झलौन(नईदुनिया न्यूज)। बारिश शुरू होने के बाद निर्माणधीन पुलों के कार्य पूरा न होने व पूर्व में बने पुलों की हालत जर्जर होने से चलते इस बारिश में दुर्घटनाओं को आमंत्रण दे रहे है। तेन्दूखेडा ब्लाक में अंग्रेजों के समय में बने पुल के पिलर जर्जर स्थिति में पहुंच चुके हैं और ऐसे हालत में यहां कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। बारिश के दिनों में जलमग्न होने वाले इन पुलों में अभी तक हालात नहीं बिगड़े है लेकिन हर वर्ष यह पुल बारिश के दौरान उफान पर आ जाते हैं।

झलौन से तारादेही, महाराजपुर मार्ग पर पढ़ने वाले गिहरा नाले पर बना हुआ पुल काफी जर्जर हालत में पहुंच गया है जिससे कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। पुल के जर्जर होने के बाद भी जिम्मेदार अधिकारी इस और ध्यान नहीं दे रहे हैं जबकि इस पुल से 24 घंटे भारी वाहन गुजरते रहते हैं। सागर-जबलपुर स्टेट हाईवे 15 को जोड़ने वाले तारादेही महाराजपुर मार्ग पर बने गिहरा पुल की हालत काफी समय से जर्जर है। ग्रामीणों ने बताया लोक निर्माण विभाग अंतर्गत तीन से चार वर्ष पहले प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत तेजगढ़, झलौन, तारादेही सड़क मार्ग का चौड़ीकरण के साथ डामरीकरण सहित उम्रदराज जर्जर पुल पुलियों का निर्माण कार्य किया गया था जिसमें पुराने निर्माण को नवीन निर्माण दिखाने के लिए लीपापोती कर कंकरीट स्लैब डालकर सड़क निर्माण करवाया गया था।

उम्रदराज पुलों का रखरखाव तक मेंटिनेंस तक नहीं किया गया है यही कारण है कि झलौन से तीन किमी दूरी पर स्थित सिद्धन बाई की कुटी के पास बने 40 वर्ष पुराने गिहरा नाले के पुल की नीव से लेकर ऊपर तक का मटेरियल निकल रहा है और क्षतिग्रस्त होने लगा है। इसी तरह धनेटा से बिसनाखेड़ी के बीच भढंगा नाले पर बना हुआ पुल भी खराब है इस पुल के ऊपर एक तरफ की डामर की परत तीन इंच तक उखड़े तीन वर्ष बीत गए लेकिन जबावदेह विभागीय अधिकारियों का ध्यान इस और नहीं है। वहीं समनापुर-तारादेही के बीच बने गोहदर पुल की नीचे से क्षतिग्रस्त दिखने लगा है पुल के नीचे दरारें पड़ गई है। इसके पूर्व भी इस पुल का कुछ हिस्सा क्षतिग्रस्त होकर बारिश में बह गया था जिसके बाद अधिकारियों द्वारा कुछ मरम्मत कार्य कराया गया था। अब फिर इस पुल पर दरारें दिखाई देने लगी है।

इस पुल से गुजर रहे राहगीर अर्जुन सिंह ने बताया कि यह गोहदर का पुल दो दर्जन ग्रामीण क्षेत्रों को जोड़ता है और अन्य जिलों को भी जिसमें तारादेही, तेन्दूखेडा, महाराजपुर, पाटन, जबलपुर, दमोह, झलौन, तेजगढ़, रहली, सागर, गौरझामर, देवरी, बरमान, नरसिंहपुर बड़े तेन्दूखेडा सहित तेन्दूखेडा ब्लाक व देवरी सागर के कुछ ग्रामीण क्षेत्रों का प्रतिदिन हजारों लोगो का इस पुल से संपर्क होता है। इस पुल से भी 24 घंटे ओवरलोड वाहन निकलते रहते हैं पुल के बाजू से एक नया पुल का निर्माण कार्य चल रहा है लेकिन इस निर्माण में कंपनी द्वारा पुल निर्माण में समय लगाया जा रहा है। अभी नये पुल पर डेढ़ साल तक और समय लग सकता है क्योंकि पुल निर्माण कार्य की गति धीमी गति से कार्य किया जा रहा है जिसके कारण इस बारिश में भी लोगों को पुराने गोहदर पुल से ही निकलना पड़ेगा।

Posted By: Nai Dunia News Network

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