दमोह, नईदुनिया प्रतिनिधि। उच्च न्यायालय द्वारा दमोह देहात थाना अंतर्गत दर्ज किए गए मंतातरण मामले में 10 आरोपितों में से एक आरोपित डा. अजय लाल को एक लाख रुपये के निजी मुचलके पर सशक्त अग्रिम जमानत दे दी गई है। इससे पहले इस मामले में जमानत मिलने के उपरांत राज्य शासन द्वारा आपत्ति दर्ज किए जाने के उपरांत दो दिन के लिए जमानत अर्जी पर रोक लगा दी गई थी। इसके बाद सोमवार को बहस के उपरांत मामले के निराकरण के लिए सुरक्षित रखा गया था, लेकिन मंगलवार की देर शाम इस मामले में डा. अजय लाल को सशर्त जमानत दे दी गई। इसमें उल्लेख किया गया है कि जब तक इस मामले की पूरी जांच नहीं की जाती और चार्जशीट न्यायालय में दर्ज नहीं की जाती है। तब तक अनावेदक न्यायालय की अनुमति के बिना देश नहीं छोड़ेंगे। यदि किसी भी समय यह पाया जाता है कि आवेदक पूर्ण सहायता प्रदान करने में विफल रहा है तो राज्य शासन को जमानत रद्द करने के लिए एक कारण रहेगा। इन्हीं शर्तो को ध्यान में रखते हुए उच्च न्यायालय की एकल पीठ के न्यायाधीश संजय द्विवेदी ने एक लाख रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि की सल्वेंसी प्रस्तुत करने पर जमानत दे दी है।

दूसरे मामले में अग्रिम जमानत निरस्त : वहीं मंतातरण मामले में दर्ज किए गए दूसरे एक अन्य मामले में आठ आरोपितों में से दो आरोपितों द्वारा दमोह के अतिरिक्त जिला सत्र न्यायाधीश की अदालत में अग्रिम जमानत याचिका लगाई थी। जिस पर द्वितीय अतिरिक्त जिला सत्र न्यायाधीश डा. आरती शुक्ला पांडे ने केरल निवासी दोनों आरोपितों निधि थामस व पप्पू थामस की जमानत याचिका को निरस्त कर दिया।

शेष आरोपित अभी भी फरार : वहीं मंतातरण मामले में दर्ज किए गए दोनों मामलों में सभी 18 आरोपित अभी भी फरार हैं। इन 18 आरोपितों में से डा. अजय लाल को ही अग्रिम जमानत मिली है, जबकि से 17 आरोपित अभी भी फरार चल रहे हैं। इन्हें पकड़ने के लिए पुलिस द्वारा किसी भी प्रकार की सक्रियता के साथ प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। दूसरी ओर दोनों पक्षों द्वारा मामले में अपना अपना पक्ष मजबूत करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।

Posted By: Nai Dunia News Network

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