डबरा। नईदुनिया प्रतिनिधि

अगर किसी कारण से अस्पताल में आना पड़ जाए तो सर्दी से बचने के लिए अपने इंतजाम खुद करके लाएं। सिविल अस्पताल प्रबंधन ने फिलहाल सर्दी से बचने के लिए कोई बेहतर इंतजाम नहीं किए हैं। न तो वार्डो में रूम हीटर लगे हैं और न ही गर्म कंबल मरीजों को उपलब्ध हो पा रहे हैं। इधर सरसराती सर्द हवाएं ठिठुराने पर मजबूर करने लगी हैं। कुछ दिन पहले शहर सहित अंचल में ओले गिरने के बाद से सर्दी जोर पकड़ने लगी है। फिजा में ठंडक घुलने लगी है। देर शाम के बाद खुले में बैठना अब मुश्किल होने लगा है। रविवार को अस्पताल में मरीज देर शाम के बाद ठिठुरते नजर आए। इधर वार्डो में भर्ती मरीज सर्दी से परेशान हैं। खिड़कियों से सरसराती सर्द हवाएं रात को जागने पर मजबूर करने लगी है। खास बात ये है कि सिविल अस्पताल के वार्डो में सर्द से बचने के कोई बेहतर इंतजाम नहीं हो सके हैं। ऐसा भी नहीं कि अस्पताल प्रबंधन के पास रूम हीटर या गर्म कंबल नहीं है। संसाधन होने के बाद भी मरीजों को इनका लाभ नहीं मिल पा रहा है। मरीजों को कहना है कि सर्दी बढने लगी है खुले में खड़े होना भी मुश्किल है लेकिन यह समस्या जिम्मेदारों को नहीं दिख रही है। अगर इसी तरह से मरीज सर्दी के बीच रहे तो इलाज कराने आए मरीज सही होने की जगह और बीमार हो जाएंगे।

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जांचें हो नहीं रही कुत्ते के इंजेक्शन लग नहीं पा रहे

सिविल अस्पताल में मरीज सिर्फ सर्दी के कारण ही परेशान नहीं है बल्कि अन्य सुविधाओं भी नहीं मिल पा रही है। कहने को तो सिविल अस्पताल में 33 तरह की जांचें होती हैं। लेकिन वर्तमान में सिर्फ 8 से 10 जांचें ही हो पा रही हैं। सीबीसी जांच के लिए मरीजों को बाहर जाकर जेब ढीली करनी पड़ रही है। चिंतनीय बात ये है कि उक्त जांच करने वाले मशीनें कई महीने से खराब पड़ी हैं जो सही नहीं कराई जा सकी है। इधर कुत्ते के काटने वाले इंजेक्टशन लगवाने के लिए लोग भटकते रहते हैं। कभी इंजेक्शन नहीं मिलते तो कभी स्टाफ मरीजों को नहीं मिलता। जबकि रोजाना 15 से 20 लोग डॉग वाइट इंजेक्शन लगवाने के लिए आते हैं।

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नहीं थम रहा निशुल्क पर्चे का सुविधा शुल्क लेना

सरकारी अस्पतालों में गरीब परिवारों और महिलाओं के लिए निशुल्क पर्चे बनाए जाते हैं। लेकिन इन निशुल्क पर्चो का सुविधा शुल्क सिविल अस्पताल में वसूला जा रहा है। जहां प्रसूताओं और गर्भवती महिलाओं से पांच-पांच रुपए सुविधा शुल्क लिया जा रहा है। जबकि पर्चे पर सरकार निशुल्क पर्चा वाली टीप लगा रही है। सुविधा शुल्क लिए जाने का मामला पहले भी सामने आया था जहां मरीजों ने इसकी शिकायत की। शिकायत के बाद कुछ दिन तो यह सुविधा शुल्क लिया जाना थमा उसके बाद फिर यह सिस्टम शुरू हो गया। इधर महिला मरीज भी डॉक्टरों का इंतजार करने पर मजबूर हैं।

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तय समय से ओपीडी में नहीं बैठ रहे डॉक्टर, मरीज परेशान

अस्पताल में डॉक्टरों का टाइम सुबह 9 से शाम 4 बजे तक तय है। लेकिन कुछ डॉक्टरों की मनमर्जी अभी भी जारी है। जो तय समय से बहुत देर बाद ओपीडी में पहुंचते हैं और दोपहर के बाद फिर ओपीडी में नजर तक नहीं आते। इस तरह की समस्या महिला डॉक्टरों के बीच ज्यादा देखी जा रही है। इधर महिलाएं डॉक्टरों का इंतजार करती रहती हैं। जबकि सिविल अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड की दीवार पर डॉक्टरों की ओपीडी का टाइम भी साफ-साफ लिखा है। जिसे देखकर मरीज बैठे रहते हैं और डॉक्टरों की ओपीडी खाली पड़ी रहती हैं।

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रूम हीटर सही कराने डाल दिए हैं। जैसे ही सही होकर आएंगे उनको लगा दिया जाएगा। इससे मरीजों को परेशानी नहीं आए। सीबीसी मशीन का सामान नहीं है। सामान आने के बाद वह सही हो सकेगी।

- डॉ. विजय पाठक, प्रभारी, सिविल अस्पताल डबरा।

Posted By: Nai Dunia News Network

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