ग्वालियर। नईदुनिया प्रतिनिधि

ईद मीलादुन्नबी पर मोती मस्जिद फूलबाग परिसर में आयोजित कौमी जलसे में तकरीर करते हुए उलेमा ने लोगों से कहा कि रसूल के सलीके पर जिंदगी गुजारो, उसी में दुनिया और आखिरत की कामयाबी है। हालांकि शहर में धारा 144 लगी होने के कारण जुलूस और जलसे के ज्यादातर कार्यक्रम रद कर दिए गए थे, लेकिन प्रशासन ने मोती मस्जिद परिसर में तकरीर पर रजामंदी दे दी थी।

ईद मीलादुन्नबी पर लोगों ने घरों में फातिहा पढ़ी। कुछ जगहों पर कुरान ख्वानी भी हुई। मोती मस्जिद बच्चे, युवा, बुजुर्ग और महिलाएं आदि तकरीर सुनने पहुंचे। वहां तकरीर के अलावा तिलावते कुरान, हम्द और नात भी पेश की गई। आखिर में दरूद और सलाम पेश किया गया। इसके अलावा रात में सभी मस्जिदों पर रोशनी की गई। लोगों पैगम्बर हजरत मोहम्मद सल्लाहो अलैह व सल्लम के यौम ए विलादत की खुशी में घरों पर भी रोशनी की।

जरूरतमंदों को किया भोजन वितरित

अवाड़पुरा निवासी अब्दुल हमीद ने अपने साथियों के साथ जयरोग्य परिसर में स्थित मरीजों एवं उनके अटेण्डरों को ईद मीलादुन्नबी के अवसर पर भोजन का वितरण किया। इस अवसर पर उनके साथ पूर्व विधायक रमेश अग्रवाल, लतीफ खां मल्लू, अख्तर हुसैन कुरैशी, अरविंद चौहान, मोहम्मद अजहर, अलताफ शेख मौजूद थे।

अयोध्या विवाद पर फैसले के कारण लगी थी जुलूस पर रोक

अयोध्या विवाद पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को ध्यान में रखकर शहर में सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने धारा 144 लागू कर सभी प्रकार के जुलूस आदि पर रोक लगा दी थी। इसके चलते जुलूस के कार्यक्रम रद रहे। गोरखी परिसर में होने वाला जलसे का कार्यक्रम भी रद रहा। सिर्फ मोती मस्जिद में लोग पहुंचे और वहां तकरीर की गई।

Posted By: Nai Dunia News Network