दमोह। कोरोना संक्रमण के बढ़ते मरीजों के कारण अस्पतालों में ऑक्सीजन की खपत भी बढ़ गई है और प्रदेश में भी ऑक्सीजन को लेकर मारा-मारी शुरू हो गई है, लेकि न इतने विकट हालात में भी जिले के लिए ऑक्सीजन की पूर्ति लगातार जारी है। कोरोना संक्रमण आने के पहले जिला स्वास्थ्य विभाग को महज 25 से 30 ऑक्सीजन सिलेंडर की ही जरूरत होती थी, लेकि न उसके बाद जैसे ही कोरोना मरीज आना शुरू हुए तो खपत बढ़ती गई। अगस्त माह से खपत अधिक हुई है और अब प्रतिदिन करीब डेढ़ सौ ऑक्सीजन सिलेंडर की खपत हो रही है। अच्छी बात ये है कि इतनी अधिक खपत होने के बाद भी जिला स्वास्थ्य विभाग अपने पुराने अनुबंध की तय दर 342 रुपये में ही सात क्यूबिक मीटर क्षमता का सिलेंडर प्राप्त कर रहा है।

जिले में के वल अगस्त माह में ही करीब तीन सैकड़ा मरीज सामने आए हैं। इन मरीजों में ज्यादातर को ऑक्सीजन की जरूरत थी, इसलिए ऑक्सीजन की खपत बढ़ गई। सिविल सर्जन डॉ.ममता तिमौरी ने बताया कि अगस्त की शुरूआत में जैसे ऑक्सीजन की खपत बढ़ना शुरू हुई तो जिससे उनका अनुबंध था, उसने सप्लाई करने में असहजता जाहिर की, लेकि न फिर उससे बात की तो सबकु छ सामान्य हो गया। अभी वर्तमान में उन्हें करीब डेढ़ सौ सिलेंडर ऑक्सीजन की जरूरत हो रही है, जिसकी पूर्ति होती जा रही है। डॉ. तिमौरी ने बताया कि करीब सौ ऑक्सीजन सिलेंडर वह उससे से प्राप्त कर रहीं हैं, जिससे उनका अनुबंध है और बाकी करीब 50 सिलेंडर वह अन्य सोर्स से प्राप्त कर रहीं हैं। उन्होंने बताया कि जबलपुर से सप्लाई में समस्या होने के कारण ऐसी स्थति निर्मित हुई है, लेकि न अभी तक उनके यहां ऑक्सीजन को लेकर कोई समस्या नहीं आई है। उन्होंने बताया कि एक-दो बार दिक्कत होने की संभावना दिखी तो, उन्होंने कलेक्टर तरुण राठी को मामले से अवगत कराया था। कलेक्टर श्री राठी ने जबलपुर बात की तो स्थिति सामान्य हो गई और उन्हें सप्लाई होने लगी है। आने वाले दिनों में भी उन्हें ऑक्सीजन को लेकर कोई समस्या नहीं होगी।

जिले को शासन से 23 कांसेंट्रेटर

ऑक्सीजन की कमी को पूरा करने के लिए जहां एक ओर जिला स्वास्थ्य विभाग ने ऑक्सीजन सिलेंडर की आपूर्ति बेहतर बना रखी है, वहीं उन्हें शासन से 23 कांसेंट्रेटर सिस्टम भी मिल गए हैं। इस सिस्टम का फायदा ये है कि ये स्वयं ही ऑक्सीजन बना सकता है, जो सीधे मरीज को दी जा सकती है। जिला अस्पताल के आरएमओ डॉ. दिवाकर पटेल ने बताया कि जिला अस्पताल में पहले आठ कांसेंट्रेटर सिस्टम थे। अब 23 और प्राप्त हो गए हैं, जिससे काफी सुविधा होगी। उन्होंने कहा कि ये सिस्टम कमरे की ऑक्सीजन को खींचता है और उसे मरीज के उपयोग लायक बना देता है। जिन मरीजों को कम ऑक्सीजन की आवश्यकता होती है, उसके पास इस सिस्टम को रख दिया जाता है और उस मरीज की ऑक्सीजन की पूर्ति होती रहती है। उन्होंने कहा कि जो कांसेंट्रेटर सिस्टम प्राप्त हुए हैं, उससे एक दिन में करीब दस ऑक्सीजन सिलेंडर के बराबर ऑक्सीजन तैयार होती है, जो काफी है। इनमें से 16 कांसेंट्रेटर सिस्टम जिला अस्पताल के लिए और सात सिस्टम सभी ब्लॉक में भेजे गए हैं।

Posted By: Nai Dunia News Network

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