डबरा। नईदुनिया प्रतिनिधि

सीमा सुरक्षा अकादमी टेकनपुर की मेजबानी में 17 से 21 सितंबर तक आयोजित की गई 14वीं अंतर सीमांत कमांडो प्रतियोगिता में गुजरात फ्रंटियर की टीम ने सभी विधाओं में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया। इसके बाद मिजोरम व कच्छार फ्रंटियर ने द्वितीय तथा उत्तर बंगाल फ्रंटियर ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। इसके साथ ही ऑलराउंड प्रदर्शन कर उपनिरीक्षक एल हमर सर्वश्रेष्ठ कमांडो चुने गए।

प्रतियोगिता का समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह पीके दुबे महानिरीक्षक और संयुक्त निदेशक व मुख्य प्रशिक्षक अकादमी के मुख्य आतिथ्य में किया गया। इस अवसर पर रामअवतार महानिरीक्षक/कमांडर (प्रबंध सचिव), अधिकारीगण व अधिनस्थ अधिकारी व कार्मिक उपिस्थत रहे। मुख्य अतिथि ने विजेता टीमों को ट्रॉफी व मैडल प्रदान कर सम्मानित किया। उल्लेखनीय है कि 17 से 21 सितंबर तक आयोजित 14वीं अंतर सीमांत कमांडो प्रतियोगिता में बीएसएफ की विभिन्न फ्रंटियर की 10 टीमों में से कुल 380 कमांडोज ने हिस्सा लिया और अपनी दक्षता का प्रदर्शन किया। मुख्य अतिथि ने कमांडोज को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि प्रतियोगिता में सभी कमांडोज ने सामरिक दक्षता, धैर्य, टीम भावना, संचार कौशल का बहुत ही शानदार प्रदर्शन किया है और कई-कई घंटे तक लगातार बिना रुके, शारीरिक एवं मानसिक कौशल का प्रदर्शन करते युद्ध विधाओ का प्रदर्शन किया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में पूरा विश्व आतंकवाद से ग्रसित है और हमारा देश न सिर्फ आतंकवाद, बल्कि नक्सलवाद जैसे गंभीर समस्या से जूझ रहा है। देश की सुरक्षा की जिम्मेदारी बाकी सुरक्षा बलों की अपेक्षा बीएसएफ पर ज्यादा है। इसलिए बल के प्रत्येक सदस्य को शारीरिक और मानसिक रूप से दृढ़ होना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि प्रतियोगिता क समापन हो रहा है, लेकिन आपकी जिम्मेदारियों का नहीं, बल्कि इसके बाद आपकी जिम्मेदारी और बढ़ जाएगी। आपको बल के अन्य सदस्यों का रोल मॉडल बनना है। उन्होंने प्रतिभागियों का हौंसला बढ़ाते हुए कहा कि हर प्रतियोगिता में सिर्फ एक ही विजेता होता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि बाकी सभी हार जाते हैं। प्रतियोगिता में सभी कमांडों ने अच्छा प्रदर्शन किया है और आप सब विजयी है। इस प्रतियोगिता से बहुत कुछ सीखने का मौका मिला है। इसका फायदा भविष्य में आपको और बल दोनों को फायदा मिलेगा। उन्होंने कहा कि बीएसएफ में 35 वर्ष से अधिक की सेवा करने के बाद 30 सितंबर को मैं सेवानिवृत हो रहा है। बीएसएफ मेरी जिंदगी का अभिन्न अंग है और हमेशा रहेगा। आप सभी देखकर मुझे लग रहा है और सीमा सुरक्षा बल और देश का नाम रोशन करेंगे। अंत में विधिवत घोषणा कर प्रतियोगिता का समापन किया गया।