पिछोर। नईदुनिया न्यूज

पिछोर क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले शासकीय प्राथमिक, माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में लगभग 200 से अधिक अतिथि शिक्षक अध्यापन का कार्य कर रहे हैं, परंतु शिक्षा विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों की मनमानी के चलते पिछले चार माह से अतिथि शिक्षकों को वेतन नहीं मिल सका है। हालांकि दीपावली से पूर्व राज्य सरकार सभी कर्मचारियों को वेतन दिए जाने का आदेश जारी कर चुकी है, लेकिन अधिकारियों की लापरवाही के कारण अतिथि शिक्षकों के बकाया वेतन का भुगतान नहीं हो सका है। चार माह से वेतन नहीं मिलने के कारण अतिथि शिक्षक आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं।

गौरतलब है कि शैक्षणिक सत्र 2019-20 को शुरू हुए चार माह बीत गए है, परंतु अतिथि शिक्षकों को अभी तक भुगतान नहीं किया गया है। चार माह के वेतन का भुगतान कराने के लिए अतिथि शिक्षक कई बार शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत करा चुके हैं, परंतु अधिकारियों की लापरवाही के कारण अतिथि शिक्षकों को आर्थिक तंगी से गुजरना पड़ रहा है। अतिथि शिक्षकों का कहना है कि वह भी जब भी अपने वेतन का भुगतान कराने की बात करते हैं तो संबंधित अधिकारी यह कहकर बात खत्म कर देते हैं कि अभी बजट नहीं आया है। जैसे ही हमें बजट मिल जाएगा, भुगतान कर देंगें

आर्थिक परेशानी से जूझ रहे हैं अतिथि शिक्षक

शिक्षा विभाग द्वारा अतिथि शिक्षकों का भुगतान नहीं किए जाने के कारण पूरे परिवार को आर्थिक तंगी से जूझना पड़ रहा है। अतिथि शिक्षकों कहना है कि चार माह से वेतन नहीं मिलने के कारण राशन खरीदना और बच्चों की स्कूल फीस भरना मुश्किल हो गया है। अगर शीघ्र ही बकाया वेतन का भुगतान नहीं किया गया तो परिवार का खाना-पीना भी मुश्किल हो जाएगा।

इनका कहना है

अतिथि शिक्षकों का वेतन मिल रहा है। कुछ अतिथि शिक्षकों के दस्तावेजों में आधार कार्ड या अन्य किसी कमी के कारण विसंगतियां थी। उन्हें दूर किया जा रहा है। कमियां पूरी होते ही भी शेष बचे अतिथि शिक्षकों के वेतन का भुगतान कर दिया जाएगा।

-सत्या शर्मा, विकासखंड शिक्षा अधिकारी।

Posted By: Nai Dunia News Network