डबरा। नईदुनिया प्रतिनिधि

सिविल अस्पताल होने के बाद भी कई तरह की सुविधाओं की कमी झेल रहे लोगों को जल्द ही कुछ राहत मिलने वाली है। यह राहत सामान्य सहित जटिल बीमारियों की जांच व्यवस्था को लेकर मिलेगी। क्योंकि जल्द ही सिविल अस्पताल में सामान्य बीमारियों सहित लिपिट प्रोफाइल हार्ट, लीवर, किडनी, थायराइड, चेस्ट सहित 108 तरह की जांचें कराए जाने की सुविधा मिल सकेगी। जो जांचें बाजार में बहुत ही महंगी होती है वह यहां आसानी से फ्री में होंगी। इस बेहतर प्रोजेक्ट पर विभागीय स्तर पर काम होना शुरू हो गया है। स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से साइंस हाउस मेडिकल्स प्रालि भोपाल की कंपनी सिविल अस्पताल में सेटअप जमाएगी। कहां क्या सेट करना है और किस तरह की जरूरतें होंगी। इसे लेकर दो दिन पहले कंपनी की टीम सिविल अस्ताल की लैब का निरीक्षण कर चुकी है। शुरुआती तैयारियों के अनुसार लैब एरिया में डिजिटल सिस्टम और बेहतर करने के लिए अलग-अलग सेटअप जमाया जाएगा। जहां सीबीसी 5 चैंबर वाली, फुली ऑटोमेटिक बायो कैमिस्ट्री एनालाइज, यूरिन एनालाइज सहित अन्य बेहतर मशीनों का सेटअप लगेगा। इस सेंटअप के लगते ही मरीजों को छोटी बड़ी बीमारियों की जांच कराने के लिए ग्वालियर, झांसी या दतिया तक नहीं जाना पड़ेगा। साथ ही करीब तीन से चार लाख की आबादी को इस बेहतर सुविधा का लाभ मिल सकेगा।

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अभी ये हाल : अर्बन सहित छह पीएचसी है पर सुविधा विहीन

शहरी क्षेत्र में अगर स्वास्थ्य केंद्रों की बात करें तो सिविल अस्पताल के अलावा एक अर्बन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) सहित छह पीएचसी हैं एक पीएचसी कस्बों सहित करीब 12 से 15 गांवों के बीच बनाया गया है। जो एक बड़ी आबादी से जुड़ाव रखता हैं। लेकिन इन स्वास्थ्य केंद्रों पर बेहतर सुविधाएं मरीजों को उपलब्ध नहीं हो पाती। जहां से परेशान होकर मरीज सिविल अस्पताल तक पहुंचता है लेकिन यहां आकर भी मरीजों को निराशा झेलनी पड़ती है। क्योंकि सिविल अस्पताल में भले ही 33 तरह की जांचें होना तय है लेकिन हकीकत में तो ब्लड, शुगर, मलेरिया, यूरिन इंफेक्शन जैसी सामान्य जाचें ही हो पाती है। अन्य जांचों के लिए मरीजों को बाहर जाना पड़ता है।

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सेटअप के साथ यह होगा नया

सिविल अस्पताल में अभी एक कमरे में लैब सेंटर संचालित हैं। जहां ब्लड सैपल लिए जाते हैं। लेकिन नए सेटअप के साथ लैब के सिस्टम में बेहतर बदलाव देखने को मिल सकेगा। इसके लिए लैब सेंटर में प्लेटफार्म बनेगा। चार या जरूरत के अनुसार एसी लगेंगे। साथ ही इंटरनेट सेटअप लगेगा। जिससे जटिल बीमारियों की जांच आसानी से और जल्द हो सकेगी।

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जांच सुविधा नहीं होने से शहर में जमा ब्लड कलेक्शन बाजार

सिविल अस्पताल से शहरी क्षेत्र के अलावा पिछोर, टेकनपुर, बिलौआ, आंतरी, छीमक, चीनौर सहित नजदीकी क्षेत्रों की करीब 2 से ढाई लाख की आबादी जुड़ाव रखती है। सिविल अस्पताल में विशेष जांचे नहीं होने के कारण शहर में कई ब्लड कलेक्शन संचालित हो गए हैं। जो मरीजों से मनमर्जी का पैसा लेकर जांचें कर रहे हैं। इन ब्लड कलेक्टशनों पर अनट्रेंड कर्मचारी बिठाल दिए गए हैं। जो ब्लड कलेक्शन कर सैंपल ग्वालियर भेजते हैं। सीबीसी और ईसीजी तक की जांचों के लिए मरीजों को इन सेंटरों पर जाकर जेब ढीली करनी पड़ती है। जांच होने का नया सेटअप जमते ही ब्लड कलेक्शन का बाजार भी खत्म हो जाएगा।

वर्जन

सिविल अस्पताल में हार्ट, लीवर, थायराइड सहित 108 तरह की जांचें जल्द शुरू होंगी। भोपाल की कंपनी स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से यहां अपना सेटअप लगाएगी। जिसे लेकर कंपनी की एक टीम निरीक्षण करने भी आई थी। अब जो भी होना है ग्वालियर मुख्यालय से होना है।

- डॉ. सुरेंद्र सोलंकी, बीएमओ, सिविल अस्पताल

लैब का सेटअप कहां कैसे लगना है इसकी तैयारी को लेकर टीम जानकारी लेने यहां आई थी। जल्द ही इस पर काम होना शुरू होगा। अगर नया सेटअप लग जाएगा तो मरीजों की जांचें यहीं हो सकेंगी।

- आरके शर्मा, लैब टेक्नीशियन प्रभारी, सिविल अस्पताल

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Posted By: Nai Dunia News Network

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