डबरा। नईदुनिया प्रतिनिधि

डबरा और भितरवार क्षेत्र के एक सैकड़ा से ज्यादा गांवों की लाइफ लाइन से जुड़ा हरसी बांध अब डैड स्टोरेज लेवल में आ गया है। अगर किसानों को जरूरत पड़ी तो अभी बांध सहारा नहीं बन सकेगा। ऐसे हालातों में दूसरे बांधों का सहयोग लेकर बांध में पानी की कमी पूरी जाएगी। लेकिन इससे पहले जल संसाधन विभाग को बारिश से उम्मीद है। अगर समय रहते बारिश हुई तो बांधों में पानी भर जाएगा। इधर ग्वालियर का तिघरा बांध का भी पानी कम हो गया है। करीब 20 से 22 फीसदी पानी होने पर तिघरा में पेहसारी और ककेटों से लिया जा रहा है। जिससे करीब एक महीने और पानी की समस्या दूर हो जाएगी। अगर बारिश में और देरी होती है तो भी घबराने की जरूरत नहीं है। क्योंकि तिघरा के लिए अपर ककेटो, पेहसारी के अलावा अपर ककेटो भी उम्मीद है। जिनके माध्यम से करीब तीन महीने का पानी आसानी से मिल सकेगा। इस बार हरसी और तिघरा बांधों में पानी कम होने के पीछे पिछले साल कम बारिश का होना है। कम बारिश होने के कारण यह बांध पूरी तरह से भर नहीं पाए थे। इधर डैड स्टोरेज पोजीशन में आए हरसी बांध की तरफ किसान देखने लगे हैं। क्योंकि आगामी सीजन के लिए किसान खेतों को तैयार करने लगे हैं।

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ककेटों से आता है हरसी में पानी, इस बार तिघरा के लिए लिया

आप को बता दें कि हरसी बांध की कनेक्टविटी ककेटो बांध से है। जरूरत पड़ने पर ककेटो से पानी हरसी तक छोड़ा जाता है। लेकिन इस बार ग्वालियर के तिघरा बांध में 22 फीसदी पानी रहने से डैड लेवल पर आ गया था। जिसे देखते हुए पेहसारी और ककेटो का पानी तिघरा में करीब छोड़ा जा रहा है जहां से करीब 20 एमसीएम पानी लिफ्ट किया जाएगा। जहां 22 फीसदी से पानी 30 फीसदी तक हो जाएगा। यानी 30 फीसद होने से आगामी महीनों में पानी की समस्या नहीं जाएगी। कह सकते हैं कि आगामी तीन महीने तक का पानी बांधों में उपलब्ध है। इसके अलावा अपर ककेटो सिर्फ ग्वालियर के लिए रिजर्व है। जरूरत पड़ी तो वहां से भी लिया जा सकता है।

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15 अगस्त तक मिल सकेगा किसानों को पानी

विभागीय अधिकारियों को कहना है कि भले ही हरसी डैड पोजीशन में आ गया है। लेकिन चिंता की बात नहीं है। अगर अगले महीने से किसानों को धान में पानी देने की जरूरत पड़ेगी तो पानी उपलब्ध हो जाएगा। क्योंकि 15 अगस्त तक के पानी की जरूरत दूसरे बांध पूरी कर देंगे। इधर 15 जुलाई से किसानों के खेतों में धान के लिए पानी की दरकार होने लगती है। इधर इस बार अच्छी बारिश के संकेत हैं। फिर भी बारिश देरी से होती है तो आगामी माह के लिए पानी का संकट नहीं आएगा।

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ये है डैड स्टोरेज लेवल

जलाशयों में पानी की कैटेगरी अलग-अलग रूप से तय की जाती है। जहां से पानी की निकासी होती है। अगर उन गेटों से पानी का लेवल नीचे आ जाता है तो वह डैड स्टोरेज लेवल माना जाता है। जो जलाशय में भरा तो रहेगा लेकिन जलनिकासी के रूप में उपयोगी नहीं का सकेगा।

वर्जन

हरसी डैड स्टोरेज पोजिशन पर है। तिघरा में भी पानी कम हो गया था। लेकिन हम ककेटो और पेहसारी से पानी लिफ्ट कर रहे हैं। आगामी तीन महीनों तक पानी की व्यस्था है। इसके अलावा अपर ककेटो ग्वालियर के लिए रिजर्व रूप से उपलब्ध है। अगर हरसी से जुड़े किसानों को धान के लिए पानी की जरूरत पड़ेगी तो हम दे सकेंगे।

- आरपी झा, वाटर मैनेंटमेंट सैल, ग्वालियर

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Posted By: Nai Dunia News Network

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