्तु बारिश के चार महीने यह खेल मैदान किसी स्विमिंग पूल से कम नहीं नजर आता है। नालियां का पानी हो या फिर सड़कों का पानी सब कुछ इसी खेल मैदान में आकर समा जाता है।

नगर की खेल प्रतिभाएं होती है प्रभावित

नगर के इस एकमात्र खेल मैदान में समूचे विकासखंड के खिलाड़ी पहुंचते है जो ठंड और गर्मी में तो खेल मैदान का फायदा लेते है किन्तु बारिष के चार महीनों में लगातार मैदान मे पानी भराव के चलते खिलाड़ी मैदान से दूरी बनाने को विवष होते है। खिलाडिय़ों का कहना है कि यदि खेल मैदान में पानी निकासी की उचित व्यवस्था बन जाये तो हमें साल भर इस मैदान की सुविधाएं प्रदान होती रहेगी। नगर के खिलाड़ी श्याम कहार, कुलदीप, अवधेश कैथवास, रवि पौराणिक, संजय, पावेल, सचिन, अजय, राजू, मनेश, अंकुश योगेश, भूपेन्द्र, राजा, मोनू, सोनू, उमेश, विजय, राजेन्द्र, मक्खन, राकेश, सन्नाी, मोन्टी, आबिद, इसराइल, रवि सहित अन्य खिलाडिय़ों ने बारिश के पूर्व मैदान से पानी निकासी की मांग की है।

संस्था में नियमों की उड़ रही है धज्जियां

जुन्नाारदेव।न गर पालिका द्वारा संचालित शिक्षा विभाग नगर में लगातार गिरते शैक्षणिक स्तर एवं अव्यवस्था का केंद्र बने हुए हैं। नगर पालिका द्वारा संचालित पंडित रविशंकर शुक्ल उच्चतर माध्यमिक शाला 1965 से संचालित नगर का अति प्रतिष्ठित संस्थान है। शाला के कई विद्यार्थी उच्च पदों पर आसीन हैं एवं कई सौ छात्र रक्षा सेना में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। शाला का नगर में साहित्‌यिक, सांस्कृतिक, शैक्षणिक, गतिविधियों में श्रेष्ठ स्थान रहा है। छात्र-छात्राओं ने कई राष्ट्रीय स्तर की उपलब्धियां प्राप्त की है। इसका श्रेय पूर्व प्राचार्यो की निष्ठा

एवं मेहनत को जाता है। उच्चतर माध्यमिक शाला में नगर के लगभग 700 विद्यार्थी अध्ययनरत रहते हैं।परिषद द्वारा पूर्व प्राचार्य को पे- पेंशन के आधार पर निरंतर सेवाएं देने के लिए नियुक्ति दी थी।परंतु वर्तमान मुख्य नगरपालिका अधिकारी एवं पाल को यह नागवार गुजरा उन्होंने नियुक्ति देने के बाद भी प्राचार्य को विगत ? माह से वेतन भुगतान नहीं किया। इस कारण पूर्व प्राचार्य ने अपनी सेवाएं देने से इंकार कर दिया। ज्ञात हुआ है कि बिना परिषद की अनुमति के मनमाने ढंग से अपने चहेते लिपिक को प्लस टू के प्राचार्य पद पर आसीन कर दिया।यह शैक्षणिक नियम संहिता का उल्लंघन हैन जिला अध्यक्ष एवं जिला शिक्षा अधिकारी के संज्ञान में आने पर शाला की मान्यता रद्द की जा सकती है।

पूर्व प्राचार्य-प्राचार्य के कार्य के अतिरिक्त जीव शास्त्र विभाग एवं राष्ट्रीय छात्र सेना का संचालन भी करते थे न उनके जाने के बाद शाला में दोनों इकाइयां बंद होने की कगार पर है।इसीलिए जिम्मेवार जनप्रतिनिधियों की भी मौन स्वीकृति है ऐसा सूत्र बताते हैं मुख्य नगरपालिका अधिकारी के भेदभाव पूर्ण रवैया एवं भाई भतीजावाद के कारण शैक्षणिक स्तर एवं नगर की शैक्षणिक गतिविधियों रसातल में पहुंचने के कगार पर हैं साथ ही यह नगर के छात्र-छात्राओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। नगर की जनता नगर विधायक एवं जिला अध्यक्ष से संज्ञान लेने की अपील करती है।

युवाओं ने कहा, साहब तीन माह से नहीं हुआ भुगतान

ोटो29 नव दुनिया

युवा स्वाभिमान योजना के हितग्राही परेशान

सौंसर। प्रदेश सरकार द्वारा बेरोजगार युवाओं के लिए प्रारंभ युवा स्वाभिमान योजना अन्तर्गत नगर पालिका में कार्य कर रहे युवाओं ने विगत तीन माह से भुगतान न होने के कारण सोमवार को अनुविभागीय अधिकारी हिमांशु चन्द्र को ज्ञापन सौंपा गया। जिसमें कहा कि साहब तीन माह से भुगतान नहीं हुआ। इस योजना अन्तर्गत प्रतिदिन कार्य करने के बावजूद माह मार्च से मई तक किसी भी युवाओं को भुगतान नहीं हुआ है। मिली जानकारी के अनुसार इस योजना के तहत नपा में 150 से अधिक युवक, युवती कार्य कर रहे है। जिसमें कई युवक, युवतीया ग्रामीण क्षेत्र से परिवहन का टिकिट खर्चा से सेंटर तक पहुंच रहे है। शासन के नियमानुसार प्रत्येक युवक युवती को 4000 माह मिलना चाइए, लेकिन उसके बावजूद आज भी नगर पालिका में नियमित रूप से दिए गए कार्य व ट्रेनिग सेंटर प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे है, परन्तु घोषणा अनुसार हमें अभी तक कोई भी राशि प्राप्त नहीं हुई है।

इस दौरान ज्ञापन सौंपते समय अंकुश तूपकर, सागर वाडेकर, रुचिका वावने, नवीन जैन, पावन धुर्वे, राकेश खंडाईत, ललिता वाघमारे, प्रतीक्षा यादव, मकरंद केलकर, विकास निंबुलकर, राजेश बरापत्‌रे, हिमांशु वाडेकर सहित अन्य युवक युवती उपस्थिति रहे। विगत समय से देखने में आ रहा है कि शासन की कोशिशों के बावजूद बाबूराज की राजशाही के चलते अध्यापक संवर्ग को छोटी-छोटी एवं वाजिब मांगों के लिए भी प्रताड़ित होना पड़ रहा है। विगत महीनों में देखने में आया है कि 12 वर्ष पूर्ण कर चुके अध्यापक संवर्ग के कर्मचारियों को 12 वर्ष पूर्ण करने के उपरांत मिलने वाली प्रथम क्रमोन्नाति के संबंध में कार्रवाई निरंतर लंबित की जा रही है? राज्य अध्यापक संघ की जिलाध्यक्ष श्रीमती किरण शर्मा ने बताया कि 2006 में नियुक्त अध्यापक जो कि 2018 में 12 वर्ष पूर्ण कर चुके हैं उन्हें 2018 में ही प्रथम क्रमोन्नाति प्राप्त हो जानी थी, लेकिन आज 8 माह बीत जाने के उपरांत भी जिला छिंदवाड़ा में इसके लिए कार्रवाई प्रारंभ तक नहीं हुई है। राज्य अध्यापक संघ ने इसके बारे में कदम उठाते हुए आज जिला शिक्षा अधिकारी से सौजन्य भेंट की तथा अध्यापक संवर्ग की इस मांग को उठाया। ज्ञापन सौंपने वालों में कुलदीप मोखलगाय, अशरफ अली बीआरसी छिन्दवाड़ा, सुदीप जैन, राम गोपाल भोयर, वीरेंद्र शर्मा, ओमनाथ पाटील सहित अध्यापक एवं पदाधिकारी शिक्षक शामिल थे।