दमोह, बनवार नईदुनिया प्रतिनिधि।

आज मकर संक्राति का पर्व है इस पर्व को मिठास के नाम से भी जाना जाता है क्योंकि घर-घर में लड्डू बनाए जाएंगे, लेकि न आज के पर्व में सबसे प्रमुख है गढ़ियाघुल्ला की मिठाई जो बुंदेलखंड की विशेष मिठाई है। आज इसका विशेष महत्व रहेगा कई प्रकार की आक्रतियों में बनी यह मिठाई आज प्रत्येक व्यक्ति के घर पर पहुंचेगी। मकर संक्राति पर्व पर आयोजित होने वाले मेले का आयोजन इस बार कोरोना संक्रमण के कारण नहीं हो पाएगा। जबकि हर मकर संक्राति पर्व पर बुंदेलखंड के प्रसिद्ध तीर्थ क्षेत्र जागेश्वरनाथ धाम बांदकपुर, जटाशंकर सहित जनपद जबेरा, रोंड़ बनवार अंचल की शून्य नदी तट पर मेला भरता था। जिसमें जिले भर से लोग मेले का आनंद उठाने पहुंचते थे, लेकि न इस साल कोरोना संक्रमण के कारण इन दोनों प्रसिद्ध स्थानों पर मेला नहीं भरेगा। सदियों बाद यह पहला मौका है जब जिले के प्रसिद्ध स्थानों पर भरने वाले मेले का संचालन नहीं हो रहा है। इस कारण स्थानीय दुकानदार और व्यवसायी भी मायूस हैं तो वहीं ग्रामीणों में भी निराशा देखी जा रही है। जिला प्रशासन की ओर से कोरोनावायरस संक्रमण के खतरे को लेकर मेले पर पाबंदी लगाई गई है। गौरतलब हो कि पिछले साल तक मकर संक्रांति के एक सप्ताह पहले से मेला को लेकर गहमागहमी शुरु हो जाती थी और दूरदराज के व्यापारी पहुंचने लगते थे, लेकि न आज वहां सन्नाटा पसरा हुआ है।

1865 में बड़े पैमाने पर पर्वों के अवसर पर जागेश्वरनाथ में मेले का आयोजन होने लगा था। सन 1969 में मेलों के आयोजन की जिम्मेदारी और व्यवस्थाएं बनाने का काम सरकार द्वारा कि या जाने लगा था। जिसमें स्थानीय लोग मेले में पहुंचते थे धीरे-धीरे इसका स्वरुप बदलता गया और पूरे बुंदेलखंड से लोगों का मेले में पहुंचना शुरु हो गया था। इसके अलावा शहर के जटाशंकर धाम में भरने वाला मेला भी नहीं भरेगा। वहीं रोंड़ गांव के महादेव घाट मेले का आयोजन कब से हो रहा है इसका तो कोई रिकॉर्ड नहीं है, लेकि न स्थानीय लोगों के अनुसार यह मेला भी काफी पुराना है। इस साल जब मकर संक्राति पर मेला नहीं भरेगा तो काफी बुरा लगेगा। मकर संक्राति हिंदू धर्म का प्रमुख त्यौहार है इस त्यौहार में पवित्र नदियों में डुबकी लगाने की परंपरा है। आज श्रद्धालु जिले के पवित्र नदियों में स्नान करेंगे और बहुत से श्रद्धालु जबलपुर जाकर मां नर्मदा में स्नान करेंगे। इसके अलावा जागेश्वरधाम में भगवान शिव के दर्शनों के लिए प्रदेश भर से श्रद्धालु पहुंचेंगे और यह क्रम सुबह से शाम तक चलता रहेगा। कोरोना संक्रमण के कारण जागेश्वरनाथ के दर्शन बाहर से ही कि ए जाएंगे गर्भ ग्रह में जाने की अनुमति नहीं है। मंदिर ट्रस्ट के महाप्रबंधक रामकृपाल पाठक ने बताया कि मकर संक्रांति पर्व पर दूर से शिवलिंग के दर्शन श्रद्धालुओ को प्राप्त होंगे गर्भगृह में प्रवेश निषेध होने के साथ जल चढ़ाने की अनुमति नहीं होगी। मेले के आयोजन पर शासन ने पहले ही प्रतिबंध लगा दिया है।

घर-घर पहुंचेगी गढ़ियाघुल्ला की मिठाई

हिंदू धर्म में सभी त्यौहार मिठास वाले हैं इसमें मकर संक्राति का पर्व भी है। इस पर्व में घरों में कई प्रकार के लड्डू बनाए जाते हैं इसके अलावा कई प्रकार के अन्य व्यंजन भी घरों में बनते हैं। आज सुबह स्नान के बाद इन लड्डुओं को खाया जाएगा। इसमें सबसे प्रमुख है गढ़ियाघुल्ला की मिठाई जो आज के त्यौहार में सबसे प्रमुख है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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