तेंदूखेड़ा। नगर में 15 वार्डों की आबादी 25 हजार है और पूरे नगर में अंतिम संस्कार के लिए सिर्फ एक मुक्तिधाम बना है। वह भी वार्ड 9 में जहां के वल चार वार्ड के लोग ही स्वजनों का अंतिम संस्कार करने यहां पहुंचते हैं। आधे लोग आज भी खुले मैदान में अंतिम संस्कार करने मजबूर हैं। चोरई मोहल्ले के लोगों को स्वजनों के अंतिम संस्कार के लिए आज भी निजी जगह में अंतिम संस्कार करना पड़ता है। जिन लोगों के पास जमीन नहीं है वह आज भी काफी परेशान होते हैं। बुधवार को पूर्व पार्षद के घर गमी होने के बाद शव यात्रा को दो कि मी दूर ले जाना पड़ा। क्योंकि उनके पास निजी जगह है नहीं है। मुक्तिधाम मंजूर है, लेकि न कार्य शुरू नहीं हुआ जिसके कारण यह परेशानी बनी हुई है।

नगर के 15 वार्डों के बीच एक मुक्तिधाम बना हुआ है। जिसमें वार्ड 8,9,10,11,12 के लोग ही अपने स्वजनों का अंतिम संस्कार करते हैं। बाकी वार्ड के लोगों को खुले मैदान में अंतिम संस्कार करना मजबूरी बना है। क्योंकि यह सभी पठाघाट के समीप ही शुरू से अंतिम संस्कार करते आ रहे हैं इसलिए परंपरा के अनुसार यहीं जाते है। जहां बड़ी मात्रा में गंदगी पड़ी रहती है और अधूरा निर्माण होने के कारण खुले मैदान में आज दाह संस्कार करना पड़ता है।

नगर में चोंरई मोहल्ला भी आता है जहां लगभग तीन वार्ड हैं 13,14 और 15 यहां मुक्तिधाम तीन वर्ष पूर्व अध्यक्ष सुनीता सिंघई ने मंजूर कराया था। जिसके लिए जमीन भी आवंटित हो गई थी। उसके बाद आज तक यहां मुक्तिधाम का निर्माण नहीं हो पाया। चोंरई निवासी वार्ड 13 निवासी लक्ष्मण घोषी ने बताया कि उनके वार्ड में जब भी कोई गमी होती है तो उन लोगों को अंतिम संस्कर के लिए जगह नहीं मिलती। आज भी लोग निजी जमीन में दाह संस्कार करने मजबूर हैं। यह आलम आजादी के बाद से लेकर आज तक बना हुआ है। पार्षद मस्तराम घोषी ने बताया कि उन्होंने कई बार नगर परिषद में ज्ञापन दिए कि चोंरई के समीप मंजूर मुक्तिधाम का निर्माण कराया जाए, लेकि न आज तक कोई निराकरण नहीं हुआ जबकि मंजूर हुए तीन साल बीत गए।

चोंरई गांव में सभी समाज के लोग रहते हैं जिनके पास अपनी खेती है, लेकि न जो दलित और गरीब परिवार के लोग हैं उनके पास खेती नहीं है। जिसके चलते यदि कि सी परिवार में गमी हो जाती है तो उनको जगह खोजनी पड़ती है कि वह अंतिम संस्कार कहां करें। इस संबंध में पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष पति ऋषभ सिंघई ने बताया कि वार्ड पांच और 14 में मुक्तिधाम मंजूर है, लेकि न अतिक्रमण न हटने के कारण वह पिछले तीन वर्ष से नहीं बन पाया। जबकि अतिक्रमण हटाने के लिए कई बार तहसीलदार और एसडीएम को पत्र भेजे गये थे। सीएमओ नीतू सिंह का कहना है कि पूर्व में वार्ड 14 में मुक्तिधाम निर्माण के लिए जगह देखने गए थे, लेकि न कोई निराकरण नहीं हुआ।

Posted By: Nai Dunia News Network