दमोह (नईदुनिया प्रतिनिधि)। षष्ठम अपर सत्र न्यायाधीश प्रदीप कुमार ने हत्या करने वाले दो आरोपितों को आजीवन कारावास की सजा से दंडित किया है। आरोपित खूबसींग पुत्र कलू अठया 22 वर्ष, गोविंद पुत्र कलू अठया 19 वर्ष निवासी ग्राम मारा थाना पथरिया को धारा 302 में आजीवन कारावास एवं प्रत्येक को 2500 रुपये अर्थदंड से दंडित किया गया। अभियोजन की ओर से पैरवी अपर लोक अभियोजक सूरज ताम्रकार द्वारा की गई।

घटना के अनुसार तीन अक्टूबर 2018 की शाम फरियादी का पति पुन्नाू अपने नए घर से स्टेशन की दुकान तरफ आ रहा था और फरियादी स्वयं अपने घर के पास बैठी थी। तभी गांव का खूबचंद अठया उसके घर के अंदर घुसा तो देवरानी माया ने उसे पकड़ कर बाहर निकाल दिया। इसी को लेकर खूबचंद अठया गालियां देने लगा तो फरियादी के बड़े लड़के धर्मेंद्र ने पुन्नाू को बुलाया। इसी दौरान खूबचंद्र एवं गोविंद ने जान से मारने की नियत से खूबचंद्र ने पुन्नाू के सिर में लाठी मारी और गोविंद ने पुन्नाू को लाठी मारी जो उसके बाएं कान में लगी। इसके बाद खूबचंद्र ने पुन्नाू के सिर में पीछे तरफ भी लाठी मारी जिससे पुन्नाू मौके पर बेहोश होकर गिर पड़ा। मौके पर मनोज, लल्लू रैकवार, पुष्पेंद्र रैकवार आ गए तो दोनों आरोपित भाग निकले। पुन्नाू को इलाज के दौरान दमोह लाया गया जहां डाक्टर ने पुन्नाू को मृत घोषित कर दिया। उक्त अपराध थाना पथरिया में पंजीबद्ध किया गया न्यायालय में आए विचारण के दौरान उपलब्ध साक्ष्‌य एवं अभियोजन के तर्कों से सहमत होकर न्यायालय द्वारा दोनों आरोपित को धारा 302 में आजीवन कारावास व अर्थदंड से दंडित किया।

बालिका को भगाकर ले जाने वाले आरोपित को न्यायालय ने किया दंडित

दमोह(नईदुनिया प्रतिनिधि)। न्यायालय आरती शुक्ला पांडे विशेष न्यायधीश लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 जिला दमोह ने बालिका को भगा ले जाने वाले आरोपित दयाशंकर उर्फ हल्लाई पुत्र रमेश काछी 22 वर्ष निवासी ग्राम नयागांव थाना पटेरा को सजा से दंडित किया है। आरोपित को धारा 363 में सात वर्ष का कारावास व पांच सौ रुपये अर्थदंड, धारा 366 में सात वर्ष का कारावास व पांच सौ रुपये अर्थदंड एवं धारा 376,2 में 10 वर्ष का सश्रम कारावास व एक हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया गया।

अभियोजन की ओर से पैरवी विशेष लोक अभियोजक अंशुल मिश्रा द्वारा की गई।

घटना के अनुसार फरियादी के पिता ने पटेरा में रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसकी बालिका 13 नवंबर 2018 को दो बजे दिन में घर से पटेरा जाने का कहकर घर से गई थी जो 14 नवंबर तक घर वापस नहीं आई। आसपास रिश्तेदारों में पता किया तो कोई पता नहीं चला मुझे शक है कि मेरी बेटी को कोई अज्ञात व्यक्ति बहला-फुसलाकर भगा ले गया है उक्त आशय की रिपोर्ट थाना पटेरा में दर्ज कराई गई। विवेचना के दौरान बालिका के माता-पिता के कथन लिए गए बालिका के कथन अनुसार उसे अभियुक्त ने दमोह बुलाया था और वहां से अपने साथ ट्रेन से बीना एवं बीना से दिल्ली और दिल्ली से बस से दादरी ले गया था। आरोपित ने दादरी में किराए से एक कमरा लिया था जिसमें वे एक रात ठहरे थे बालिका के चाचा भी दादरी में रहते थे बालिका के चाचा ने उसके माता-पिता को फोन लगाकर उसके दादरी में होने की सूचना दी थी। आरोपित को पता चलने पर वह बालिका को कमरे में अकेला छोड़कर चला गया बालिका के चाचा कमरे में आए और उसे अपने साथ लेकर पटेरा आ गए न्यायालय में आए विचारण के दौरान उपलब्ध साक्ष्‌य एवं अभियोजन के तर्कों से सहमत होकर न्यायालय द्वारा आरोपित दयाशंकर को सजा से दंडित किया।

Posted By: Nai Dunia News Network

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