दमोह। कि सी की मदद करने की खुशी का आनंद शब्दों में बयां नहीं कि या जा सकता। ऐसे ही आनंद की अनूभूति जिला अस्पताल में पदस्थ डॉ. दिवाकर पटेल को हो रही है। उन्होंने जिला अस्पताल के कोविड 19 वार्ड में एक लेवर रुम तैयार कर एक कोरोना पॉजिटिव महिला का प्रसव कराया है। महिला ने एक स्वस्थ बेटी को जन्म दिया है, जिसके बाद डॉ. पटेल काफी खुश हैं और उन्होंने अपनी इस खुशी को सोशल मीडिया पर भी सांझा कि या। डॉ. पटेल ने नईदुनिया से कहा कि कोविड 19 के मरीज की देखरेख ही काफी कठिन होती है, लेकि न जब उन्होंने महिला को प्रसव पीड़ा से कराहते देखा तो उनसे रहा नहीं गया और उन्हें पता ही नहीं चला कि सब कै से हो गया। जब उन्होंने शिशु के रोने की आवाज सुनी तो उन्हें ऐसे लगा जैसे उन्होंने चारों धाम की तीर्थ यात्रा कर ली हो।

डॉ. पटेल ने बताया कि कि ल कोरोना अभियान के तहत ग्रामीण क्षेत्र में कोरोना संक्रमण से जुड़े लक्षण वाले मरीजों का सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा जाता है और ऐसे लोगों को घर में ही क्वारंटाइन कर दिया जाता है। बटियागढ़ क्षेत्र की गांव निवासी महिला को हल्की खांसी होने पर उसका सैंपल लिया गया था, जिसकी रिपोर्ट एक अगस्त को पॉजिटिव आई थी। दो अगस्त को महिला को प्रसव पीड़ा हुई, जिसके बाद उसे बटियागढ़ स्वास्थ कें ध ले जाया गया। जब स्वास्थ कें ध में महिला का प्रसव संभव नहीं हुआ तो रात करीब दो बजे रेफर कर जिला अस्पताल भेजा गया। डॉ. पटेल ने बताया कि रात में वह जिला अस्पताल के अपने अस्थाई निवास में थे, तभी सिस्टर ने उन्हें बताया कि एक कोरोना पॉजिटिव महिला वार्ड में पहुंची है, जिसे प्रसव पीड़ा हो रही है। कु छ समय के लिए तो उन्हें कु छ समझ नहीं आया कि क्या कि या जाए पर शांत मन से विचार कर एक मां और उसके गर्भ में पल रहे शिशु के बारे में विचार किया तो दिनभर की थकान चली गई। इसके बाद महिला के पास पहुंचे तो वह काफी चिंतित थी, इसलिए सबसे पहले उससे ढांडस बंधाया। उन्होंने महिला ने कहा कि वह चिंता न करे, वह उसके भाई की तरह उसकी रक्षा करेंगे। उन्होंने फौरन स्टाफ को सूचित कि या बच्चे की धड़कन और प्रसूता की अन्य जांच की जा सके । इसके बाद सिविल सर्जन डॉ. ममता तिमौरी को इसकी सूचना दी। स्त्री रोग विशेषज्ञ को पहुंचने में समय लगता, इसलिए उन्होंने एक एक्सपर्ट नर्स को साथ लिया और विशेषज्ञ से मोबाइल पर निर्देश लेकर महिला का सामान्य प्रसव कराया। रात करीब 3.45 बजे महिला ने एक बेटी को जन्म दिया। महिला को पहले से बेटा था और रक्षाबंधन के दिन बेटी के जन्म के बाद वह बोली कि उसके बेटी की कलाई पर राखी बांधने बहन आ गई। डॉ. पटेल ने कहा कि ऐसी विषम परिस्थति में उन्होंने प्रसव कराया और जब शिशु के रोने की आवाज सुनी तो उन सभी की खुशी का ठिकाना नहीं था, उन्हें ऐसा लगा जैसे ईश्वर ने खुद आकर सबकु छ कर दिया। इस प्रसव के बाद महिला के चेहरे की मुस्कान और मासूम का चेहरा देखकर ऐसा लगा जैसे उन्होंने चारो धाम की यात्रा कर ली हो। डॉ. पटेल ने बताया कि शिशु की कोरोना रिपोर्ट निगेटिव है। महिला से कु छ दूरी पर उसे रखा गया है और जब उसे दूध पिलाना होता है, तब पूरी सुरक्षा के साथ महिला को शिशु के पास ले जाया जाता है। उन्होंने बताया कि महिला भी सामान्य हालत में है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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