पथरिया। जंगल की हरियाली और उसपर उछलकूद करते हिनण और नाचते मोर देखने मिल जाएं तो उसका आनंद ही कुछ और ही होता है। ऐसे नजारे देखने के लिए लोग बड़े-बड़े नामचीन अभयारण्य में जाते हैं और हजारों रुपए खर्च करने के बाद भी उन्हें वह नजारे देखने नहीं मिल पाते, लेकिन दमोह जिले के पथरिया विकासखंड में ही एक ऐसा क्षेत्र है, जहां सैकड़ों की संख्या में हिरण, दर्जनों मोर और अनेक जंगली जानवर आसानी से दिख जाते हैं। इतना ही नहीं सुबह के समय क्षेत्रीय लोग इन नजारों को देखने के लिए उस जंगली क्षेत्र में जाते हैं। उस नजारे को देखकर ऐसा लगता है, जैसे हिरण की उछलकूद और मोर के नृत्य को देखकर ही सूर्य उदय होता है।

हम बात कर रहे हैं पथरिया क्षेत्र की मां मनसा देवी सिद्ध पहाड़ी क्षेत्र की। यहां पर काफी संख्या में जंगली जानवरी हैं। देवी मंदिर पूरी तरह जंगली क्षेत्र से घिरा हुआ और यहां का वातावरण काफी शांत है। शायद इसीकारण जंगली जानवरों को यह क्षेत्र भा गया है और अब यहां अनेक प्रकार के जंगली जानवर दिखाई देने लगे हैं। इस क्षेत्र के नजारे देख चुके लोगों का कहना है कि यदि वन विभाग इस क्षेत्र को विकसित करने की योजना बना ले, तो पर्यटन के लिहाज से ये काफी अच्छा स्थान हो सकता है। लोगों का ये भी कहना है कि इतना बेहतर स्थान होने के बाद भी जिले में ऐसे चंद लोग होगें, जिन्हें इसकी जानकारी होगी। बीचों बीच पहाड़ी क्षेत्र में बने इस स्थान पर मां मनसा देवी के

अलावा सिद्ध बाबा का भी स्थान है। यहां पर देवी की 108 भुजाधारी प्रतिमा स्थापित है, जिसके दर्शन करन लोग पहुंचते हैं। यहां पर मेले का आयोजन भी होता है। नगर के पास बसे इस स्थान पर काफी पेड़ भी लगे हैं। जिससे सुबह शाम यहां घूमने आने वाले लोग शुद्ध हवा लेते हैं और पहाड़ पर मौसम का आनंद भी उठाते हैं। चारों ओर वन्य प्राणी यहां घूमते नजर आते हैं जो अपने आप में रोमांच पैदा करते हैं।

पलटू बाबा की मेहनत ला रही रंग

इस स्थान के बारे में बताया जाता है कि यहां पर एक पलटू बाबा नामक संत रहते थे, उन्होंने ही इस क्षेत्र को आबाद किया था। उनके द्वारा ही यहां पर जंगली जानवरों जैसे हिरण, मोर आदि को बेहतर वातावरण देकर उन्हें आकर्षित करने का प्रयास किया था। उनके रहते भी क्षेत्र में जंगली जानवर आना शुरू हो गए थे। पहाड़ी पर बने उनके आश्रम में भी जंगली जानवर घूमते रहते थे। कुछ साल पहले बाबा ने समाधि लेे ली, लेकिन वहां पर जंगली जानवर आते रहे। इस क्षेत्र में जानवरों को घूमने-फिरने की आजादी होती है और इसलिए अब उनकी संख्या बढ़ती जा रही है। सुबह के अलावा शाम को भी जंगली जानवर देखने मिल जाते हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार इस क्षेत्र में हिरण, मोर, नीलकंठ, बंदर के अलावा कई जानवर देखने मिल जाते हैं। यहां पर चाय की दुकान संचालित करने वाले राजेश कुर्मी इन वन्यजीवों के खाने पीने की व्यवस्था करते हैं। सिद्ध पहाड़ी व उमराह गांव के पास काफी पौधे भी, जो वन विभाग द्वारा लगवाए गए हैं।

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

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