दमोह। जिले में कोरोना संक्रमण का खतरा दिनों दिन बढ़ता जा रहा है। अभी तक जिले में 210 मामले सामने आ चुके हैं, जिसमें से 112 मरीज ठीक भी हो चुके हैं, लेकि न बुरी खबर ये है कि इस संक्रमण की चपेट में आने से दो लोगों की मौत भी हो चुकी है। ये दूसरी मौत उसी परिवार के व्यक्ति की है, जिसमें से एक की मौत एक सप्ताह पहले हुई थी। इस परिवार के पहले संक्रमित व्यक्ति की हालत नाजुक होने के कारण उसे सागर रेफर कि या गया था, वहां हालत में सुधार न होने के कारण उसे भोपाल रेफर कि या गया था और रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया था। रविवार को इस परिवार के जिस व्यक्ति की मौत हुई है, उन्हें भी सागर रेफर कि या गया था, जहां उन्होंने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इसके अलावा रविवार को ही दमोह के एक व्यवसायी राके श सिंघई का भी निधन हो गया है, जो कोरोना संक्रमण के शिकार हुए थे, लेकि न इलाज के बाद उनकी रिपोर्ट निगेटिव आ गई थी। बाद में उनकी पुरानी बीमारियों ने उन्हें चपेट में ले लिया और इलाज के दौरान जबलपुर में दम तोड़ दिया। श्री सिंघई जब संक्रमण से स्वस्थ हुए थे तो जबलपुर के निजी अस्पताल स्टाफ ने 24 जुलाई को उनका जन्मदिन भी मनाया था।

ज्ञात हो कि जिले में कोरोना संक्रमण से पहली मौत हटा निवासी 65 वर्षीय बुजुर्ग की हुई थी और उसी परिवार के जिस दूसरे व्यक्ति की मौत हुई है वह भी करीब 65 साल के थे। इन दोनों मरीजों की कांटेक्ट हिस्ट्री बटियागढ़ ब्लॉक के फु टेराकला गांव से जुड़ी थी। रविवार को जिन बुजुर्ग की मौत हुई है, उन्हें जब स्वास्थ्य टीम ने क्वारंटाइन कि या था। तब उन्होंने कोविड नियंत्रण टीम के सामने यह हवाला दिया था कि उन्हें कोई संक्रमण नहीं है और काफी समझाइश के बाद उन्हें व उनके बेटे को क्वारंटाइन सेंटर ले जाया गया था। इसके बाद बुुजुर्ग को सांस लेने में तकलीफ शुरू हुई तो उन्हें जिला अस्पताल भेजा गया। जिला अस्पताल में उनकी हालत बिगड़ी तो उन्हें सागर बीएमसी मेडिकल कॉलेज रेफर कि या गया था। हटा के बुजुुर्ग की मौत की खबर के बाद नगर में डर का माहौल साफ दिखाई दे रहा है। रविवार को बाजार में सन्नाटा पसरा रहा, ज्याादतर लोग अपने घरों में ही रहे और मोबाइल से ही खैर-खबर लेते रहे। इस दिन हटा एसडीएम राके श मरकाम ने अपने कार्यालय में कोविड सेंटर से जुड़े डॉक्टर्स की बैठक लेकर आगे की रणनीति तैयार की। इसके साथ ही कोरोना पॉजिटिव निकले पूर्व विधायक व इलेक्ट्रॉनिक्स व्यापारी की कांटेक्ट हिस्ट्री तैयार करने पर भी चर्चा की गई, ताकि उन सभी की भी सैंपलिंग की जा सके ।

ठीक होने पर डॉक्टर्स ने मनाया था जन्मदिन

शहर के महावीर वार्ड क्षेत्र में सबसे ज्यादा कोरोना पॉजिटिव मरीज सामने आए हैं, इन सभी से पहले व्यवसायी राके श सिंघई जबलपुर के एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान कोरोना पॉजिटिव निकले थे, उनके पॉजिटिव होने की सूचना के बाद प्रशासन ने उनके स्वजनों को कोविड सेंटर भेजा और उनकी जांच कराई तो कई लोग पॉजिटिव निकले थे, जिसमें से ज्यादातर लोग ठीक हो चुके हैं। श्री सिंघई भी इलाज के बाद स्वस्थ हो गये थे और उनकी रिपोर्ट भी निगेटिव आ गई थी। श्री सिंघई के स्वस्थ होने के बाद जबलपुर के निजी अस्पताल में 23 जुलाई को स्वास्थ्य टीम ने उनका जन्मदिन मनाया था। वह संक्रमण से मुक्त हो चुके थे, लेकि न उन्हें हृदय संबंधी बीमारी के कारण कु छ और परेशानी हुई थी, जिस कारण वह जबलपुर में अपना इलाज करा रहे थे, लेकि न वहां उनका दुखद निधन हो गया। हालांकि सोशल मीडिया पर उनके निधन को कोरोना संक्रमण से जोड़कर बताया गया, लेकि न वह सूचना पूरी तरह गलत हैं। सीएमएचओ डॉ. संगीता त्रिवेदी ने नईदुनिया को बताया कि श्री सिंघई कोरोना संक्रमण से ठीक हो चुके थे, उनकी रिपोर्ट भी निगेटिव आ चुकी थी, इसलिए ये साफ है कि उनकी मृत्यु कोरोना संक्रमण से नहीं कि सी अन्य स्वास्थ संबंधी समस्या के कारण हुई है। नईदुनिया लोगों से यह भी अपील करना चाहता है कि कि सी की सामान्य मौत को बिना पुष्ट जानकारी के कोविड 19 संक्रमण से जोड़ना गलत है। इस तरह की सूचना प्रचारित करने से सभी को बचना चाहिए।

Posted By: Nai Dunia News Network

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Ram Mandir Bhumi Pujan
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