भितरवार। नईदुनिया न्यूज

भितरवार क्षेत्र से निकली दोआब नहर किसानों को पानी तो दे रही है लेकिन उससे अधिक परेशानी का सबब बन रही है। कभी नहर का पानी टेलपोर्शन क्षेत्र में नहीं पहुंचने से पैदावार नहीं हो पाती, तो कभी नहर ओवरफ्लो हो जाने से किसानों की फसल बर्बाद हो जाती है। इसके चलते दोआब नहर वर्तमान में किसानों सुविधा कम परेशानी अधिक दे रही है। शनिवार को विकासखंड की बड़ी झाऊ के पास नहर के ओवरफ्लो हो जाने के कारण लगभग 300 बीघा खेत में पानी भर गया। इस कारण लगभग 150 बीघा खेतों में किसानों द्वारा बोया गया खाद बीज बर्बाद हो गया। एक ओर बड़ी झाऊ में खेतों में पानी भर गया, वहीं नहर की सफाई नहीं कराए जाने से छोटी झाऊ के किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी पहुंच पा रहा है।

गौरतलब है कि मड़ीखेड़ा डैम से निकली लगभग 50 किलोमीटर लंबाई वाली दोआब नहर शनिवार को बड़ी झाऊ के पास ओवरफ्लो हो गई। इस कारण आसपास के लगभग 300 बीघा खेतों में पानी भर गया। इस कारण रबी सीजन के लिए किसानों द्वारा की गई बोवनी से लगभग 150 बीघा खेत का बीज और खाद बर्बाद हो गया। बताया गया है कि 16 हजार हेक्टेयर रकबा को सिंचित करने वाली दोआब नहर का सिंचाई विभाग द्वारा समय-समय पर मेंटेनेंस नहीं कराए जाने के कारण नहर कई जगहों पर क्षतिग्रस्त हो गई है। इस कारण पानी चलने के दौरान नहर कई बार फूटती रहती है। इसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ता है। किसानों का कहना है कि अगर नहर में अधिक मात्रा में पानी छोड़ दिया जाता है तो नहर क्षतिग्रस्त होने की वजह से टेलपोर्शन में पानी पहुंचने से पहले ही ओवरफ्लो हो जाती है।

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इन इलाकों में है समस्या

मड़ीखेड़ा से निकली दोआब नहर शिवपुरी के नरवर, मगरौनी और कांकर के बाद भितरवार विकासखंड में खड़ौआ से प्रवेश कर विभिन्न गांवों से होकर पवाया में सिंध पार्वती संगम स्थल में आकर मिलने तक क्षेत्र के 16 हजार हेक्टेयर रकबे को पानी उपलब्ध कराती है। वहां कांकर के बाद नहर कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो गई है, इसके चलते खड़ौआ, रमजीपुर, देवगढ़, मोहनगढ, खेड़ा पलायछा, बामौर और केरुआ तक नहर ओवरफ्लो की समस्या बनी रहती है। केरुआ के बाद टेलपोर्सन शुरू हो जाता है जिसके गोहिंदा, सांसन, बसई, बामरौल, बासौड़ी, मछरिया, सांखनी, लुहारी, रायचौरा सहित पवाया गांव के किसानों को पानी नहीं मिल पाता।

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28 साल से नहीं हुई मरम्मत

क्षेत्र में सिंचाई की समस्या को खत्म करने के लिए 1990 में तात्कालीन सांसद माधवराव सिंधिया ने नहर का निर्माण कराया था। 28 साल पूर्व बनी नहर का सिंचाई विभाग की ओर से अभी तक मरम्मत कार्य नहीं कराए जाने से नहर का अधिकतर हिस्सा क्षतिग्रस्त हो चुका है। इसके चलते नहर किसानों को पानी की अपेक्षा परेशानी अधिक दे रही है।

इनका कहना है

-सिंचाई विभाग की लापरवाही के कारण दोआब नहर का मेंटेनेंस नहीं हो सका है। इस कारण नहर का अधिकांश हिस्सा क्षतिग्रस्त हो चुका है। नहर की नियमित रूप से सफाई नहीं कराए जाने के कारण छोटी झाऊ सहित टेल पोर्शन के गांवों तक पानी नहीं पहुंच पाता है। सफाई के अभाव में नहर ओवरफ्लो हो जाती है। नहर के मेंटेनेंस के लिए मैं कई बार सिंचाई विभाग के अधिकारियों को अवगत करा चुकी हूं, लेकिन विभागीय अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं।

- रेखा रामनिवास गुर्जर, सरपंच, ग्राम पंचायत लोहारी।

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कुछ किसानों ने दोआब नहर ओवरफ्लो होने से गेहूं की फसल खराब होने की सूचना दी है। इसकी जानकारी संबंधित पटवारी को भेजकर ली जाएगी और आगे की कार्रवाई की जाएगी।

कुलदीप दुबे

तहसीलदार, भितरवार।

Posted By: Nai Dunia News Network

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