डबरा। नईदुनिया प्रतिनिधि

हर सरकारी कार्यालय में एक शिकायत पेटी होगी। इसमें कोई भी व्यक्ति अपनी शिकायत डालकर अपनी समस्या विभागीय स्तर पर पहुंचा सकेगा। यह व्यवस्था शहरी क्षेत्र के सरकारी कार्यालयों में फिलहाल कागजी साबित हो रही है। लोग अपनी समस्याएं लेकर पहुंचते हैं तो न तो उनको कार्यालयों में सीट पर अफसर मिलते हैं और न ही कहीं शिकायत पेटी नजर आती हैं। इस कारण मायूस होकर घर लौटना पड़ता है।

सबसे ज्यादा समस्या सिविल अस्पताल और नगर पालिका कार्यालय में पहुंचने वाले लोगों को झेलनी पड़ रही है। यहां कुछ महीनों पहले जो शिकायत पेटियां लगाई गई थीं, वह हटा दी गई हैं। ऐसा भी नहीं कि इन शिकायत पेटियों को हटाकर दूसरी जगहों पर व्यवस्थित रख दिया गया हो। यह शिकायत पेटियां कचरे के स्थान पर डाल दी गई हैं। यह हाल सिविल अस्पताल का है। जहां लोगों की सुविधाओं के लिए जो शिकायत पेटी लगाई गई थी वह कचरे की जगह पर रख दी गई है। इधर नगर पालिका कार्यालय में सीएमओ के गेट के पास लगी रहने वाली शिकायत पेटी भी अब नजर नहीं आती। शिकायत पेटी की जगह नजर आने वाला खाली निशान इस हकीकत को बयां कर रहा है। इधर विभागीय बैठकों में शामिल होने के लिए विभागीय अधिकारियों को बाहर आना जाना पड़ता है। इस कारण लोगों को अफसर नहीं मिल पाते। शिकायत पेटी नहीं होने के कारण वह अपनी शिकायतें भी नहीं कर पाते। इस तरह अन्य विभागों में ही शिकायत पेटियां कागजी बनकर रह गई हैं।

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एसडीएम कार्यालय लगी अन्य अधिकारी नहीं दे रहे ध्यान

विभागीय कार्यालयों को लेकर कई लोग खुलकर शिकायतें नहीं कर पाते और समस्याएं झेलते रहते हैं। इसे लेकर प्रशासन ने कार्यालयों में शिकायत पेटी अनिवार्य रूप से लगाए जाने के निर्देश दिए हैं। इस व्यवस्था के प्रति जिम्मेदारा विभागीय अधिकारियों का ध्यान तक नहीं हैं। अगर एसडीएम कार्यालय को छोड़ दिया जाए तो बीईओ कार्यालय, महिला बाल विकास विभाग, पशु चिकित्सालय, खाद्य विभाग आदि कई कार्यालय ऐसे हैं, जहां शिकायत पेटियां लोगों को नजर तक नहीं आती।

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राशन नहीं मिला तो शिकायत पेटी आई याद

लोग पात्रता पर्ची नहीं मिलने, राशन नहीं मिलने, टीएचआर राशन नहीं मिलने जैसी शिकायतें करने के लिए कार्यालय पहुंचते रहते हैं। लेकिन अफसरों के नहीं मिलने के कारण लोगों को बिना शिकायत बताए ही लौटना पड़ जाता है। तीन दिन पहले सूखा पटा से आए लोग सुनवाई नहीं होने के कारण अपनी शिकायतें फूड विभाग के अफसरों तक पहुंचाने के लिए शिकायत पेटी तलाशते नजर आए, लेकिन वह उनको नहीं मिली। इधर कुछ लोग तीन दिन पहले नगर पालिका क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 29 के निवासी आवास नहीं मिलने की शिकायत लेकर पहुंचे थे, जहां उनकी सुनवाई करने वाला कोई नहीं था। तब वह ग्वालियर जाकर शिकायत करने की बात कहते नजर आए।

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शिकायत पेटी की ये है व्यवस्था

शिकायत पेटियों में आने वाली शिकायतों को उच्चाधिकारियों तक पहुंचाना होता है। इसके अलावा शिकायत पेटी में कितनी शिकायतें आई उनको रजिस्टर मेंटेन किया जाना तय है। यहां शिकायत पेटियां खुलना तो दूर की बात रखी तक नहीं गई है। अगर कहीं शिकायत पेटियां लगाई भी गई हैं तो वह खोली तक नहीं जाती।

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कार्यालयों में शिकायत पेटी लगाया जाना जरूरी है। हमारे यहां तो लगी हुई है। हम दिखवाते हैं कि कहां-कहां शिकायत पेटियां हटा दी गई है। जहां नहीं हैं वहां तत्काल लगावाई जाएंगी।

- प्रदीप शर्मा, एसडीएम, डबरा।

Posted By: Nai Dunia News Network

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