दमोह नईदुनिया प्रतिनिधि।

बटियागढ़ तहसील के ग्राम मगरौन स्थित जरारूधाम में राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर स्च्छता व जल साक्षरता विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमें दमोह सांसद व केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग व जल शक्ति राज्यमंत्री प्रहलाद सिंह पटेल भी शामिल हुए। इस मौके पर उन्होंने कहा कि आजादी के पूरे 75 वर्ष हो चुके हैं। यह 75 वर्ष मामूली समय नहीं होता। 75 वर्ष में हम अपनी आंखों से जिस भारत को देख रहे हैं। 100 वर्ष बाद यह भारत कहां पर होगा उस समय भारत की तस्वीर क्या होगी यह सोचने का काम आने वाली पीढ़ी को अपने कंधों पर उठाना होगा। उसको जिम्मेदारी लेनी होगी कि 100 वर्ष बाद हम अपने आने वाली पीढ़ी को पीने के लिए साफ पानी व शुद्ध अक्सीजन दे पाएंगे या नहीं। यह जमीन रहने लायक बचेगी या नहीं जिम्मेदारियां समय के साथ बढ़ती जाएंगी। इस अवसर पर जलपुरूष और रमन मेग्सेसे पुरूस्कार से सम्मानित डा. राजेंद्र सिंह का पुष्पगुच्छ और शाल व स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मान व जल शक्ति मंत्रालय भारत सरकार द्वारा अतिथियों को मूमेंटो भेंट किये गये।

केंद्रीय मंत्री ने कहा जो लोग 20 और 22 साल के हैं उनको लंबा जीवन भविष्य में गुजारना है। आज का दिन सार्थक होगा विवेकानंद जी को सच्ची श्रद्धांजलि यही होगी कि हमारे नवजवानों का शरीर और कंधे इतने मजबूत हो कि भारत माता की गुलामी की जंजीरों को भी कांटे और एक दिन भारत को विश्व गुरु बना कर दुनिया के सामने प्रस्तुत करें। श्री पटेल ने कहा कि आज के दिन हम श्री सिंह के साथ बैठकर विचार विमर्श में शामिल हो रहे हैं और जो नौजवान यहां से जाएगा जीवन के रास्ते में भटकाव से दूर रहेगा। केंद्रीयमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने कहा यह सफलता नहीं है यह एक पड़ाव है एक सीढ़ी है। अभी इसके आगे चलना बाकी है। अगर जल के साथ मर्यादा का पालन नहीं करोगे तो पाषाण का होना तय है। इस कहानी का अर्थ यह है। हर स्रोत की मर्यादा है क्या उन स्रोतों की हम चिंता करते हैं। वह कुएं, बावड़ी, तालाब, सरोवर, नदी व नाले यह छोटी चीजें हैं लेकिन इन्हीं सब की मर्यादा है। जलपुरूष और मेगसेसे पुरूस्कार से सम्मानित डा. राजेंद्र सिंह ने कहा यदि अनुशासन होगा तो दमोह देश में पानी दार बनेगा। पानी का काम करना सीख जाएगें पहले हमारी आंखों में पानी आना चाहिए। हमारी आंखों का पानी सूख गया है जो यह जल संरचना है आज कि हमारी आंखों में पानी पहले कैसे आए यह समझने की जरूरत है। हमारी आधुनिक शिक्षा के कारण इसलिए मुझे इस मंच से कहते हुए बहुत खुशी है। जल शक्ति मंत्रालय में एक ऐसे व्यक्ति मंत्री हैं जो पानी के काम को शुभ का काम मानते हैं पुण्य का काम मानते हैं जो पानी को लाभ का काम नहीं मानते। थोड़ा बहुत पानी नीचे भी जाए इसलिए सबसे पहले धरती का पेट समझना फिर धरती पर काम करना। उन्होंने कहा बुंदेलखण्ड की धरती को हरा-भरा करने तीनों काम करने पड़ेंगे। तुम्हारे बुखार के इलाज की दवाई पेरासिटामोल है धरती के बुखार ठीक करने की दवा हरियाली है। हरियाली बढ़ेगी वह हरियाली चाहे खेती की हो, छोटी-छोटी पत्तियों में से जो पानी निकलता है छोटे बादल बनाता है। इस अवसर पर दमोह विधायक अजय टंडन, हटा विधायक पीएल तंतवाय, जबेरा विधायक धर्मेंद्र सिंह, पथरिया विधायक रामबाई परिहार, कलेक्टर एसकृष्ण चेतन्य, एसपी डीआर तेनीवार के साथ अन्य लोगों की मौजूदगी रही।

Posted By: Nai Dunia News Network

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