भारत शर्मा. डबरा। अंचल के कुछ किसानों की धान की फसल कटकर मंडियों में विक्रय के लिए पहुंच गई है, तो कई किसानों की फसल अभी खेतों में खड़ी हुई है या कट कर खेतों में खुले आसमान के नीचे रखी हुई है। खरीफ सीजन की अंचल में होने वाली प्रमुख धान की फसल की अच्छी खासी पैदावार से जहां किसानों के चेहरों पर जहां खुशियां नजर आ रही थी, इसी खुशी के बीच के सामने पूरे प्रफुल्लित तरीके से दीपावली का त्योहार भी मनाया। लेकिन शनिवार से अंचल में छाए बादल आखिरकार रविवार को दोपहर 3:00 बजे बरस गए। जिससे अंचल के किसानों की मुसीबत बढ़ गई है। जहां एक ओर मंडियों में धान का उचित भाव मिल पाने से पहले से ही किसान परेशान था तो वहीं दूसरी ओर बार उसने उसकी खुशहाल जिंदगी में खलल डाल दिया। जहां एक और किसान त्योहार की खुशियां मना रहा था तो एक और खेतों में खड़ी और कट कर रखी फसल को सुरक्षित रखरखाव की व्यवस्था में जुटा हुआ था। रविवार को जैसे ही दोपहर 3:00 बजे बारिश शुरू हुई जो त्योहार की खुशियां नजर आ रही थी वह मायूसी में किसानों के चेहरे पर दिखाई देने लगी। अंचल में लगभग 30 से 40% धान की फसल अभी भी खेतों में खड़ी हुई है जिसे कटने में लगभग 8 से 10 दिन का समय और लग सकता है। वहीं धान के पौधों में लगी बालियां खेतों में टूट कर गिर गई । हालांकि खेतों में कट कर रखी फसल को बचाने के लिए किसानों ने पनी और त्रिपाल भी खरीदना शुरू कर दिया है। जिसके चलते रविवार को दुकानों पर किसानों की भीड़ खरीददारी के लिए बनी रही। जहां एक और दोपहर में 15 से 20 मिनट झमाझम बारिश हुई, तो रात्रि में लगभग 10:00 बजे तेज हवाओं के साथ गरज और चमक के साथ झमाझम बारिश का दौर पुन: शुरू हुआ और भितरवार नगर से सटी ग्राम आदमपुर में जमकर ओले गिरे जिससे किसानों की धान की फसल खड़ी हुई थी, उस की बालियां टूटकर खेतों में गिर गई इस दौरान कई सैकड़ों बीघा फसल में नुकसान होना बताया जा रहा है।

Posted By: anil.tomar

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